करीब एक महीने पहले जब 6 जून को श्रेयस अय्यर को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए कप्तान घोषित किया गया था तो लगा कि न केवल वो बल्कि पूरी टीम इस टूर में जबरदस्त प्रदर्शन करेगी, उस पर युवा वैभव सूर्यवंशी से भी बड़ी उम्मीदें थीं कि वो भी धूम मचाएंगे. लेकिन जिस आत्मविश्वास के साथ श्रेयस अय्यर ने ये दौरा शुरू किया था, वह अब सवालों के घेरे में है.
न बल्लेबाजों के बल्ले से रन निकल रहे हैं और न ही गेंदबाज विकेट चटका रहे हैं. टीम की फील्डिंग भी साधारण रही और कप्तानी के फैसलों पर भी लगातार चर्चाएं हो रही हैं. ऐसे में सवाल सिर्फ कप्तान श्रेयस अय्यर का नहीं है. सवाल हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति का भी है.
साढ़े सात साल बाद हारे दो लगातार सीरीज
पिछली बार अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज ने टी20 सीरीज में टीम इंडिया को हराया था. अब इंग्लैंड से हारने से पहले आयरलैंड ने दो मैचों की सीरीज को क्लीन स्वीप किया था. फरवरी 2019 में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से हारने के बाद टीम इंडिया पहली बार लगातार दो टी20 सीरीज हारी है. इन करीब साढ़े सात सालों में टीम इंडिया ने केवल दो बार टी20 सीरीज गंवाई है. जुलाई 2021 में श्रीलंका से तो अगस्त 2023 में वेस्ट इंडीज से. उसके बाद से लगातार 12 सीरीज टीम इंडिया नहीं हारी.

Photo Credit: X/Surya Kumar Yadav
छह महीने पहले सूर्या की कप्तानी में धूम मचाई थी
छह महीने पहले जब न्यूजीलैंड से पांच मैचों की सीरीज खेली थी तब 4-1 से जीत हासिल हुई थी. तब टीम ने न केवल करीब 250 से अधिक के स्कोर बनाए थे, बल्कि 200 से अधिक का स्कोर चेज भी किया था. वहीं गेंदबाज भी कीवी टीम को डेढ़ सौ के स्कोर तक ढेर करने में कामयाब हुए थे. तब कप्तानी सूर्यकुमार यादव के हाथों में थी और बुमराह, हार्दिक टीम में थे. तब ईशान किशन और शिवम दुबे के बल्ले से भी रन निकल रहे थे, जिनका बल्ला इस टूर के पूरी तरह खामोश रहा है.
सबसे बड़ी समस्या बनी बल्लेबाजी
भारतीय बल्लेबाज लगातार एक जैसी गलतियां दोहरा रहे हैं. बाउंस, स्विंग और सीम मूवमेंट के सामने टॉप ऑर्डर बिखर रहा है. बल्लेबाज या तो जरूरत से ज्यादा आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो रहे हैं या गेंद को देर तक नहीं समझ पाने पर चूक रहे हैं. टॉप ऑर्डर कई बार केवल बल्ला भांजता दिखता है.
संजय मांजरेकर कहते हैं, "भारत और इंग्लैंड के बीच एक बड़ा फर्क ये है कि उनके बल्लेबाज गेंद को अच्छे से हिट कर रहे हैं, जबकि हमारे बल्लेबाज बस जोर से बल्ला घुमा रहे हैं."
Amongst other things one big difference between India and England is that their batters are hitting we are slogging. #IndvEng
— Sanjay Manjrekar (@sanjaymanjrekar) July 8, 2026
श्रेयस 63 की औसत से ठोक रहे रन, बाकी बल्लेबाज फ्लॉप
श्रेयस अय्यर ने चौथे टी20 में 80 रन जरूर बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके. पूरी बल्लेबाजी एक खिलाड़ी पर निर्भर दिखी. यही तस्वीर आयरलैंड सीरीज में भी देखने को मिली थी. वहां कप्तान श्रेयस अय्यर का बल्ला भी खामोश रहा था. वे भले ही आयरलैंड के दो मैचों में केवल 10 रन बना सके पर इंग्लैंड के खिलाफ चार मैचों में 63 की औसत से दोनों टीमों में सबसे अधिक 190 रन बनाने वाले बल्लेबाज अय्यर ही हैं. रनों के मामले में दूसरे पायदान पर इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक (134 रन) भी उनसे 56 रन दूर हैं.
श्रेयस के बाद दूसरे पायदान पर 128 रन के साथ अभिषेक शर्मा, शिवम दूबे 71 रन के साथ तीसरे नंबर पर हैं. जो तिलक वर्मा आयरलैंड में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे, उन्होंने इंग्लैंड के 4 मैचों में केवल 51 रन बनाए हैं. तो नए नवेले वैभव सूर्यवंशी के 3 मैचों में 42 रन हैं.
श्रेयस अय्यर और अभिषेक शर्मा को छोड़कर कोई अन्य बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं जमा सका है. यानी इंग्लैंड में बल्लेबाजी पूरी तरह विफल रही है.
बेशक वैभव बहुत युवा हैं पहला अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेल रहे हैं पर अगर इतने बड़े मंच पर गलती करेंगे तो आलोचना का शिकार भी होंगे. पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने मैच की कमेंट्री के दौरान उनकी बैटिंग पर कहा, "गेंद ऑफ स्टंप के बाहर थी, छोटी थी और वैभव ने छक्का मारने की कोशिश की. आपको हर गेंद पर छक्का मारने की जरूरत नहीं हैं."
वहीं दिनेश कार्तिक ने कहा, "इंग्लैंड के कंडीशंस के हिसाब से टीम इंडिया के बल्लेबाज खुद को नहीं ढाल पा रहे हैं."
इंग्लैंड में प्रदर्शन पर इरफान पठान कहते हैं, "जब पहले बैटिंग करते हैं, तो हमारे बल्लेबाज औसत स्कोर तक भी नहीं पहुंच पाते और जब लक्ष्य का पीछा करते हैं, तो लक्ष्य के आस-पास भी नहीं पहुंच पाते."
वहीं आकाश चोपड़ा ने तो पहले ही यह भविष्यवाणी कर दी थी कि टीम इंडिया का जो हाल है उसे देख कर लग नहीं रहा कि वो बाकी के मैच भी जीत सकेगी, फिलहाल बीती रात के मुकाबले में उनका ये कहना सही साबित हुआ है.
4 defeats in a row. Different conditions, different combinations... but the questions remain the same. Time for Team India to find answers. 🇮🇳🏏 #INDvsENG #TeamIndia pic.twitter.com/vQCjgQ5HOO
— Aakash Chopra (@cricketaakash) July 8, 2026
गेंदबाज भी नहीं दिला पाए भरोसा
अगर बल्लेबाज कम रन बनाते हैं तो गेंदबाजों से उम्मीद रहती है कि वे मुकाबला वापस टीम की ओर मोड़ दें. लेकिन इस दौरे में ऐसा भी नहीं हुआ. इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर शुरू से दबाव बनाया. नई गेंद हो या बीच के ओवर, कहीं भी विकेट निकालने वाली गेंदबाजी नजर नहीं आई.
बेशक इस दौरे की पहली ही गेंद पर अर्शदीप सिंह ने फिल सॉल्ट को आउट कर दिया था. लेकिन इस मैच में 190 का स्कोर बनाने के बावजूद भारतीय गेंदबाज इंग्लिश बल्लेबाजों को जीतने से नहीं रोक सके. हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट की शुरुआती जोड़ी के सामने टीम इंडिया के गेंदबाज पूरी सीरीज में जूझते हुए दिखे. भारतीय गेंदबाजों के पास न कोई ठोस जवाब और न ही उन्हें रोकने की कोई योजना ही थी.
आयरलैंड के दो मैचों में टीम इंडिया ने 16 विकेट लिए थे. लेकिन अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, प्रिंस यादव, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती जैसे गेंदबाजों ने मिलकर भी तीन मैचों में इंग्लैंड के अब तक केवल 12 विकेट ही ले सके हैं. इसकी तुलना इंग्लैंड के गेंदबाजों से करें तो जोफ्रा आर्चर और जोस टंग की ओपनिंग जोड़ी ही टीम इंडिया के 12 विकेट चटका चुकी है. वहीं पूरी इंग्लिश टीम ने तो चार मैचों में 27 विकेट लिए हैं. ये एक बड़ा तुलनात्मक अंतर हैं.
भारतीय गेंदबाजी किस कदर कमजोर पड़ गई है इसका आकलन ऐसे भी कर सकते हैं कि चौथे टी-20 में भारतीय बल्लेबाजों ने सिर्फ 158 रन बनाए तो इंग्लैंड ने यह लक्ष्य केवल 13.5 ओवरों में ही हासिल कर लिया वो भी बगैर कोई विकेट गंवाए. ये दोनों टीमों के बीच मौजूदा स्तर का अंतर भी साफ दिखा रहा है.

Photo Credit: BCCI
सवाल कप्तानी पर भी उठ रहे, लेकिन...
श्रेयस अय्यर पहली बार इतने बड़े विदेशी दौरे पर भारत की कप्तानी कर रहे हैं. लेकिन कप्तानी में अभी अनुभव की कमी साफ दिखाई दे रही है. सभी छह मैचों में टॉस जीतने का रिकॉर्ड कायम किया पर गेंदबाजों का रोटेशन, फील्ड प्लेसमेंट और मैच के दौरान प्लान-बी तैयार करने में नाकाम रहे. कई मौकों पर भारत इन्हीं तीन मोर्चे पर पिछड़ता दिखा.
चौथे टी20 में हार के बाद खुद अय्यर ने स्वीकार किया कि 158 रन पर्याप्त नहीं थे और टीम बल्लेबाजी तथा गेंदबाजी दोनों विभागों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी. हालांकि वो ट्रांजिशन जैसे शब्द भी बोलते नजर आए जो पहले कोच गंभीर भी बोल चुके हैं. लेकिन क्या सिर्फ अय्यर जिम्मेदार हैं?
पूर्व भारतीय बल्लेबाज मनोज तिवारी का मानना है कि पूरी जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर पर डालना गलत होगा. उनका कहना है कि असली सवाल टीम मैनेजमेंट और रणनीति पर भी उठने चाहिए. उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और सिर्फ कप्तान को बलि का बकरा नहीं बनाया जाना चाहिए.

Photo Credit: PTI
गौतम गंभीर पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
बेशक गौतम गंभीर के आने के बाद भारतीय टीम ने आक्रामक क्रिकेट खेलने की नीति अपनाई. लेकिन इंग्लैंड में यही रणनीति उलटी पड़ती दिख रही है. इंग्लैंड की परिस्थितियों में सिर्फ अटैकिंग बल्लेबाजी नहीं बल्कि संयम से खेलना भी आना चाहिए.
पिछले साल जब शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया इंग्लैंड में थी, तब शुरुआती हार के बाद जिस तरह टीम ने वापसी की वो पिच पर धैर्य रखने से आया था, बल्लेबाजों ने जम कर रन बरसाए थे. बेशक वो टेस्ट मैच था पर जब बल्लेबाज किसी भी फॉर्मेट में पिच पर नहीं टिक पा रहा हो तो उसे यह कला टेस्ट मैच से ही सीखनी चाहिए. जरूरी नहीं है कि हर गेंद पर बल्ला भांज कर ही डॉट बॉल खेला जाए.
इंग्लैंड के कंडीशन में बल्लेबाजों को शुरुआती स्विंग झेलनी होती है, ओवरकास्ट कंडीशन होते हैं वहीं गेंदबाजों को लगातार सही लाइन और लेंथ रखनी होती है. ऐसे में टीम मैनेजमेंट को कॉम्बिनेशन भी देखना जरूरी है. जब गेंदबाज लगातार विकेट नहीं ले रहे हैं तो उन्हें रोटेट करने की जरूरत भी है. लगातार छह मैच हार गई पर हर मैच में टीम की रणनीति एक जैसी ही दिखी. विपक्ष के हिसाब से योजनाएं बदलती नहीं दिखीं और टीम लगातार दबाव में रही.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भी टीम चयन और नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए. उनका मानना है कि कप्तानी और उपकप्तानी ऐसे खिलाड़ियों को मिलनी चाहिए जो लगातार अपने प्रदर्शन से टीम में जगह पक्की करें. उनके बयान के बाद चयन प्रक्रिया भी बहस का हिस्सा बन गई है.
England win the 4th T20I by nine wickets to take a 3-0 lead in the series.
— BCCI (@BCCI) July 9, 2026
Scorecard ▶️ https://t.co/vKZQwVKyYP#TeamIndia | #ENGvIND pic.twitter.com/h8dw0OgWw6
अब लाज बचाने की जद्दोजहद
भारत के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस दौरे पर एकमात्र जीत हासिल करने के साथ ही यह समझने कि होगी कि लगातार दो सीरीज हारना क्या केवल खराब फॉर्म का मामला है, या टीम की सोच और तैयारी में कहीं बड़ी खामी है.
श्रेयस अय्यर युवा कप्तान हैं. बतौर कप्तान उन्हें बीसीसीआई जरूर और समय देगा. पर गौतम गंभीर अनुभवी कोच हैं. उनकी मौजूदगी में टीम के इस प्रदर्शन पर और पूरी टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठ रहे हैं.
कुछ मीडिया सूत्रों के हवाले से टीम के प्रदर्शन के रिव्यू की बात भी सामने आई है क्योंकि बीसीसीआई नहीं चाहेगा कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट में भी यही कहानी दोहराई जाए.
फिलहाल इतना तय है कि इंग्लैंड का यह दौरा भारतीय क्रिकेट के लिए कई कठिन सवाल छोड़ गया है, जिनके जवाब सिर्फ श्रेयस अय्यर को नहीं, बल्कि गौतम गंभीर को भी देने होंगे.
ये भी पढ़ें:
IND vs ENG: टीम इंडिया के नाम दर्ज हुआ एक और शर्मनाक रिकॉर्ड, मिली तीसरी सबसे बड़ी हार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं