लंदन:
आईपीएल के पूर्व आयुक्त ललित मोदी को लंदन की एक अदालत ने एक निजी सुरक्षा कंपनी को 65000 पौंड (लगभग 53 लाख रुपये) का भुगतान करने में नाकाम रहने पर दिवालिया घोषित किया।
‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के मुताबिक यह आदेश पिछले महीने दिया गया और यह फैसला उस समय आया है जब मोदी संन्यास ले चुके न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर क्रिस केर्न्स के उनके खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। मोदी पर एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा कंपनी पेज ग्रुप द्वारा 2010 में मुहैया कराई गई सेवाओं के लिए यह फीस बकाया है।
आईपीएल के इस पूर्व आयुक्त ने अपने बचाव में कहा, ‘‘आदेश दिए जाने तक मुझे बिलकुल भी जानकारी नहीं थी कि मेरे ऊपर कोई राशि बकाया है। मुझसे इससे पहले कोई मांग नहीं की गई लेकिन जब मुझे इसका पता चला तो मैंने पैसा अदालत में जमा कराने की पेशकश की लेकिन किसी कारण से संबंधित कंपनी ने इससे इनकार कर दिया।’’ अब लंदन में रहने वाले बीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष मोदी को लगता है कि यह सुरक्षा कंपनी का सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास है।
कंपनी के अध्यक्ष स्टुअर्ट पेज ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यूपर्ण है कि हम इस स्थिति में पहुंचे लेकिन मोदी ने हमारे लिए कोई और विकल्प नहीं छोड़ा। हमने मोदी को उनके और उनके परिवार के खिलाफ धमकियों के सिलसिले में कई सुरक्षा सेवाएं मुहैया कराई। हमने उन्हें कई बिल दिए जिनका भुगतान नहीं किया गया।’’
इसके बाद आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी को दिवालिया घोषित करने के आदेश को निरस्त करने से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी क्योंकि ऋणदाता ने अपने दावे के समर्थन में सबूत नहीं दिया था।
ब्रिटेन ललित मोदी के पीआर की ओर से भेजे गए एक पत्र में कहा गया कि आदेश को निरस्त करने के संबंध में दिया गया आवेदन बना हुआ है और उस पर आगे निर्धारित की जाने वाली तारीख पर सुनवाई होगी।
‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के मुताबिक यह आदेश पिछले महीने दिया गया और यह फैसला उस समय आया है जब मोदी संन्यास ले चुके न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर क्रिस केर्न्स के उनके खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। मोदी पर एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा कंपनी पेज ग्रुप द्वारा 2010 में मुहैया कराई गई सेवाओं के लिए यह फीस बकाया है।
आईपीएल के इस पूर्व आयुक्त ने अपने बचाव में कहा, ‘‘आदेश दिए जाने तक मुझे बिलकुल भी जानकारी नहीं थी कि मेरे ऊपर कोई राशि बकाया है। मुझसे इससे पहले कोई मांग नहीं की गई लेकिन जब मुझे इसका पता चला तो मैंने पैसा अदालत में जमा कराने की पेशकश की लेकिन किसी कारण से संबंधित कंपनी ने इससे इनकार कर दिया।’’ अब लंदन में रहने वाले बीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष मोदी को लगता है कि यह सुरक्षा कंपनी का सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास है।
कंपनी के अध्यक्ष स्टुअर्ट पेज ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यूपर्ण है कि हम इस स्थिति में पहुंचे लेकिन मोदी ने हमारे लिए कोई और विकल्प नहीं छोड़ा। हमने मोदी को उनके और उनके परिवार के खिलाफ धमकियों के सिलसिले में कई सुरक्षा सेवाएं मुहैया कराई। हमने उन्हें कई बिल दिए जिनका भुगतान नहीं किया गया।’’
इसके बाद आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी को दिवालिया घोषित करने के आदेश को निरस्त करने से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी क्योंकि ऋणदाता ने अपने दावे के समर्थन में सबूत नहीं दिया था।
ब्रिटेन ललित मोदी के पीआर की ओर से भेजे गए एक पत्र में कहा गया कि आदेश को निरस्त करने के संबंध में दिया गया आवेदन बना हुआ है और उस पर आगे निर्धारित की जाने वाली तारीख पर सुनवाई होगी।
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