पार्ल:
मोर्ने मोर्कल की अगुवाई वाले तेज गेंदबाजी आक्रमण के सामने श्रीलंका की टीम कल यहां अपने न्यूनतम स्कोर 43 रन पर ढेर हो गई जिससे दक्षिण अफ्रीका पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में 258 रन की बड़ी जीत दर्ज करने में सफल रहा।
दक्षिण अफ्रीका ने हाशिम अमला (112) के शतक तथा जाक कैलिस (72) और कप्तान एबी डिविलियर्स (52) के अर्धशतकों की मदद से आठ विकेट पर 301 रन बनाए लेकिन श्रीलंका की टीम इसके जवाब में 20.1 ओवर में 43 रन पर सिमट गई।
श्रीलंका का केवल एक बल्लेबाज कौशल कुलशेखरा (19) दोहरे अंक में पहुंचा। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से मोर्कल ने दस रन देकर चार विकेट लिए और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। लोनवाबो सोतसोबे ने 19 रन देकर तीन जबकि रोबिन पीटरसन ने पांच रन देकर दो विकेट लिए। श्रीलंका की टीम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में नौवीं बार 100 से कम स्कोर पर आउट हुई। इससे पहले उसका न्यूनतम स्कोर 55 रन था जो उसने 1986 में वेस्टइंडीज के खिलाफ शारजाह में बनाया था। संयोग से विश्व कप 2003 में श्रीलंका ने इसी मैदान पर कनाडा को 36 रन पर समेटा था।
यही नहीं श्रीलंका को रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 1985 में उसे 232 रन से हराया था। दक्षिण अफ्रीका की यह रनों के लिहाज से दूसरी बड़ी जीत है। श्रीलंका पर एक समय वनडे में सबसे कम स्कोर पर आउट होने का खतरा मंडरा रहा था। उसके चोटी के पांच बल्लेबाज तब पवेलियन लौट गये थे जबकि टीम का स्कोर केवल नौ रन था। कुलशेखरा ने लगभग सवा घंटे तक क्रीज पर टिककर कुछ रन जुटाये जिससे श्रीलंकाई टीम जिम्बाब्वे के वनडे में न्यूनतम स्कोर (35 रन) को पार कर पाई।
दक्षिण अफ्रीका ने हाशिम अमला (112) के शतक तथा जाक कैलिस (72) और कप्तान एबी डिविलियर्स (52) के अर्धशतकों की मदद से आठ विकेट पर 301 रन बनाए लेकिन श्रीलंका की टीम इसके जवाब में 20.1 ओवर में 43 रन पर सिमट गई।
श्रीलंका का केवल एक बल्लेबाज कौशल कुलशेखरा (19) दोहरे अंक में पहुंचा। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से मोर्कल ने दस रन देकर चार विकेट लिए और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। लोनवाबो सोतसोबे ने 19 रन देकर तीन जबकि रोबिन पीटरसन ने पांच रन देकर दो विकेट लिए। श्रीलंका की टीम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में नौवीं बार 100 से कम स्कोर पर आउट हुई। इससे पहले उसका न्यूनतम स्कोर 55 रन था जो उसने 1986 में वेस्टइंडीज के खिलाफ शारजाह में बनाया था। संयोग से विश्व कप 2003 में श्रीलंका ने इसी मैदान पर कनाडा को 36 रन पर समेटा था।
यही नहीं श्रीलंका को रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 1985 में उसे 232 रन से हराया था। दक्षिण अफ्रीका की यह रनों के लिहाज से दूसरी बड़ी जीत है। श्रीलंका पर एक समय वनडे में सबसे कम स्कोर पर आउट होने का खतरा मंडरा रहा था। उसके चोटी के पांच बल्लेबाज तब पवेलियन लौट गये थे जबकि टीम का स्कोर केवल नौ रन था। कुलशेखरा ने लगभग सवा घंटे तक क्रीज पर टिककर कुछ रन जुटाये जिससे श्रीलंकाई टीम जिम्बाब्वे के वनडे में न्यूनतम स्कोर (35 रन) को पार कर पाई।
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Sri Lanka Vs South Africa, Sri Lanka 43 All Out, श्रीलंका बनाम साउथ अफ्रीका, श्रीलंका 43 रन पर ऑल आउट