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भारतीय क्रिकेट की ‘पेस फैक्ट्री’, जहां तैयार हुए कई गेंदबाज, अब तक दे चुकी है 17 इंटरनेशनल स्टार

अब तक, एमआरएफ पेस फाउंडेशन से 17 बेहतरीन गेंदबाज निकले हैं जो भारत के लिए खेले हैं, साल 2012 में, डेनिस लिली ने एमआरएफ पेस फाउंडेशन के डायरेक्टर के तौर पर 25 साल बिताने के बाद रिटायर होने का फैसला किया

भारतीय क्रिकेट की ‘पेस फैक्ट्री’, जहां तैयार हुए कई गेंदबाज, अब तक दे चुकी है 17 इंटरनेशनल स्टार
1987 में हुई थी शुरुआत, आज भारतीय तेज गेंदबाजी की पहचान बन चुकी है MRF Pace Foundation

साल 1987 से पहले भारत में तेज गेंदबाजों की भारी कमी थी. इस बात से चिंतित होकर, MRF के मैनेजिंग डायरेक्टर मिस्टर रवि मामेन ने भारत के लिए वर्ल्ड-क्लास तेज गेंदबाज तैयार करने के लिए एक बेहतरीन एकेडमी शुरू करने का फैसला किया. रवि मामेन ने उस समय के सबसे सफल तेज गेंदबाज  डेनिस लिली से संपर्क किया जिससे वे उनके साथ काम कर सकें. दोनों ने मिलकर अगस्त 1987 में MRF पेस फाउंडेशन की शुरुआत की.

एमआरएफ पेस फाउंडेशन ने 1987 में अपना पहला सिलेक्शन कैंप आयोजित किया, जिसमें देश भर से खिलाड़ी सिलेक्शन के लिए आए थे. सिर्फ दो साल के अंदर, एमआरएफ पेस फाउंडेशन के पहले ट्रेनी विवेक राजदान जिनको 1989 में पाकिस्तान के दौरे पर जाने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के लिए चुना गया. दुर्भाग्य से, 1990 में श्री रवि मामेन का निधन हो गया. इसके बाद, श्री रवि मामेन के बड़े भाई, श्री विनू मामेन ने एमआरएफ पेस फाउंडेशन को संभालने की जिम्मेदारी ली. उन्होंने पक्का किया कि एमआरएफ पेस फाउंडेशन को वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर  और सुविधाएं मिलें.

 उन्होंने दूसरे देशों के ट्रेनीज के लिए भी सुविधाएं खोलकर एमआरएफ पेस फाउंडेशन का दायरा बढ़ाया. फाउंडेशन ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड, श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड जैसे इंटरनेशनल क्रिकेट बोर्ड के साथ समझौते किए.  इन समझौतों से एमआरएफ पेस फाउंडेशन के ट्रेनीज और सपोर्ट स्टाफ को दुनिया की सबसे अच्छी ट्रेनिंग पद्धतियों के बारे में जानने और सीखने का मौका मिला.

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विनू मामेन की लीडरशिप में, एमआरएफ पेस फाउंडेशन ने अपनी सफल यात्रा जारी रखी, जिसमें कई गेंदबाजों को आगे जाने का मौका मिला, इनमें सबसे प्रमुख जवागल श्रीनाथ, वेंकटेश प्रसाद, जहीर खान और इरफान पठान जैसे गेंदबाज थे जिन्हें आगे कर भारत के लिए खेलने का मौका मिला 

अब तक, एमआरएफ पेस फाउंडेशन से 17 बेहतरीन गेंदबाज निकले हैं जो भारत के लिए खेले हैं, साल 2012 में, डेनिस लिली ने एमआरएफ पेस फाउंडेशन के डायरेक्टर के तौर पर 25 साल बिताने के बाद रिटायर होने का फैसला किया.  उन्होंने यह जिम्मेदारी ग्लेन मैक्ग्रा को सौंपी, जो खुद 1991 में एक ट्रेनी के तौर पर एमआरएफ पेस फाउंडेशन में ट्रेनिंग की थी.  एमआरएफ पेस फाउंडेशन भारत के लिए वर्ल्ड-क्लास पेस बॉलर तैयार करने के अपने मिशन पर पूरी तरह फोकस है आज भी ग्लेन मैक्ग्रा की देखरेख में कई युवा गेंदबाज वहां से निकल रहे हैं. 

MRF पेस फाउंडेशन से निकले बेहतरीन गेंदबाज

  • जवागल श्रीनाथ
  • वेंकटेश प्रसाद
  • जहीर खान
  • इरफ़ान पठान
  • आरपी सिंह
  • एस श्रीसंत
  • मुनाफ पटेल
  • वरुण एरोन

हाल के समय में निकले गेंदबाज

  • वरुण एरॉन
  • ईश्वर पांडे
  • शार्दुल ठाकुर
  • दीपक चाहर
  • अंकित राजपूत
  • राहुल शुक्ला
  • अनुरीत सिंह
  • चामा मिलिंद

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