S badrinath blames to Gambhir and compnay: एक तरफ टीम इंडिया श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज की बड़ी लड़ाई लड़ने जा रही है, तो दूसरी तरफ भारतीय खिलाड़ियों का लगातार चोटिल होना चर्चा में बना हुआ है. हाल-फिलहाल में एक के बाद एक करीब 9-10 खिलाड़ी चोटिल हुए. और बात यहां तक पहुंच गई है कि BCCI ने पत्रकारों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आने न्योता भेजकर सफाई देनी पड़ी. लेकिन ऐसे सवाल अभी भी हैं कि पिछले डेढ़ साल से हेड ऑफ स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसन का पद क्यों खाली है? बहरहाल, पूर्व दिग्गज लगातार सवाल उठा रहे हैं. और अब पूर्व बल्लेबाज एस. बद्रीनाथ ने सीज़न के बाकी हिस्से के महत्वपूर्ण चरण से पहले जसप्रीत बुमराह की स्थिति के खराब प्रबंधन के लिए भारतीय टीम प्रबंधन की जमकर आलोचना की.
बद्रीनाथ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा,'मुझे नहीं पता कि यह फैसला किसने लिया. सीओई (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) चयन तो नहीं करेगा, है ना? वे केवल यह बताएंगे कि खिलाड़ी किस स्थिति में है, वे कौन से मैच खेल सकता है और उसका शरीर किस स्थिति में है. लेकिन मुझे लगता है कि कप्तान, कोच और चयनकर्ता मिलकर फैसला ले रहे हैं. सीओई केवल जानकारी पहुंचाता है, वे चयनकर्ता नहीं हैं.'
बद्रीनाथ ने आगे कहा, 'इतनी सारी चोटों के मूल कारण का मेरे पास कोई त्वरित जवाब नहीं है. यह देखना महत्वपूर्ण है कि ये किस तरह की चोटें हैं. उच्च स्तरीय पेशेवर खेल में चोटें लगना आम बात है. साई सुदर्शन को गेंद लगी, बुमराह के मामले में अत्यधिक इस्तेमाल (ओवरयूज) के कारण यह एक पुरानी (क्रोनिक) चोट है और फिटनेस सुंदर का मजबूत पक्ष नहीं है. उन्हें आसानी से चोट लग जाती है. उनकी फिटनेस पर बहुत काम करने की जरूरत है. प्रबंधन और निगरानी बहुत महत्वपूर्ण है. चोटें लगना स्वाभाविक है और आप इसे नियंत्रित नहीं कर सकते.'
किसने बढ़ाया बुमराह का वर्कलोड?
इस साल के अंत में टी20 विश्व कप में घुटने में हल्की समस्या (निगल) के साथ खेलने के बाद मुंबई इंडियंस के मुख्य कोच महेला जयवर्धने ने खुलासा किया था कि बुमराह को अपने कार्यभार (वर्कलोड) को धीरे-धीरे बढ़ाना था. लेकिन उन का भार बढ़ाया गया, तो परिणाम सामने है. सवाल यह है कि भार किसने बढ़ाया? बुमराह को खिलाया गया, तो आईपीएल के बाद, अफगानिस्तान श्रृंखला और आयरलैंड व इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों से आराम दिए जाने के बावजूद, कार्डिफ में चोट लगने के बाद घुटने की समस्या दोबारा उभर आई.
बुमराह, जिन्हें शुरुआत में 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया था, को पिछले सप्ताह टीम से बाहर कर दिया गया क्योंकि वे अपनी उस चोट से उबरने में विफल रहे जो पिछले महीने इंग्लैंड में वनडे श्रृंखला के दौरान और बढ़ गई थी.जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को उनकी जगह टीम में शामिल किया गया है. इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स में अंतिम वनडे से पहले बुमराह के बाएं घुटने में सूजन और चोट (इम्पैक्ट इंजरी) के कारण वे बाहर हो गए थे.
राणा और रेड्डी भी हुए चोटिल, कौन जिम्मेदार
बुमराह के अलावा, भारत को श्रृंखला से पहले ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी, तेज गेंदबाज हर्षित राणा और स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर की चोटों के कारण भी सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं. बद्रीनाथ की बात सही है कि राणा और रेड्डी को खिलाने का फैसला COE का तो नहीं हो सकता. ऐसे में जवाबदेही तो कोच और मैनेजमेंट की बनती ही है. हाल ही में बाएं हाथ के बल्लेबाज साई सुदर्शन भी फिटनेस क्लियरेंस हासिल करने में विफल रहे, जिसके कारण सरफराज खान की टेस्ट टीम में वापसी हुई है.
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