हाल ही में टीम इंडिया को 3-2 की सीरीज जीत दिलाने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर का प्रशंसकों के लिए पोस्ट किया गया संदेश देखते ही देखते तूफान सा वायरल हो गया. हुआ यह है कि जैसी ही अय्यर का यह संदेश सोशल मीडिया पर आया तो तमाम फैंस इसे डिकोड करने में लग गए क्योंकि यह इंग्लिश या हिंदी में नहीं था. दरअसल अय्यर ने माओरी भाषा के चार शब्दों के एक ऐसे वाक्यांश को चुना, जिसने कई क्रिकेट प्रशंसकों को इसका मतलब जानने के लिए उत्सुक कर दिया.रविवार को सीरीज समाप्त होने के बाद सोशल मीडिया पर आकर अय्यर ने भारत के अभियान की कुछ तस्वीरें साझा कीं. इसके कैप्शन में "का मौ ते वेही" और एक ट्रॉफी का इमोजी लिखा था.
इसी असामान्य वाक्य ने तुरंत ही सबका ध्यान खींच लिया और फैंस तथा क्रिकेट प्रेमी यह डिकोड करने की कोशिश करने लगे कि भारतीय कप्तान अपने इस पोस्ट के जरिए क्या कहना चाह रहे हैं. दरअसल अय्यर ने इस संदेश के लिए न्यूजीलैंड की मूल माओरी भाषा के एक लोकप्रिय वाक्य को चुना. इस स्थानीय भाषा का मतलब' का माऊ ते फेह-ही' है,जो प्रशंसा और उत्साह की एक भावुक अभिव्यक्ति है. दैनिक बोलचाल में इसका अनुवाद "शानदार!", "यह कमाल का है!" या "बिल्कुल लाजवाब!" होता है,
"का मौ ते वेही" एक माओरी किवाहा है जिसका उपयोग किसी असाधारण चीज के लिए प्रशंसा, विस्मय या सराहना व्यक्त करने के लिए किया जाता है. हालांकि, इसका शाब्दिक अर्थ किसी चीज़ से आश्चर्य या अचंभित होने से जुड़ा है, लेकिन इसका रोजमर्रा का मतलब "शानदार!", "उत्कृष्ट!" या "क्या प्रदर्शन है!" के करीब होता है. इसमें मौजूद शब्द 'वेही' विस्मय, आश्चर्य या एक तीव्र भावनात्मक प्रतिक्रिया की भावना को दर्शाता है. माओरी सांस्कृतिक और प्रदर्शन कला परंपराओं (जैसे कापा हाका) में यह किसी प्रदर्शन से प्रभावित होने या मंत्रमुग्ध होने की शक्तिशाली भावना का वर्णन कर सकता है.
हम और बेहतर कर सकते थे
सीरीज जीतने के बावजूद अय्यर ने माना कि टीम बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी, खासकर तब जब आखिरी टी20ई में वे एक अच्छी बल्लेबाजी नींव का फायदा उठाने में नाकाम रहे. सात विकेट की हार पर विचार करते हुए भारतीय कप्तान ने उस मध्य क्रम के पतन का जिक्र किया, जो ईशान किशन के साथ उनकी साझेदारी के बाद गति पकड़ रहा था.
मैच के बाद प्रस्तुति के दौरान अय्यर ने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो यह संभव था. मध्य के ओवरों में हमें जैसी शुरुआत मिली थी और जिस तरह से मैंने और ईशान ने लय बनाई थी, उसे देखते हुए हम और बेहतर कर सकते थे. और फिर वहां से हमने लगातार विकेट गंवा दिए. इसके बाद अचानक नए बल्लेबाज पर दबाव आ गया.' उन्होंने गेंदबाजी और फील्डिंग को भी ऐसे क्षेत्रों के रूप में पहचाना जिनमें सुधार की आवश्यकता है, और इस दौरे को एक मूल्यवान सीखने का अनुभव बताया. अय्यर बोले, 'मुझे लगता है कि हम अपनी गेंदबाजी और फील्डिंग में अभी भी बेहतर कर सकते थे. हम थोड़े सुस्त थे, लेकिन यह एक बेहतरीन सीख है. विदेश आना न्यूजीलैंड आना, इतने अलग अवसरों और अलग-अलग मैदानों पर खेलने का मौका मिलना. यह सीखने का एक बहुत बड़ा जरिया रहा है.'
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