Kapil Dev on Yograj Singh: कुछ दिन पहले युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने अपने खेलने के दिनों के दौरान कप्तान रहे कपिल देव को लेकर चौंकाने वाली बात बताई थी. उन्होंने कहा था कि जब तत्कालीन कप्तान ने उन्हें नॉर्थ ज़ोन की टीम से बाहर कर दिया था, तो एक बार उनका मन कपिल देव की हत्या करने का हुआ था. योगराज ने यूट्यूब चैनल 'अनफिल्टर्ड बाय समदीश' पर बात करते हुए कहा था कि, "जब कपिल देव भारत, नॉर्थ ज़ोन और हरियाणा के कप्तान बने, तो उन्होंने बिना किसी वजह के मुझे टीम से बाहर कर दिया, जिससे मैं उनके काफी खफा हो गया था. कपिल देव को मैं कभी भी इसके लिए माफ नहीं करुंगा.
योगराज को मैं अब भी दोस्त मानता हूं
अब योगराज के इन बयानों को लेकर पूर्व कप्तान कपिल देव ने अपनी राय दी है और योगराज सिंह के अपना दोस्त माना है. स्पोर्ट्स तक के पॉडकास्ट पर बात करते हुए कपिल देव ने कहा, "योगराज एक बेहतरीन क्रिकेटर रहे हैं और उन्होंने कई शानदार पारियां खेली हैंय रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं, लेकिन उनके खेलने के अंदाज़ॉ ने लोगों का बहुत प्यार जीता. मैं आज भी योगराज को अपना दोस्त मानता हूं. मेरे मन में कोई कड़वाहट नहीं है, हालांकि मुझे कड़वे स्वभाव वाले लोग पसंद नहीं हैं. बहुत सी बातें होती हैं, लेकिन जिंदगी में आगे बढ़ना पड़ता है, अगर आप ऐसा नजरिया रखेंगे, तो कोई आपको पसंद नहीं करेगा. उनके बेटे ने बहुत अच्छा किया है, उन्हें इस बात पर खुश होना चाहिए,"

कपिल देव ने कहा, "ज़िंदगी में आपको सब कुछ मिलता है, लेकिन आपको खुद कड़वे स्वभाव का इंसान नहीं बनना चाहिए, दुनिया में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं है. आपकी प्रतिक्रिया बताती है कि आप कौन हैं. क्या होगा अगर मैं अचानक लोगों को गालियां देने लगूं या थप्पड़ मारने लगूं? आपको आगे बढ़ते रहना होगा".
कड़वाहट रखने वाले लोग पसंद नहीं- कपिल देव
महान कपिल देव ने अपनी बात आगे ले जाते हुए कहा, "बहुत से लोगों ने क्रिकेट खेला है और एक्टिंग भी की है, उस नज़रिए से देखें तो उन्होंने दूसरों की तुलना में ज्यादा हासिल किया है. अगर आप किसी बात से नाखुश हैं, तो उसके बारे में कुछ नहीं किया जा सकता. वह मेरे बचपन के दोस्त हैं. तो क्या हुआ अगर हम अलग-अलग रास्तों पर चले गए? हमने साथ में बहुत अच्छा समय बिताया है, जिन्दगी बदलती रहती है, हमने साथ में अच्छा समय बिताया अच्छे पलों को नहीं भूलना चाहिए, कभी-कभी, छोटी-छोटी बातों पर रिश्ते खराब हो जाते हैं, और आप अच्छे पलों को भूल जाते हैं,"
कपिल देव नेपॉडकास्ट में कहा कि, "वह मेरा अभी भी दोस्त है आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है. हम एक साथ बड़े हुए हैं. अशोक मल्होत्रा..एक दोस्त और हमारा कोच चला गया लेकिन हमने साथ में अच्छा समय बिताया है और मैं वह समय को याद करते रहना चाहता हूं.
कपिल ने यह भी कहा, "मुझे कड़वाहट रखने वाले लोगों से मिलना पसंद नहीं है, ज़िंदगी आगे बढ़ती रहती है, और आपको सिर्फ़ बुरे पलों को नहीं, बल्कि अच्छे पलों को भी याद रखना चाहिए."
युवराज सिंह के पिता योगराज ने 1981 में अपना एकमात्र टेस्ट मैच खेला और 1980 में वनडे में डेब्यू किया था. अपने करियर में सिर्फ 6 वनडे मैच ही खेल पाए थे. योगराद ने आखिरी बार भारत के लिए साल 1981 में वनडे मैच खेला था.
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