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रोहित का ' रोडमैप' आज होगा तैयार, क्यों "मिशन 2027 प्लान" में नहीं रखना चाहते हेड कोच गंभीर? डिटेल जानें

यूं तो बीसीसीआई की रिव्यू मीटिंग में एजेंडा पिछले दिनों आयरलैंड और इंग्लैंड में मिली हार है, लेकिन इसके पीछे कई बड़े मुद्दों पर गंभीर, अगरकर और वीवीएस लक्ष्मण भविष्य का खाका तैयार करेंगे

रोहित का ' रोडमैप' आज होगा तैयार, क्यों "मिशन 2027 प्लान" में  नहीं रखना  चाहते हेड कोच गंभीर? डिटेल जानें
BCCI reveiw meeting: रोहित के लिए अब राह आसान नहीं है
source: social Media

Rohit Sharma's roadmap for the World Cup 2027: क्या रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के वनडे फॉर्मेट से भी  संन्यास की उल्टी गिनती शुरू हो गई है? क्या "मुंबई का राजा' साल 2027 विश्व कप की प्लानिंग से बाहर हो जाएगा? आखिर दमदार प्रदर्शन के बावजूद भी क्यों रोहित को टीम में नहीं चाहते होड कोच गौतम गंभीर? जी हां, आज जब मुंबई में कुछ महीने पहले आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे में टी20 में हुई शर्मनाक हार की BCCI समीक्षा करने जा रहा है, तो कुछ ऐसे ही बड़े सवाल भी रोहित के करोड़ों  चाहने वाले और भारतीय फैंस के मन में चल रहे हैं. मीटिंग का एजेंडा और रोहित शर्मा दो अलग-अलग विषय हैं, लेकिन इसी बैठक में गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर 'मिशन 2027' यानी अगले साल तीन देशों में खेले जाने वाले फिफ्टी-फिफ्टी विश्व की प्लानिंग के बारे में भी बात करेंगे. और प्लान का शुरुआती फेस एक बड़ा विषय मेगा टूर्नामेंट में सीनियरों की भागीदारी को लेकर है. 

यूं तो रोहित के अलावा प्लानिंग में केएल राहुल, रवींद्र जडेजा, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह को लेकर भी चर्चा होगी, लेकिन पूर्व कप्तान रोहित फैंस के बीच हॉट टॉपिक बने हुए हैं. और वजह है जब रोहित ने खुद विश्व कप खेलने की इच्छा जाहिर की है, जब रोहित लगातार परफॉर्म कर टीम को जिताने में योगदान दे रहे हैं, तो सवाल यह है कि आखिर फिर गंभीर पूर्व कप्तान को प्लानिंग का हिस्सा क्यों नहीं बनाना चाहते या क्यों उन्हें विश्व कप टीम में जगह नहीं देने के मूड में हैं? चलिए आप  इन 5 बड़ी वजहों से यह समझिए

1. भविष्य की प्लानिंग में फिट नहीं

कोई भी कोच या प्रबंधन (कोच के अलावा कप्तान, उप-कप्तान) भविष्य की प्लानिंग करते हैं,  तो कम से कम अगले 2-3 साल का खाका तैयार करते हैं. और रोहित  इसमें फिट बैठते दिखाई नहीं पड़ रहे. रोहित अगले साल विश्व कप के समय 41 साल के हो जाएंगे. और उम्र का यही वह बड़ा पहलू है, जिसके कारण रोहित सवालों के घेरे में है. चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और गंभीर अगर रोहित को प्लानिंग से बाहर रखने पर अड़े हैं तो उनका यही मानना है कि सिर्फ और सिर्फ विश्व कप खेलने के लिए ही रोहित टीम में नहीं हो सकते. और वह आगे की प्लानिंग में फिट नहीं हैं  

2. फिटनेस, फील्डिंग भी मानक और...

गंभीर और अगरकर का एक तर्क यह भी है कि जब रोहित विश्व कप के समय उम्र के 42वें साल में चल रहे होंगे, तो पहले से ही अपनी फिटनेस और फील्डिंग को लेकर सवालों में रहने वाले रोहित तब जरूरी मानक पर कितने फिट रह पाएंगे? इस बात की क्या गारंटी है कि रोहित तब निरंतरता के साथ तब 'जरूरी मानक' रखने में बरकरार रह पाएंगे, जब अब BCCI ने खिलाड़ियों के फिटनेस टेस्ट के मानक को भी पिछले दिनों और मुश्किल बना दिया है. वहीं, फैंस का भी यह सवाल है कि  विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका की तेज पिचों पर 41 की उम्र में रोहित के रिफ्लेक्सेस (बैटिंग में शरीर की प्रतिक्रिया) यहां की पिचों के हिसाब से हो पाएगा? 

3. जायसवाल का बहुत ज्यादा नुकसान

गंभीर सहित चीफ सेलेक्टर ने हालिया समय में कई मौकों पर यह बात कही है कि लेफ्टी ओपनर यशस्वी जायसवाल का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है.

साल 2023 में टेस्ट करियर का आगाज करने के बाद से लेकर टेस्ट फॉर्मेट में बेहतर करने वाले जायसवाल अगर करीब तीन साल में सिर्फ 6 ही वनडे खेले हैं. और यह बताने के लिए काफी है कि यह बात किसी हकदार खिलाड़ी के हौसले और मनोबल पर चोट पहुंचाने के लिए काफी है. सभी ने एक सुर में यह माना है कि जायवाल को खासा नुकसान हुआ है

. और अब जबकि वह भविष्य के ओपनर हैं, तो गंभीर एंड कंपनी चाहती है कि इस बल्लेबाज को मेगा इवेंट में न केवल  खिलाया जाए, बल्कि उससे पहले जरूरी अनुभव भी दिया जाए. 

4. जरूरी मैच प्रैक्टिस की कमी

रोहित टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से अलग हो चुके हैं.  इस समय एक ही फॉर्मेट में खेलने के कारण रोहित अच्छे खासे अंतराल बाद भारत के लिए खेलते हैं क्योंकि वनडे बहुत कम हो रहे हैं. ऐसे में रोहित के पास पर्याप्त मैच प्रैक्टिस नहीं रहती.यह सही है कि हालिया वनडे मैचों में पूर्व कप्तान ने अच्छी पारियां खेली हैं. लेकिन अब  जब भारतीय प्रबंधन विश्व कप की तैयारियों के लिए बचे मैचों में और भी युवाओं को परखना चाहता है, तो पहले से ही मैच प्रैक्टिस के अभाव के कारण रोहित के लिए और भी मुश्किल होगी. ऐसे में हर बार भारतीय प्रबंधन रोहित को हर बार सिर्फ और सिर्फ नेट प्रैक्टिस के आधार पर टीम इंडिया में जगह देने पर खुद को दोराहे पर खड़ा पा रहा है. 

5.  विदेशी पिचों पर प्रदर्शन को लेकर सवाल?

अगले साल विश्व कप में रोहित को प्लानिंग से बाहर रखने के पीछे की एक और बड़ी वजह विदेशी पिच पर रोहित का उतना प्रभावी न होना रहा है. देखा गया है कि उछाल भरी पिचों और सीम और स्विंग के सामने रोहित उपमहाद्वीप जैसे दमदार नहीं ही दिखे हैं. जहां घर में उनका औसत 103 मैचों में 55.5 का है, तो विदेशी जमीं पर यह 121 मैचों में 41.63 ही रह जाता है. विश्व कप के आयोजन के एक देश दक्षिण अफ्रीका में रोहित का औसत 14 वनडे में सिर्फ 19.69 का है, जो गंभीर और अगरकर को एक बड़ी वजह दे रहा है. 

F & Q: Frequently Asked Questions

1. BCCI की बैठक में रोहित शर्मा और 'मिशन 2027' को लेकर क्या चर्चा हो रही है?

उत्तर: BCCI की समीक्षा बैठक में आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की हार के विश्लेषण के साथ-साथ हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर 'मिशन 2027' (वनडे विश्व कप) का रोडमैप तैयार कर रहे हैं. इस बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी मेगा टूर्नामेंट के लिए सीनियर खिलाड़ियों की भागीदारी और टीम के भविष्य का खाका तय करना है.

2. गौतम गंभीर 2027 विश्व कप की योजना में रोहित शर्मा को शामिल करने से क्यों कतरा रहे हैं?

उत्तर: इसके पीछे सबसे बड़ी वजह उम्र और भविष्य की योजना है. 2027 विश्व कप के समय रोहित शर्मा 41 वर्ष के हो जाएंगे. कोच और चयनकर्ताओं का मानना है कि सिर्फ एक टूर्नामेंट खेलने के लिए किसी खिलाड़ी को लंबे समय तक टीम में बनाए रखना भविष्य के पुनर्गठन  के अनुकूल नहीं है.

3. उम्र के अलावा रोहित शर्मा की फिटनेस और रिफ्लेक्सेस पर क्या सवाल उठ रहे हैं?

उत्तर: उम्र बढ़ने के साथ दक्षिण अफ्रीका की तेज और उछालभरी पिचों पर बैटिंग रिफ्लेक्सेस (त्वरित प्रतिक्रिया) कम होने का जोखिम रहता है. साथ ही, BCCI के कड़े फिटनेस और फील्डिंग मानकों को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि क्या रोहित 41-42 की उम्र में भी उन मानकों पर निरंतर खरे उतर पाएंगे

.4. रोहित शर्मा के वनडे खेलने से युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल को क्या नुकसान हो रहा है?

उत्तर: टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करने वाले यशस्वी जायसवाल ने पिछले 3 सालों में केवल 6 वनडे मैच खेले हैं. प्रबंधन का मानना है कि भविष्य के नियमित ओपनर होने के नाते जायसवाल को 2027 विश्व कप से पहले पर्याप्त अंतरराष्ट्रीय अनुभव और मौके मिलने चाहिए, जो सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण नहीं मिल पा रहे हैं.

5. दक्षिण अफ्रीका में रोहित शर्मा का रिकॉर्ड और मैच प्रैक्टिस गंभीर की चिंता का कारण क्यों है?

उत्तर: रोहित अब केवल वनडे फॉर्मेट में सक्रिय हैं, जिससे उन्हें पर्याप्त मैच प्रैक्टिस नहीं मिल पाती. इसके अलावा, विदेशी पिचों पर उनका औसत (41.63) घरेलू औसत (55.5) से कम है. विशेष रूप से विश्व कप के मेजबान देश दक्षिण अफ्रीका में उनका वनडे औसत 14 मैचों में महज 19.69 का है, जो चयनकर्ताओं के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है.

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