श्रीलंका के पूर्व ऑलराउंडर फरवीज महरूफ का मानना है कि जसप्रीत बुमराह की गैर-मौजूदगी में नए तेज गेंदबाज गुरनूर बरार 'एक्स-फैक्टर' साबित हो सकते हैं. उनका कहना है कि शनिवार से गाले में शुरू होने वाली श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ में वह इस 26 वर्षीय खिलाड़ी को टेस्ट डेब्यू का मौका देने के बारे में सोचेंगे. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज़ में हार के बाद दबाव में चल रही भारतीय टीम (जो रैंकिंग में पांचवें स्थान पर है) को श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में अपने मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की कमी खलेगी.
तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभालने की उम्मीद है, लेकिन इस बात पर अटकलें हैं कि क्या अनुभवहीन बरार को टेस्ट डेब्यू का मौका मिल सकता है, और क्या वह प्रसिद्ध कृष्णा की जगह लेंगे, जिन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ पिछला टेस्ट खेला था.
सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क द्वारा आयोजित एक वर्चुअल मीडिया बातचीत के दौरान पीटीआई के एक सवाल का जवाब देते हुए महरूफ ने कहा, "खासकर पुरानी गेंद से रिवर्स-स्विंग कराने की क्षमता बुमराह की खासियत है, और भारत को इसकी बहुत कमी खलेगी." "मुझे लगता है कि यहीं पर उनमें विकेट लेने की क्षमता की कुछ कमी हो सकती है. मोहम्मद सिराज एक अच्छे गेंदबाज हैं, और उनका पूरा सम्मान करते हुए कहूंगा कि जब आप दोनों तेज गेंदबाज़ों की तुलना करते हैं, तो थोड़ा अंतर जरूर होता है."
बरार को डेब्यू का मौका
साथ ही, पूर्व तेज गेंदबाज-ऑलराउंडर ने कहा कि वह बरार को डेब्यू का मौका देने के बारे में "सोचेंगे", खासकर पंजाब के इस लंबे-कद के तेज़ गेंदबाज की तेज गति, उछाल और आक्रामक रवैये को देखते हुए; खासकर जिस तरह से उन्होंने वार्म-अप मैच के दौरान टेस्ट टीम के कई बल्लेबाज़ों को परेशान किया था. महरूफ ने कहा, "मुझे गुरनूर बरार बहुत पसंद हैं. मुझे लगता है कि वह 'एक्स-फैक्टर' साबित हो सकते हैं. उनमें उछाल, गति और लड़ने का जज़्बा है. वह खतरनाक साबित हो सकते हैं."
"अगर आपने वार्म-अप मैच देखा हो, तो टेस्ट टीम में शामिल बल्लेबाज़ों के खिलाफ़ उनकी कुछ गेंदों ने उन्हें काफी असहज कर दिया था, और उन्होंने कुछ खिलाड़ियों के शरीर पर गेंद भी मारी थी." "अगर मैं भारतीय टीम प्रबंधन का हिस्सा होता, तो मैं गुरनूर को मौका देने के बारे में जरूर सोचता. मुझे पता है कि उन्होंने भारत के लिए सिर्फ व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेला है, लेकिन वह 'एक्स-फैक्टर' लेकर आते हैं." "जब आप किसी बल्लेबाज की लय तोड़ना चाहते हैं, तो वह थोड़े समय के लिए खतरनाक हथियार साबित हो सकते हैं."
पंजाब के इस लंबे-कद के तेज गेंदबाज को टेस्ट टीम में तब चुना गया था, जब उन्होंने बहुत कम फर्स्ट-क्लास मैच खेले थे और IPL का अनुभव भी सीमित था. इसके बाद 26 साल के बरार ने अफगानिस्तान के खिलाफ़ अपना वनडे डेब्यू किया और छह मैचों में 11 विकेट लिए. बरार पिछले महीने श्रीलंका के दौरे पर गई इंडिया A टीम का भी हिस्सा थे, जहाँ उन्होंने गाले में खेले गए पहले मैच में 10 विकेट लिए थे.
तीसरे स्पिनर के तौर पर सुथार
महारूफ का कहना है कि भारत को अब रिटायर हो चुके रविचंद्रन अश्विन और चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की कमी खलेगी (सुंदर पहले टेस्ट से बाहर हैं), क्योंकि श्रीलंका की पिचों पर स्पिनरों को सिर्फ़ टर्न ही नहीं, बल्कि अक्सर उछाल भी मिलता है.
हालांकि रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव की जोड़ी पहली पसंद के स्पिनर होंगे, लेकिन तीसरे स्पिनर की जगह को लेकर बहस चल रही है. भारत के पास युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार हैं, जिन्होंने अफ़गानिस्तान के खिलाफ़ अपने डेब्यू मैच में सात विकेट लिए थे. वहीं, 31 साल के ऑफ-स्पिनर सारांश जैन भी हैं, जिन्होंने इंडिया A के साथ श्रीलंका का दौरा किया था; उन्होंने सात विकेट लिए और नंबर 7 पर बल्लेबाज़ी करते हुए नाबाद 70 रन भी बनाए.
लेकिन महारूफ को लगता है कि सुथार को प्राथमिकता मिलनी चाहिए क्योंकि उनमें उछाल पैदा करने की काबिलियत है, भले ही इसका मतलब यह हो कि भारत तीन बाएं हाथ के स्पिनरों को मैदान पर उतारे.
"अगर आप मुझसे पूछें, तो मैं दो बाएं हाथ के स्पिनरों और कुलदीप यादव के साथ जाना पसंद करूंगा. गाले में खेलने के लिए कुलदीप सबसे आगे हैं, खासकर उनके रिकॉर्ड और अफ़गानिस्तान के खिलाफ़ पिछले टेस्ट में लिए गए विकेटों को देखते हुए." "मुझे भारत के लिए तीन स्पिनर दिख रहे हैं: जडेजा, कुलदीप यादव और सुथार या जैन में से कोई एक. वैसे तो वेरिएशन के लिए एक ऑफ-स्पिनर बेहतर रहता, लेकिन अगर मानव सुथार खेलते हैं तो मुझे हैरानी नहीं होगी, क्योंकि पिच से बाउंस हासिल करने की उनकी काबिलियत गाले में बहुत काम आ सकती है.
"कुल मिलाकर, भारत की बॉलिंग लाइन-अप काफी मज़बूत है, जिसमें दो सीमर और तीन स्पिनर हैं." भारत के आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत भले ही अभी संघर्ष कर रहे हों, लेकिन महरूफ को लगता है कि वह खतरनाक साबित हो सकते हैं और अपने अनोखे अंदाज़ से मैच का पासा पलट सकते हैं.
ऋषभ पंत को लेकर बहुत चिंतित
कोलंबो में खेले गए वॉर्म-अप मैच में, जिसे भारत ने छह विकेट से जीता, पंत 2 और 28 रन पर आउट हो गए थे. "अगर मैं श्रीलंकाई ड्रेसिंग रूम में होता, तो ऋषभ पंत को लेकर बहुत चिंतित होता. वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो आधे या 45 मिनट में ही मैच का रुख पूरी तरह बदल सकते हैं.
"हमने उन्हें पहले भी ऐसा करते देखा है. उनमें 'एक्स-फैक्टर' है और उन्हें अपना स्वाभाविक खेल खेलने की छूट मिली हुई है. उन्हें काफी लेफ्ट-आर्म स्पिन और ऑफ-स्पिन का सामना करना पड़ेगा. "श्रीलंका निश्चित रूप से दो मुख्य स्पिनरों और दो पार्ट-टाइम स्पिनरों के साथ उतरेगा, लेकिन पंत जिस तरह से अपने अनोखे अंदाज़ में रन बनाते हैं, वह खतरनाक साबित होंगे."
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं