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राजेश खन्ना से सलमान तक, वो मनहूस टाइटल जिस पर 3 बार बनी फिल्में, हर सुपरस्टार को दिया झटका, भंसाली भी नहीं बदल पाए किस्मत

एक ही नाम से तीन अलग-अलग दौर में फिल्में बनीं और हर बार बड़े सितारों पर दांव लगाया गया. लेकिन राजेश खन्ना से लेकर सलमान खान और प्रभु देवा तक कोई भी इस टाइटल की बॉक्स ऑफिस किस्मत नहीं बदल सका.

राजेश खन्ना से सलमान तक, वो मनहूस टाइटल जिस पर 3 बार बनी फिल्में, हर सुपरस्टार को दिया झटका, भंसाली भी नहीं बदल पाए किस्मत
वो मनहूस टाइटल, जिस पर एक ही नाम से 3 बार बनी फिल्में

बॉलीवुड में कुछ फिल्मी टाइटल ऐसे होते हैं, जिन्हें देखकर ही कहानी को लेकर दिलचस्पी बढ़ जाती है. लेकिन एक नाम ऐसा भी है, जिस पर मेकर्स ने तीन अलग-अलग दौर में दांव लगाया. खास बात ये रही कि हर बार फिल्म में बड़े सितारे नजर आए और मेकर्स को उम्मीद थी कि ये नाम दर्शकों के बीच जरूर चलेगा. मगर तीनों बार नतीजा उम्मीद के उलट रहा. पहली बार राजेश खन्ना और वहीदा रहमान जैसे सितारे आए, दूसरी बार सलमान खान और मनीषा कोइराला ने कमान संभाली और तीसरी बार प्रभु देवा और तमन्ना भाटिया नजर आए. फिर भी तीनों फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर निराशा मिली.

1969 में पहली बार बनी 'खामोशी'

साल 1969 में असित सेन ने 'खामोशी' नाम से पहली फिल्म बनाई. इसमें वहीदा रहमान और राजेश खन्ना लीड रोल में थे. फिल्म की कहानी एक नर्स और उसके मरीज के बीच बनने वाले भावनात्मक रिश्ते के आसपास घूमती थी. उस दौर में राजेश खन्ना तेजी से बड़े स्टार बन रहे थे, जबकि वहीदा रहमान पहले से ही जानी-मानी एक्ट्रेस थीं. दोनों की मौजूदगी के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट नहीं बन पाई.

1996 में फिर 'खामोशी' पर लगा दांव

करीब 27 साल बाद साल 1996 में इसी नाम से एक और फिल्म बनाई गई. इस बार संजय लीला भंसाली ने डायरेक्शन संभाला और सलमान खान तथा मनीषा कोइराला को लीड रोल में लिया. फिल्म में नाना पाटेकर भी अहम किरदार में नजर आए. स्टारकास्ट मजबूत थी और फिल्म से काफी उम्मीदें थीं. लेकिन रिलीज के बाद दर्शकों का वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई.

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2019 में तीसरी बार लौटा 'खामोशी'

साल 2019 में मेकर्स ने तीसरी बार इसी नाम को पर्दे पर उतारा. इस फिल्म में प्रभु देवा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में थे. चक्री टोलेटी ने फिल्म का निर्देशन किया था. ये एक थ्रिलर कहानी थी, जिसमें तमन्ना का किरदार एक रहस्यमय स्थिति में फंस जाता है. फिल्म में प्रभु देवा भी अहम भूमिका में नजर आए. कहानी से उम्मीदें थीं, लेकिन रिलीज के बाद इसे दर्शकों की तरफ से खास प्रतिक्रिया नहीं मिली और कमजोर बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन के चलते फिल्म डिजास्टर साबित हुई.

तीन बार आया नाम, लेकिन नहीं बदली किस्मत

'खामोशी' की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि तीनों फिल्मों का दौर अलग था और हर बार स्टारकास्ट भी बदल गई. 1969 में राजेश खन्ना और वहीदा रहमान, 1996 में सलमान खान और मनीषा कोइराला और 2019 में प्रभु देवा और तमन्ना भाटिया नजर आए. तीनों फिल्मों ने अलग कहानी और अलग अंदाज के साथ दर्शकों तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी.

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