चैम्पियन बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने गुरू पूर्णिमा के अवसर पर अपने बचपन के कोच रमाकांत आचरेकर (Ramakant Achrekar) को याद करते हुए कहा कि उस व्यक्ति को हमेशा ‘एक और धन्यवाद' कहना बाकी लगता है, जिन्होंने उन्हें एक क्रिकेटर और इंसान के तौर पर तराशने में अहम भूमिका निभाई थी. आचरेकर के जीवित रहते तेंदुलकर इस दिन हर साल उनके घर जाकर आशीर्वाद लेते थे. उन्होंने इस परंपरा को जारी रखते हुए सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर उन्हें श्रृद्धांजलि दी है.
उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, 'आज यहां खड़े होकर कुछ अहसास हुआ. चाहे कितने भी साल बीत जायें, लेकिन मुझे हमेशा लगता है कि एक और धन्यवाद कहना बाकी रह गया. मुझ पर विश्वास करने, मेरा मार्गदर्शन करने और मुझे वह इंसान बनाने के लिये धन्यवाद जो आज मैं हूं. गुरूपूर्णिमा की शुभकामनायें, आचरेकर सर.'
Standing here today, I realised something. No matter how many years pass, I'll always feel like I have one more ‘thank you' left to say.
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) July 29, 2026
Thank you for believing in me, guiding me, and helping me become the person I am.
Happy Guru Purnima, Achrekar Sir. pic.twitter.com/PzgaXztl1s
भारतीय क्रिकेट के सबसे मशहूर कोच में से एक आचरेकर ने कम उम्र में ही तेंदुलकर की असाधारण प्रतिभा को पहचान लिया था और उन्हें निखारने में अहम भूमिका निभाई थे. तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने और सौ अंतरराष्ट्रीय शतक भी जड़े.
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