अर्जेंटीना और मिस्र के बीच मुकाबले में मैच रेफरी और वीडियो असिस्टेंट रेफरी की भूमिका को लेकर कई सवाल उठे थे. अटलांटा स्टेडियम में फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में मिस्र डिफेंडिंग चैंपियन के खिलाफ 2-0 से आगे थी, लेकिन आखिरी पलों में बाजी पूरी तरह पलट गई. मुकाबला खत्म होने के बाद मिस्र के कोच होसाम हसन ने कहा कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है. मिस्र के कोच होसाम हसन ने रेफरी की भूमिका पर सवाल उठाए थे. वहीं अब एक रिपोर्ट में दावा है कि इजिप्टियन फुटबॉल फेडरेशन ने फुटबॉल की शीर्ष निकाय से संपर्क किया है और मंगलवार को अर्जेंटीना के खिलाफ मिली हार के बाद फ्रेंच रेफरी फ्रैंकोइस लेटेक्सियर के फैसलों के खिलाफ ऑफिशियल विरोध दर्ज कराया है.
मिस्र के एक गोल को वीएआर रिव्यू के बाद नामंजूर कर दिया गया था. जबकि इंजरी टाइम में अर्जेंटीना के निर्णायक गोल से पहले एक पेनल्टी अपील का रिव्यू नहीं किया था. स्पैनिश अखबर, डियारियो एस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजिप्ट फुटबॉल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, हनी अबो रिडा ने फ्रेंच रेफरी फ्रैंकोइस लेटेक्सियर और उनकी अंपायरिंग टीम के खिलाफ FIFA में एक ऑफिशियल शिकायत दर्ज कराई है.
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि शिकायत में उन फैसलों की जांच की मांग की गई है जिन्हें मिस्र ने विवादित बताया है और जो उनके खिलाफ गए. फेडरेशन ने ऑफिशियली यह भी रिक्वेस्ट की है कि फ्रेंच अंपायरिंग टीम को बाकी टूर्नामेंट से हटा दिया जाए क्योंकि उन्होंने इसे अहम गलतियां माना.
इससे पहले, मिस्र के कोच हसन ने भी कई फैसलों पर निराशा जताई थी. उन्होंने यह भी कहा कि रेफरी के फैसलों का मैच के निर्णय पर असर पड़ा. उन्होंने निराशा में यहां तक कहा कि मेसी और अर्जेंटीना टूर्नामेंट में बने रहना चाहते थे. हसन ने कहा,"हम मौजूदा चैंपियन से बेहतर दिखे - हर चीज़ में बेहतर - लेकिन नतीजे पर पिच पर अंदरूनी वजहों और पिच के बाहर बाहरी वजहों का असर पड़ा." उन्होंने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,"शायद वे वर्ल्ड चैंपियन को कॉम्पिटिशन में बनाए रखना चाहते थे. शायद वे चाहते थे कि मेसी रेस में बने रहें."
मिस्र के कोच ने आगे कहा,"फुटबॉल में, कभी-कभी बाहरी वजहें टेक्निकल बातों से आगे निकल जाती हैं. वर्ल्ड चैंपियन को हर लेवल पर सपोर्ट मिला." हसन खास तौर पर लेटेक्सियर से निराश थे और उन्होंने दो बड़ी घटनाओं की ओर इशारा किया, जिनसे उन्हें लगा कि खेल का रुख बदल गया. हसन ने कहा, "हमने सम्मान या फेयर प्ले नहीं देखा है." "एक पेनल्टी को खारिज कर दिया गया था. इसे VAR ने चेक भी नहीं किया था, और हमारा दूसरा गोल, किसी भी वजह से, डिसअलाउड कर दिया गया था. हमारे साथ गलत बर्ताव किया गया है, और यह एक नाइंसाफी है."
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