Big question on Suryakumar: भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) के लिए खेला जा रहा आईपीएल (IPL 2026) टीम इंडिया के अगले मिशन से पहले बल्ले से जंग हटाने और कॉन्फिडेंस हासिल करने का बढ़िया मौका है, लेकिन शुरुआती पांच मैचों में हाल उनका खासा बुरा रहा है. खासतौर पर ऐसे समय, जब हाल ही में ऐसी खबरें आई हैं कि BCCI उनके प्रदर्शन की समीक्षा करेगा. गुरुवार को पंजाब किंग्स (MI vs PBKS) घरेलू मैदान पर उनके लिए जवाब देने की शुरुआत करने का बढ़िया मौका था, लेकिन इस बार भी उन्होंने इसे गंवा दिया. इस बार सूर्या दूसरे से अर्शदीप के खिलाफ ड्राइव खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ला का मोटा किनारा लेती हुई शॉर्ट थर्डमैन पर खड़े चहल के हाथों में जा समाई. और पहली ही गेंद पर उन्हें खाता खोलना भी नसीब नहीं हुआ. और इस एक और विकेट के साथ ही अर्शदीप के खिलाफ सूर्या का रिकॉर्ड ज्यादा खराब हो गया. कुल मिलाकर यह यादव का पिछली 21 आईपीएल पारियों में पहला जीरो रहा.
अर्शदीप ने पकड़ ली सूर्या की नस !
सूर्या आईपीएल में अभी तक 8 बार सरदार जी के सामने पड़े हैं. और इस दौरान उन्होंने सिंह की 36 गेंद खेली हैं. इन गेंदों पर यादव ने 42 रन बनाए हैं. और तीन बार विकेट गंवाया है. औसत सिमट कर रह गया है अर्शदीप के खिलाफ 14 रन प्रति मैच. स्ट्राइक-रेट है सिर्फ 11.6.7 का है. और डॉट बॉल प्रतिशत 38.4 का है, जो बहुत ही ज्यादा है. और अब यहां से यादव को लेफ्टी सरदार को जवाब देना जरूरी होे गया है. वैसे अर्शदीप ने सूर्या के खिलाफ मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल कर ली है. आंकड़े सूर्या के लिहाज से बहुत ही खराब हो चुके हैं और यहां से उनके लिए सम्मान की लड़ाई है.
BCCI ने लिया है समीक्षा करने का फैसला
हाल ही में बीसीसीआई के सूत्रों के हवाले से आई खबर के अनुसार बीसीसीआई अब यहां यादव के प्रदर्शन की समीक्षा करने जा रहा है. मतलब अगर यादव के प्रदर्शन में टीम इंडिया के लिए खेलते हुए सुधार नहीं होता है, तो उनके लिए बतौर कप्तान और बल्लेबाज दोनों ही रूपोंं में टीम में टिक पाना खासा मुश्किल होगा. और इसके लिए जरूरी है कि यादव अगले राष्ट्रीय एसाइनमेंट से पहले फॉर्म हासिल करे, लेकिन अगर मैच ऐसे ही जाया होते रहे, तो मुंबई मैनेजमेंट जो फैसला लेगा, सो लेगा, तो वहींं यह बात अगरकर एंड कंपनी को भी कोई अच्छा संदेश देने नहीं जा रही
साल 2025 के प्रदर्शन से कान खड़े हुए BCCI के
यह सच यह है कि अगर टीम इंडिया जीत नहीं रही होती, तो यादव का कप्तानी से पत्ता साफ हो जाता. पिछले साल सूर्यकुमार का प्रदर्शन इतना खराब रहा कि वह 19 पारियोंं में 13.62 के औसत से सिर्फ 218 रन ही बना सके. और यही औसत सूर्यकुमार के आलोचकों और चयन समिति सहित बीसीसीआई को चुभ गया. हालांकि, इस साल 14 मैचों में उन्होंने सुधार करते हुए 44 के औसत से 484 रन बनाए हैं, लेकिन BCCI को लग रहा है कि यादव बड़ी टीमों के खिलाफ रन नहीं बना पा रहे.
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