भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान मौजूदा समय में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. देश दुनिया के कई युवा खिलाड़ी उन्हें फॉलो करते हैं और उनके जैसा एक शानदार गेंदबाज बनना चाहते हैं. 41 वर्षीय पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने NDTV के साथ खास बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने NDTV YUVA 2026 मंच पर कुछ दिलचस्प सवालों का जवाब दिया है. शो के दौरान जब वहां उपस्थित युवाओं से पूछा गया कि कितने लोग तेज गेंदबाज बनना चाहते हैं? तो इसके जवाब में केवल तीन युवाओं ने ही हाथ उठाया, जो कि पठान को थोड़ा रास नहीं आया.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा, 'ये बड़ा दिलचस्प है. क्रिकेट खेलने के लिए काफी सारे लोगों ने हाथ उठाया. मगर तेज गेंदबाजी के लिए केवल तीन लोग नजर आए. मैं सच बताऊं. मेरा बच्चा नौ साल का है. उसे तेज गेंदबाज बनना था. मगर मैंने उसे खुद मना किया कि भाई तू स्पिन डाल. क्योंकि उसका रिस्ट बहुत अच्छा है. मगर फ्रंट फुट थोड़ा अक्रास जाता है. एक और चीज जो मेरे जेहन में है. मुझे चोट बहुत ज्यादा लगी है. मतलब जब आप तेज गेंदबाजी करते हो तो वह आसान काम है नहीं.'
#NDTVYuva2026 | "बॉलिंग करते-करते मेरे चेहरे पर 15 टांके लगे और कंधा पर फ्रैक्चर भी आया..."- पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान #NDTVYUVA | #NDTVYuva | #IrfanPathan pic.twitter.com/tQl0miRWql
— NDTV India (@ndtvindia) September 28, 2026
उन्होंने कहा, 'आपकी जितनी बॉडी है. एट टाइम्स बॉडी वेट उतना वेट एक बॉल डालने में लगता है. अगर आप तेज गेंदबाज बनोगे तो आपको दिन में 100 गेंदें डालनी पड़ेगी. मेरी जो जितनी इंजरी रही है, बस सर बाकी है. बाकी मुंह से लेकर टो तक इंजरी है. मुझे 15 स्टेज आए हैं मुंह पर गेंद लगने की वजह से और स्पैकुला डैमेज हुआ है गेंदबाजी करते करते. गेंदबाजी करते-करते मेरा शोल्डर भी डैमेज हुआ है.'
पठान ने कहा, 'मेरे सी 6, सी 7 में आर्थराइटिस है. मेरा एल थ्री, एल फोर, एल फाइव, फाइव फ्रैक्चर गेंदबाजी के एक्शन की वजह से हुआ है. वो कभी हील नहीं हुआ. मेरा डिस्क कोलैप्स हुआ है गेंदबाजी की वजह से. मेरा साइट स्ट्रेन कई बार स्ट्रेन हुआ है. ग्रेड वन, ग्रेड टू लेवल पर मेरा डिस्क पूरी तरह से डैमेज है. मुझे बार-हार ऑर्चेज वाली एक्सरसाइज करनी पड़ती है.'
उन्होंने कहा, 'यहां तक कि 2010 में मुझे फिजियो ने बोल दिया था कि आप क्रिकेट छोड़ दो नहीं तो चल नहीं पाओगे. मगर मैं जेहनी तौर पर बहुत पुख्ता था. आज भी क्रिकेट खेलता हूं. मुझे हैमस्ट्रिंग में कम से कम ग्रेड वन, ग्रेड टू, ग्रेड थ्री दोनों राईट और लेफ्ट इंजरी हुई है. लास्ट ईयर मैं जब क्रिकेट खेल रहा था. ग्रेड थ्री मेरा टियर हुआ था. राईट हैमस्ट्रिंग में सुखद बात रही कि सर्जरी नहीं हुआ. मेरे लेफ्ट नी में आर्थराइटिस है. राईट नी पटेला डैमेज है. लेफ्ट नी कार्टिलेज है. मैरा टो फ्रैक्चर है. तो इस रूम में केवल तीन लोगों ने तेज गेंदबाजी के लिए हाथ उठाया. मैं समझ सकता हूं.'
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