
नई दिल्ली:
दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से मात देने के बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी उठाने के साथ ही सचिन तेंदुलकर ने अपने बहुप्रतीक्षित संन्यास की घोषणा न करके सभी क्रिकेट प्रेमियों एवं विशेषज्ञों को अटकलें लगाने के लिए स्वतंत्र छोड़ दिया।
यहां तक कि भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी मीडिया से सचिन के संन्यास के बारे में अटकलें लगाने से मना किया। उल्लेखनीय है कि सचिन पिछले वर्ष दिसम्बर में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को विदा कह चुके हैं।
शृंखला का आखिरी टेस्ट मैच तीसरे ही दिन रविवार को जीतने के बाद के बाद संवाददाता सम्मेलन में धोनी ने कहा, "सचिन के करियर के बारे में अटकलें लगाना बंद कीजिए। इससे पहले 2005 में भी आपने (मीडिया ने) ऐसी ही बातें की थीं, लेकिन वह कभी नहीं हुआ।"
इससे पहले क्रिकेट जगत में चर्चा थी कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली के कोटला में होने वाला शृंखला का आखिरी मैच सचिन का भी भारत की धरती पर आखिरी टेस्ट मैच हो सकता है।
इन अफवाहों के कारण ही इस मैच के दौरान जब भी सचिन बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे या आउट होकर पवेलियन की तरफ लौटे तो दर्शकों ने उनका खड़े होकर अभिवादन किया।
यहां तक कि भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी मीडिया से सचिन के संन्यास के बारे में अटकलें लगाने से मना किया। उल्लेखनीय है कि सचिन पिछले वर्ष दिसम्बर में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को विदा कह चुके हैं।
शृंखला का आखिरी टेस्ट मैच तीसरे ही दिन रविवार को जीतने के बाद के बाद संवाददाता सम्मेलन में धोनी ने कहा, "सचिन के करियर के बारे में अटकलें लगाना बंद कीजिए। इससे पहले 2005 में भी आपने (मीडिया ने) ऐसी ही बातें की थीं, लेकिन वह कभी नहीं हुआ।"
इससे पहले क्रिकेट जगत में चर्चा थी कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली के कोटला में होने वाला शृंखला का आखिरी मैच सचिन का भी भारत की धरती पर आखिरी टेस्ट मैच हो सकता है।
इन अफवाहों के कारण ही इस मैच के दौरान जब भी सचिन बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे या आउट होकर पवेलियन की तरफ लौटे तो दर्शकों ने उनका खड़े होकर अभिवादन किया।
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