
नई दिल्ली:
वीवीएस लक्ष्मण को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहे हुए पांच महीने बीत गए, लेकिन इस दिग्गज बल्लेबाज का मानना है कि वह अब भी टेस्ट प्रारूप में खेलने के लिए फिट हैं। लक्ष्मण से जब उनकी प्राथमिकता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, शायद सफेद कपड़ों में खेलना पसंद करूंगा।
भारतीय बल्लेबाज जब टीम को लगातार निराश कर रहे हैं, तब लक्ष्मण के पास उनके लिए सलाह है। इस पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा, यह सिर्फ अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने का मामला है। जब भी कोई बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलता है और अन्य बल्लेबाज उसके साथ खेलते हैं, तो आप सामान्यत: अच्छा स्कोर बना लेते हैं।
आंकड़े भले ही लक्ष्मण के पक्ष में नहीं हों, लेकिन उन्होंने कहा कि 2011 में विश्वकप जीत के बाद भारतीय टीम ने सीमित ओवरों के मैचों में उतना खराब प्रदर्शन नहीं किया। लक्ष्मण ने एक प्रचार कार्यक्रम के इतर कहा, मुझे लगता है कि इन दो मैचों (पाकिस्तान के खिलाफ मौजूदा शृंखला के) के अलावा एकदिवसीय प्रारूप में हमने अच्छा प्रदर्शन किया है। मुझे लगता है कि विश्वकप के बाद हमारा प्रदर्शन ठीक रहा और टी-20 में भी हम अच्छा खेले।
लक्ष्मण ने कहा, हम टी-20 विश्वकप के नॉकआउट में क्वालीफाई नहीं कर पाए। हमने चार मैच खेले और एक में बुरी तरह हार गए और क्वालीफाई नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, कुल मिलाकर टी-20 और एकदिवसीय क्रिकेट में हमने अच्छा प्रदर्शन किया। पाकिस्तान के हाथों हार पर लक्ष्मण ने कहा, मुझे लगता है कि इन दो मैचों में पाकिस्तान के गेंदबाजों को श्रेय दिया जाना चाहिए। उनके पास जुनैद, इरफान और उमर गुल के रूप में तीन आक्रामक तेज गेंदबाज हैं।
उन्होंने कहा, मैंने कोलकाता में मैच देखा और जुनैद तथा इरफान ने चेन्नई की तरह ही तूफानी गेंदबाजी की। इसलिए मुझे लगता है कि पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण काफी मजबूत है। अपने संन्यास के बारे में लक्ष्मण ने कहा, मैंने भारत की ओर से अच्छा प्रदर्शन किया। एक समय आपको आगे बढ़ना होता है और मुझे लगता है कि 16 साल खेलने के बाद वह मेरे लिए सही समय था।
भारतीय बल्लेबाज जब टीम को लगातार निराश कर रहे हैं, तब लक्ष्मण के पास उनके लिए सलाह है। इस पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा, यह सिर्फ अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने का मामला है। जब भी कोई बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलता है और अन्य बल्लेबाज उसके साथ खेलते हैं, तो आप सामान्यत: अच्छा स्कोर बना लेते हैं।
आंकड़े भले ही लक्ष्मण के पक्ष में नहीं हों, लेकिन उन्होंने कहा कि 2011 में विश्वकप जीत के बाद भारतीय टीम ने सीमित ओवरों के मैचों में उतना खराब प्रदर्शन नहीं किया। लक्ष्मण ने एक प्रचार कार्यक्रम के इतर कहा, मुझे लगता है कि इन दो मैचों (पाकिस्तान के खिलाफ मौजूदा शृंखला के) के अलावा एकदिवसीय प्रारूप में हमने अच्छा प्रदर्शन किया है। मुझे लगता है कि विश्वकप के बाद हमारा प्रदर्शन ठीक रहा और टी-20 में भी हम अच्छा खेले।
लक्ष्मण ने कहा, हम टी-20 विश्वकप के नॉकआउट में क्वालीफाई नहीं कर पाए। हमने चार मैच खेले और एक में बुरी तरह हार गए और क्वालीफाई नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, कुल मिलाकर टी-20 और एकदिवसीय क्रिकेट में हमने अच्छा प्रदर्शन किया। पाकिस्तान के हाथों हार पर लक्ष्मण ने कहा, मुझे लगता है कि इन दो मैचों में पाकिस्तान के गेंदबाजों को श्रेय दिया जाना चाहिए। उनके पास जुनैद, इरफान और उमर गुल के रूप में तीन आक्रामक तेज गेंदबाज हैं।
उन्होंने कहा, मैंने कोलकाता में मैच देखा और जुनैद तथा इरफान ने चेन्नई की तरह ही तूफानी गेंदबाजी की। इसलिए मुझे लगता है कि पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण काफी मजबूत है। अपने संन्यास के बारे में लक्ष्मण ने कहा, मैंने भारत की ओर से अच्छा प्रदर्शन किया। एक समय आपको आगे बढ़ना होता है और मुझे लगता है कि 16 साल खेलने के बाद वह मेरे लिए सही समय था।
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