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पाकिस्तान के कलंकित तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ ने भी अपने प्रतिबंधित साथियों के नक्शेकदमों पर चलते हुए स्वीकार किया कि उन्होंने 2010 में स्पॉट फिक्सिंग की थी। उन्होंने लाहौर में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुख्य संचालन अधिकारी सुभान अहमद के सामने यह कबूलनामा
पीसीबी के शीर्ष सूत्र ने पीटीआई से कहा कि आसिफ ने अहमद से मुलाकात के दौरान कबूल किया कि वह इंग्लैंड के खिलाफ 2010 में लार्ड्स में खेले गये चौथे टेस्ट मैच के दौरान स्पॉट फिक्सिंग में लिप्त था।
सूत्र ने गुरुवार को कहा, ‘‘उसने (आसिफ) कहा कि वह अपने कृत्य से शर्मिंदा है और पिछले कई महीनों से उसका अंत:करण उसे धिक्कार रहा था लेकिन वह सचाई बयां करने से डर रहा था।’’
सूत्र ने कहा, ‘‘आसिफ ने आखिर में साहस जुटाया और अपना दोष स्वीकार किया क्योंकि वह अपना क्रिकेट करियर फिर से शुरू करना चाहता है और अपनी बची खुची प्रतिष्ठा को भी बचाए रखना चाहता है।’’
आसिफ के अलावा सलमान बट और मोहम्मद आमिर को स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में 2011 के शुरू में कम से कम पांच साल के प्रतिबंधित किया गया था। इन तीनों ने भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के लिये जेल की सजा भी भुगती।
स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के खुलासे के समय टीम के कप्तान सलमान और आमिर ने पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने गलत काम किया था। उन्होंने देशवासियों से माफी भी मांगी थी।
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