इंग्लैंड में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अपनी पुरुष टीम के कुछ खिलाड़ियों के फोन 'कस्टडी' में ले लिए हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार बोर्ड एक 'जांच' कर रहा है, हालांकि यह साफ नहीं है कि जांच किस बारे में है. क्रिकेट बोर्ड और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के पास किसी खिलाड़ी का मोबाइल फोन जब्त करने का अधिकार है, लेकिन ऐसा सिर्फ खास हालात में ही किया जाता है. रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के किसी आरोप या ऐसी गतिविधियों की जांच का जिक्र नहीं किया गया है.
ICC की इन अनिवार्य जांचों में डेटा निकालना, डिलीट किए गए मैसेज या बुकीज के साथ गुप्त बातचीत का पता लगाना शामिल होता है. हालांकि, यह यूनिट किसी खिलाड़ी को अपना फोन देने के लिए मजबूर नहीं कर सकती, लेकिन सहयोग करने से इनकार करना अपने आप में एक अपराध माना जाता है.
क्या रियल-टाइम संपर्क को रोकने का है प्रयास
इसके अलावा, बाहरी दुनिया से किसी भी तरह के रियल-टाइम संपर्क को रोकने के लिए मैच के दिनों में खिलाड़ियों पर डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर सख़्त पाबंदियां होती हैं. तय ड्रेसिंग रूम या डगआउट में जाने से पहले, सभी खिलाड़ी और कोच अपने पर्सनल फोन और स्मार्ट डिवाइस जमा कर देते हैं. सिर्फ कुछ खास लोगों, जैसे टीम डॉक्टर या मैनेजर को ही इमरजेंसी या लॉजिस्टिकल ज़रूरतों के लिए डिवाइस रखने की इजाज़त होती है.
यह कदम पाकिस्तान द्वारा सोमवार को अपनी टेस्ट टीम में बड़े बदलाव करने के बाद उठाया गया है. टीम ने इंग्लैंड से सात खिलाड़ियों को घर वापस भेजा और एजबेस्टन में होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले सात नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया.
अनकैप्ड खिलाड़ियों पर लगाया दांव
इमाम-उल-हक, मोहम्मद रिज़वान, सलमान अली आगा, अली उस्मान, खुर्रम शहज़ाद, आमिर जमाल और मुहम्मद अवैस ज़फ़र को टूरिंग पार्टी से हटा दिया गया, जिनमें से पहले दो खिलाड़ी पहले ही घर लौट चुके हैं. सैम अयूब और अब्दुल्ला फ़ज़ल को बुलाया गया, जबकि अनकैप्ड खिलाड़ियों - अराफ़ात मिन्हास, मोहम्मद इमरान जूनियर, साद बेग, मोहम्मद इमरान रंधावा और रज़उल्लाह - को भी टीम में शामिल किया गया.
ये बदलाव पाकिस्तान को शुरुआती दो टेस्ट मैचों में मिली करारी हार के बाद किए गए. इंग्लैंड ने लीड्स में एक पारी और 103 रनों से और लॉर्ड्स में 194 रनों से जीत हासिल की थी. पाकिस्तान अपनी चारों पारियों में से किसी में भी 200 रनों का आंकड़ा पार नहीं कर पाया था.
PCB का यह फ़ैसला इमाम की पिंडली की चोट की जांच के बीच भी आया है. बोर्ड को शक था कि यह चोट नकली हो सकती है, जिसके चलते जांच शुरू की गई. खबरों के मुताबिक, ड्रेसिंग रूम में अपने कथित बुरे असर की वजह से रिज़वान बोर्ड की नज़र में भी खटकने लगे थे.
यह उथल-पुथल सिर्फ़ खिलाड़ियों की टीम तक ही सीमित नहीं रही; हेड कोच सरफ़राज़ अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को भी घर वापस भेज दिया गया. इसके बाद, आखिरी टेस्ट के लिए टीम की कमान व्हाइट-बॉल कोच माइक हेसन को सौंप दी गई.
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