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This Article is From Mar 16, 2022

IPL 2022: हार्दिक ने पास किया मुश्किल यो-यो टेस्ट, लेकिन यह ओपनर हुआ फेल, टेस्ट के बारे में विस्तार से जानें

बीसीसीआई सूत्रों ने गोपनीयता की शर्त कहा, ‘फिटनेस परीक्षण उन खिलाड़ियों के लिये है जिन्होंने चोट से वापसी की है. आईपीएल के व्यस्त सत्र से पहले यह फिटनेस का सामान्य आंकलन करना है

IPL 2022: हार्दिक ने पास किया मुश्किल यो-यो टेस्ट, लेकिन यह ओपनर हुआ फेल, टेस्ट के बारे में विस्तार से जानें
IPL 2022: हार्दिक का फिट होना फैंस के लिए अच्छी खबर है
नई दिल्ली:

चोटों से जूझ रहे भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या बेंगलुरू में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में फिटनेस के आकलन के लिये किये जाने वाले यो-यो परीक्षण में सफल रहे और अब वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में गुजरात टाइटंस की अगुवाई करने के लिये पूरी तरह तैयार हैं.  भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) आईपीएल से पहले अपने केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों की फिटनेस की जांच कर रहा है तथा पंड्या का एनसीए में दो दिन के दौरान का प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के लिये भी अच्छा संकेत है. बीसीसीआई सूत्रों ने गोपनीयता की शर्त कहा, ‘फिटनेस परीक्षण उन खिलाड़ियों के लिये है जिन्होंने चोट से वापसी की है. आईपीएल के व्यस्त सत्र से पहले यह फिटनेस का सामान्य आंकलन करना है. वह अहम खिलाड़ी हैं और उनकी फिटनेस की वर्तमान स्थिति का आंकलन करना जरूरी है. लेकिन जानकारी के अनुसार एक खिलाड़ी जिसने अपनी वर्तमान फिटनेस से निराश किया वह पृथ्वी शॉ हैं. वह यो-यो परीक्षण में नाकाम रहे.

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यो-यो क्वालीफिकेशन का वर्तमान आंकड़ा 16.5 है जबकि पता चला है कि सलामी बल्लेबाज शॉ इसमें 15 का स्कोर ही निकाल पाये थे. शॉ अभी केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों में शामिल नहीं हैं लेकिन वह अपनी फिटनेस के बारे में जानकारी देने के लिये एनसीए में थे. सूत्रों ने कहा, "यह केवल फिटनेस का आंकलन है. इससे पृथ्वी को आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से खेलने से नहीं रोका जा सकता.'

जानें क्या होता है यो-यो टेस्ट:

कैसे किया जाता है यो-यो टेस्‍ट?
यो-यो टेस्‍ट में यूं तो 23 लेवल होते हैं, लेकिन खिलाड़ि‍यों के टेस्‍ट की शुरुआत 5वें लेवल से होती है. इसके तहत खिलाड़ी को 20-20 यानी 40 मीटर की दूरी एक तय समय में पूरी करनी होती है. जैसे-जैसे लेवल बढ़ता है यह समय कम होता जाता है. इसी के आधार पर स्‍कोर तय किया जाता है. आज तक कोई भी इसके अंतिम यानी 23‍वें लेवल को पार नहीं कर पाया है.

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अलग-अलग देशों में भिन्न हैं मानक
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए यो-यो टेस्‍ट पास करने का पास‍िंग स्‍कोर 16.5 रखा गया है. कुछ समय पहले यह 16.1 हुआ करता था. एक समय इस टेस्ट में युवराज और सुरेश रैना जैसे दिग्गज भी फेल हो गए थे. वहीं, ऑस्‍ट्रेलिया, इंग्‍लैंड और न्‍यूजीलैंड की टीमों के लिए यह स्‍कोर 19  है, तो श्रीलंका-पाकिस्‍तान के लिए 17.4 और साउथ अफ्रीकी खिलाड़ियों के लिए यो-यो टेस्‍ट का स्‍कोर 18.5 होना जरूरी है.

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