Ravindra Jadeja No Ball Record: टीम इंडिया श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में जीत की दहलीज पर खड़ी है, लेकिन मुकाबले के चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों की एक ऐसी गलती सामने आई, जिसने स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज करा दिया. जडेजा की नो-बॉल की संख्या अब टेस्ट क्रिकेट में साल 2021 के बाद किसी भी स्पिनर के मुकाबले सबसे ज्यादा हो गई है. कोलंबो टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में 3 और दूसरी पारी में 1 नो-बॉल फेंकी. इसके साथ ही 2021 से अब तक टेस्ट में उनकी नो-बॉल की संख्या 88 पहुंच गई है.
जडेजा के लिए यह आंकड़ा इसलिए भी चिंता बढ़ाने वाला है क्योंकि दूसरे नंबर पर मौजूद पाकिस्तान के नोमान अली के नाम 40 नो-बॉल हैं. यानी जडेजा इस लिस्ट में दूसरे स्थान के गेंदबाज से भी 48 नो-बॉल आगे हैं. उनके बाद लसिथ एम्बुलडेनिया 33, जैक लीच 19, जबकि जोमेल वारिकन और जहीर खान 17-17 नो-बॉल के साथ मौजूद हैं. इस पूरी सूची में सभी गेंदबाज बाएं हाथ के स्पिनर हैं.
टीम इंडिया भी अनचाहे रिकॉर्ड की ओर
कोलंबो टेस्ट में सिर्फ जडेजा ही नहीं, भारतीय स्पिन अटैक की नो-बॉल ने भी चिंता बढ़ाई है. इस मैच में भारतीय स्पिनरों की नो-बॉल की संख्या अब तक 10 पहुंच चुकी है. टेस्ट क्रिकेट में 2021 के बाद किसी एक मैच में स्पिन अटैक की सबसे ज्यादा नो-बॉल का रिकॉर्ड 15 है, जो अफगानिस्तान और बांग्लादेश के बीच 2023 में मीरपुर टेस्ट में बना था. इसके बाद भारत और इंग्लैंड के बीच चेन्नई में 2021 में स्पिन अटैक ने 14 नो-बॉल फेंकी थीं. ऐसे में भारत अब इस अनचाहे रिकॉर्ड की बराबरी से सिर्फ 4 नो-बॉल दूर है.
इस लिस्ट में श्रीलंका और वेस्टइंडीज के बीच नॉर्थ साउंड टेस्ट 2021 में 9 नो-बॉल और भारत-न्यूजीलैंड के मुंबई टेस्ट 2024 में भी स्पिन अटैक की 9 नो-बॉल शामिल हैं. यानी कोलंबो टेस्ट की 10 नो-बॉल पहले ही इस मामले में टेस्ट क्रिकेट के टॉप रिकॉर्ड्स में जगह बना चुकी हैं.
टीम इंडिया की गेंदबाजी पर उठे सवाल
दरअसल, नो-बॉल क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में सिर्फ एक अतिरिक्त रन का मामला नहीं होती. इससे बल्लेबाज को कॉन्फिडेंस मिलता है और एक ही गेंद खेलने का अतिरिक्त मौका भी मिल सकता है और कई बार गेंदबाज के हाथ से निकली अहम गेंद का फायदा भी विपक्षी टीम को मिल जाता है. ऐसे में जडेजा का 88 नो-बॉल तक पहुंचना निश्चित तौर पर टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय है. खासकर तब, जब वह टीम के सबसे अनुभवी स्पिन गेंदबाजों में शामिल हैं.
भारतीय टीम के बॉलिंग स्टाफ में मोर्ने मोर्कल (फास्ट बॉलिंग कोच) और साईराज बहुतुले (स्पिन बॉलिंग कोच) हैं. बहुतुले श्रीलंकाई पिचों को ध्यान में रखते हुए स्पिन विभाग कमान संभाल रहे हैं. कोलंबो टेस्ट में भारत के पास जीत का शानदार मौका है, लेकिन ऐसी गलतियां मैच को अनावश्यक रूप से लंबा खींच सकती हैं.
2021 के बाद से टेस्ट में स्पिन अटैक द्वारा फेंकी गई सबसे ज़्यादा नो-बॉल
- 15- अफगानिस्तान बनाम बांग्लादेश, मीरपुर, 2023
- 14- भारत बनाम इंग्लैंड, चेन्नई, 2021
- 10*- भारत बनाम श्रीलंका, कोलंबो SSC, 2026
- 9- श्रीलंका बनाम वेस्टइंडीज, नॉर्थ साउंड, 2021
- 9- भारत बनाम न्यूजीलैंड, मुंबई WS, 2024
2021 के बाद से टेस्ट में स्पिनरों द्वारा सबसे ज़्यादा नो-बॉल
- 88*- रवींद्र जडेजा
- 40- नोमान अली
- 33- लसिथ एम्बुलडेनिया
- 19- जैक लीच
- 17- जोमेल वारिकन
- 17- ज़हीर खान
- (सभी बाएं हाथ के स्पिनर)
जीत से 4 विकेट दूर टीम इंडिया
मैच की बात करें तो भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 पर घोषित की थी. जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 290 रन पर सिमट गई और भारत को 213 रन की बढ़त मिली. इसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका को फॉलोऑन दिया. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने दूसरी पारी में 6 विकेट पर 229 रन बना लिए हैं और उसके पास सिर्फ 16 रन की बढ़त है.
भारत की ओर से मानव सुथार दूसरी पारी में 2 विकेट ले चुके हैं, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, सारांश जैन और रवींद्र जडेजा को 1-1 सफलता मिली है. बारिश के कारण चौथे दिन का खेल जल्दी खत्म हुआ. अब भारत को अंतिम दिन श्रीलंका के बाकी 4 विकेट जल्द निकालकर जीत दर्ज करने का मौका मिलेगा.
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