
पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर (फाइल फोटो)
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच होने वाली क्रिकेट सीरीज के ठीक पहले 'प्रेशर गेम' शुरू हो गया है। इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान एलिस्टेयर कुक ने मेहमान टीम के स्ट्राइक गेंदबाज मोहम्मदआमिर पर दबाव बनाने की कोशिश की है।
स्पॉट फिक्सिंग मामले में 'दागदार' पाकिस्तानी तेज गेंदबाज आमिर पर निशाना साधते हुए कुक ने कहा कि मैच फिक्सिंग के मामले में शामिल किसी भी खिलाड़ी को आजीवन प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। वैसे, कुक इसके साथ यह जोड़ना नहीं, भूले कि उन्हें आमिर का सामना करने में कोई परेशानी नहीं है क्योंकि वे अपनी सजा पूरी कर चुके हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2010 में लार्डस में स्पॉट में शामिल होने के मामले में आमिर को करीब छह माह जेल में गुजारने पड़े थे और उन्हें पांच साल के लिए क्रिकेट से प्रतिबंधित किया गया था। यह प्रतिबंध पिछले साल समाप्त हुआ था और इसके बाद आमिर पाकिस्तान की टी-20, वनडे और इंग्लैंड का दौरा करने वाली टेस्ट टीम में स्थान बनाने में कामयाब रहे हैं। कुक वर्ष 2010 की उस इंग्लैंड टीम का हिस्सा थे जिसके खिलाफ आमिर, कप्तान सलमान बट और एक अन्य तेज गेंदबाज आसिफ को स्पॉट फिक्सिंग के तहत एक निश्चित राशि के बदले नो बॉल फेंकने का दोषी पाया गया था।
कुक ने कहा, 'यदि आप मैंच फिक्सिंग में पकड़े जाते हैं तो आप पर आजीवन प्रतिबंध लगना चाहिए। इस बारे में सजा बेहद सख्त होनी चाहिए ताकि खेल की भावना खराब न हो और कोई भी ऐसा करने के पहले अच्छी तरह सोचने को मजबूर हो। ' गौरतलब है कि पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट मैच 14 जुलाई से लार्डस में ही खेला जाना है। गौरतलब है कि इंग्लैंड के खिलाफ क्रिकेट सीरीज में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर पाकिस्तान के ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं। अच्छी गति के साथ गेंद को स्विंग कराने में माहिर आमिर का सामना करना इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होगा।
स्पॉट फिक्सिंग मामले में 'दागदार' पाकिस्तानी तेज गेंदबाज आमिर पर निशाना साधते हुए कुक ने कहा कि मैच फिक्सिंग के मामले में शामिल किसी भी खिलाड़ी को आजीवन प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। वैसे, कुक इसके साथ यह जोड़ना नहीं, भूले कि उन्हें आमिर का सामना करने में कोई परेशानी नहीं है क्योंकि वे अपनी सजा पूरी कर चुके हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2010 में लार्डस में स्पॉट में शामिल होने के मामले में आमिर को करीब छह माह जेल में गुजारने पड़े थे और उन्हें पांच साल के लिए क्रिकेट से प्रतिबंधित किया गया था। यह प्रतिबंध पिछले साल समाप्त हुआ था और इसके बाद आमिर पाकिस्तान की टी-20, वनडे और इंग्लैंड का दौरा करने वाली टेस्ट टीम में स्थान बनाने में कामयाब रहे हैं। कुक वर्ष 2010 की उस इंग्लैंड टीम का हिस्सा थे जिसके खिलाफ आमिर, कप्तान सलमान बट और एक अन्य तेज गेंदबाज आसिफ को स्पॉट फिक्सिंग के तहत एक निश्चित राशि के बदले नो बॉल फेंकने का दोषी पाया गया था।
कुक ने कहा, 'यदि आप मैंच फिक्सिंग में पकड़े जाते हैं तो आप पर आजीवन प्रतिबंध लगना चाहिए। इस बारे में सजा बेहद सख्त होनी चाहिए ताकि खेल की भावना खराब न हो और कोई भी ऐसा करने के पहले अच्छी तरह सोचने को मजबूर हो। ' गौरतलब है कि पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट मैच 14 जुलाई से लार्डस में ही खेला जाना है। गौरतलब है कि इंग्लैंड के खिलाफ क्रिकेट सीरीज में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर पाकिस्तान के ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं। अच्छी गति के साथ गेंद को स्विंग कराने में माहिर आमिर का सामना करना इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होगा।
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