
विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान और स्टार प्लेयर विराट कोहली ने कहा है कि वे सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट खेलते हुए देखकर बड़े हुए हैं. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन को दिए इंटरव्यू में विराट ने सचिन के साथ अपनी पहली मुलाकात, उन्हें बेहतर बल्लेबाज बनाने में मास्टर ब्लास्टर के योगदान और तेंदुलकर की ओर से उन्हें की गई ड्रिंक की पेशकश की घटना के बारे में विस्तार से बात की है. यह इंटरव्यू ब्रिटिश समाचार पत्र 'टेलीग्राफ' में प्रकाशित हुआ है.
विराट ने वॉन को बताया है कि 12 वर्ष की उम्र में अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर को उन्होंने होटल में देखा था और वे उनसे बात करने में भी डर रहे थे. बाद में अंडर-19 टीम के न्यूजीलैंड दौर से पहले विराट सहित अन्य खिलाड़ियों से बात करने के लिए सचिन को बुलाया गया था. विराट बताते हैं, 'सचिन ने उस मौके पर क्या कहा, इसका एक शब्द भी मुझे याद नहीं है. क्योंकि मैं तो अभिभूत होकर उन्हें देखे जा रहा था. आप उन भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सकते जब आप उस शख्स को देखें जिसके कारण आपने क्रिकेट खेलना शुरू किया हो और आप उसके जैसा बननना चाहते हैं.' विराट ने बताया कि कुछ क्षण बात करने के बाद सचिन चले गए थे. इस मौके पर एकदम खामोश रहने को मैं अपना सबसे बुरा अनुभव मानता हूं.
कुछ वर्ष बाद जब विराट टीम इंडिया के सदस्य बन गए तो सचिन के सामने उन्हें जो बात कहने में सबसे मुश्किल लगी वह यह थी वे (विराट) ड्रिंक करते हैं. विराट ने बताया 'भारत में यह बात संस्कार और आदत से जुड़ी है कि आप अपने सीनियर्स के सामने यह स्वीकार नहीं करते कि आप ड्रिंक या पार्टीबाजी करते हैं. मैं जब बड़ा हो रहा था तो सहयोगी इस बारे में बेहद सख्त थे. सचिन ने मुझसे ड्रिंक के बारे में पूछा तो मैंने कहा कि मैं ड्रिंक नहीं करता. उन्होंने जोर डाला तो भी मैंने कहा कि मैं ड्रिंक नहीं करता. आखिरकार मैंने कहा कि मैं चार आइस क्यूब्स के साथ लाइट ड्रिंक लूंगा. इसके बाद सब कुछ आसान होता गया' (पढ़ें, विराट कोहली ने कहा-लोग समझते हैं मैं सुपरमैन हूं...)
ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं होगी कि वर्ष 2014 के इंग्लैंड दौरे के बाद विराट कोहली जब बुरे दौर से गुजर रहे थे तब सचिन ने उनकी भरपूर मदद की थी. विराट के अनुसार, इंग्लैंड दौरे में उनका औसत 13.40 का रहा था और स्विंग करती गेंदों के सामने वे 'अनाड़ी' की तरह लग रहे थे. विराट ने बताया, 'भारत लौटने के बाद मैं 10 दिन के लिए मुंबई गया, सचिन के साथ बात की और उनके साथ वक्त बिताया.सचिन ने मुझे बताया कि उन्होंने इंग्लैंड में मेरी बल्लेबाजी देखी और कुछ तकनीकी बातें बताकर इसे सुधारने में मेरी मदद की, ये बातें इस समय मेरे लिए मददगार साबित हो रही हैं.उनकी सीख थी क्रीज पर रहकर गेंद खेलते हुए कभी अनिश्चितता की स्थिति में मत रहो.'
'सचिन ने मुझे रिलेक्स रहने का महत्व बताया'
विराट ने बताया, 'इस दौर में हमारे बीच काफी बातें हुईं ये चीजें अब मेरे लिए काम आ रही हैं. जब मैंने उनसे मैच की पूर्व तैयारी के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे मानसिक रूप से शांतचित्त (रिलेक्स) रहने के महत्व के बारे में बताया. यह बात भी मेरे लिए काफी मददगार रही.
राजकोट टेस्ट को टीम इंडिया के लिए 'अलार्म बेल' माना
इंग्लैंड टीम के मौजूदा दौरे के बारे में विराट ने कहा, 'राजकोट टेस्ट हमारे लिए आंखें खोलने वाला रहा. इंग्लैंड ने हमें कड़ी चुनौती पेश की. हम जानते थे कि इस इंग्लैंड टीम में यह क्षमता है. पहला टेस्ट हमारे लिए अलार्म बेल की तरह था. हमारे लिहाज से यह अच्छा रहा कि सीरीज के पहले ही मैच में ऐसा हो गया. ' भारतीय कप्तान ने कहा कि हम इंग्लैंड को आसानी से लेने का जोखिम नहीं उठा सकते. यदि कोई मौका मिलता है तो हमें इसका भरपूर लाभ लेना होगा, विशाखापट्टन के दूसरे टेस्ट में हमने टीम ऐसा ही किया. हमने हासिल अवसर का पूरा लाभ उठाया और वह परिणाम हासिल किए, जो हम चाहते थे. हम आगे के मैचों में भी इसी तरह फोकस रहना चाहते हैं..
विराट ने वॉन को बताया है कि 12 वर्ष की उम्र में अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर को उन्होंने होटल में देखा था और वे उनसे बात करने में भी डर रहे थे. बाद में अंडर-19 टीम के न्यूजीलैंड दौर से पहले विराट सहित अन्य खिलाड़ियों से बात करने के लिए सचिन को बुलाया गया था. विराट बताते हैं, 'सचिन ने उस मौके पर क्या कहा, इसका एक शब्द भी मुझे याद नहीं है. क्योंकि मैं तो अभिभूत होकर उन्हें देखे जा रहा था. आप उन भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सकते जब आप उस शख्स को देखें जिसके कारण आपने क्रिकेट खेलना शुरू किया हो और आप उसके जैसा बननना चाहते हैं.' विराट ने बताया कि कुछ क्षण बात करने के बाद सचिन चले गए थे. इस मौके पर एकदम खामोश रहने को मैं अपना सबसे बुरा अनुभव मानता हूं.
कुछ वर्ष बाद जब विराट टीम इंडिया के सदस्य बन गए तो सचिन के सामने उन्हें जो बात कहने में सबसे मुश्किल लगी वह यह थी वे (विराट) ड्रिंक करते हैं. विराट ने बताया 'भारत में यह बात संस्कार और आदत से जुड़ी है कि आप अपने सीनियर्स के सामने यह स्वीकार नहीं करते कि आप ड्रिंक या पार्टीबाजी करते हैं. मैं जब बड़ा हो रहा था तो सहयोगी इस बारे में बेहद सख्त थे. सचिन ने मुझसे ड्रिंक के बारे में पूछा तो मैंने कहा कि मैं ड्रिंक नहीं करता. उन्होंने जोर डाला तो भी मैंने कहा कि मैं ड्रिंक नहीं करता. आखिरकार मैंने कहा कि मैं चार आइस क्यूब्स के साथ लाइट ड्रिंक लूंगा. इसके बाद सब कुछ आसान होता गया' (पढ़ें, विराट कोहली ने कहा-लोग समझते हैं मैं सुपरमैन हूं...)
ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं होगी कि वर्ष 2014 के इंग्लैंड दौरे के बाद विराट कोहली जब बुरे दौर से गुजर रहे थे तब सचिन ने उनकी भरपूर मदद की थी. विराट के अनुसार, इंग्लैंड दौरे में उनका औसत 13.40 का रहा था और स्विंग करती गेंदों के सामने वे 'अनाड़ी' की तरह लग रहे थे. विराट ने बताया, 'भारत लौटने के बाद मैं 10 दिन के लिए मुंबई गया, सचिन के साथ बात की और उनके साथ वक्त बिताया.सचिन ने मुझे बताया कि उन्होंने इंग्लैंड में मेरी बल्लेबाजी देखी और कुछ तकनीकी बातें बताकर इसे सुधारने में मेरी मदद की, ये बातें इस समय मेरे लिए मददगार साबित हो रही हैं.उनकी सीख थी क्रीज पर रहकर गेंद खेलते हुए कभी अनिश्चितता की स्थिति में मत रहो.'
'सचिन ने मुझे रिलेक्स रहने का महत्व बताया'
विराट ने बताया, 'इस दौर में हमारे बीच काफी बातें हुईं ये चीजें अब मेरे लिए काम आ रही हैं. जब मैंने उनसे मैच की पूर्व तैयारी के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे मानसिक रूप से शांतचित्त (रिलेक्स) रहने के महत्व के बारे में बताया. यह बात भी मेरे लिए काफी मददगार रही.
राजकोट टेस्ट को टीम इंडिया के लिए 'अलार्म बेल' माना
इंग्लैंड टीम के मौजूदा दौरे के बारे में विराट ने कहा, 'राजकोट टेस्ट हमारे लिए आंखें खोलने वाला रहा. इंग्लैंड ने हमें कड़ी चुनौती पेश की. हम जानते थे कि इस इंग्लैंड टीम में यह क्षमता है. पहला टेस्ट हमारे लिए अलार्म बेल की तरह था. हमारे लिहाज से यह अच्छा रहा कि सीरीज के पहले ही मैच में ऐसा हो गया. ' भारतीय कप्तान ने कहा कि हम इंग्लैंड को आसानी से लेने का जोखिम नहीं उठा सकते. यदि कोई मौका मिलता है तो हमें इसका भरपूर लाभ लेना होगा, विशाखापट्टन के दूसरे टेस्ट में हमने टीम ऐसा ही किया. हमने हासिल अवसर का पूरा लाभ उठाया और वह परिणाम हासिल किए, जो हम चाहते थे. हम आगे के मैचों में भी इसी तरह फोकस रहना चाहते हैं..
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