इंग्लैंड में खेले जा रहे वीमेंस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय महिलाओं की पिछले मैच में मिली 7 विकेट से जीत में कई खास प्रदर्शन हुए. स्मृति मंधाना का अर्द्धशतक, तो रिचा घोष की अंतर पैदा करने वाली पारी. इन सबके बीच एक और खिलाड़ी श्रेयंका पाटिल (Shreyanka Patil) ने कई पहलुओं से ध्यान खींचा. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने दूसरा ही ओवर थमाया, तो एकदम खरी उतरीं. स्पेल खत्म हआ, तो सबसे किफायती इकॉनमी रन-रेट.श्रेयंका ने पाकिस्तान के खिलाफ तीन ओवर में सिर्फ 17 रन दिए जिससे भारत ने चिर प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ 170 रन के स्कोर का आसानी से बचाव किया.वहीं, एक बेहतरीन कैच, जो फैंस बमुश्किल ही भूल पाएंगे. लेकिन अब नीदरलैंड्स के खिलाफ बुधवार को खेले जाने वाले मैच से पहले श्रेयांका ने उस वक्त के बारे में भी खुलासा किया, जब वह अवसाद से पीड़ित थीं. वह क्रिकेट छोड़ना चाहती थीं.
Shreyanka Patil clicking selfies with Edgbaston fans after India's win over Pakistan ❤️ pic.twitter.com/WP1a2VlzLv
— Jara (@JARA_Memer) June 15, 2026
14 महीने तक दूर रहीं श्रेयंका
दरअसल जुलाई 2024 में पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप मैच के दौरान अंगुली में फ्रैक्चर होने के बाद श्रेयंका लगभग 14 महीने तक खेल से दूर रहीं. चोट की परेशानियां यहीं नहीं रुकीं. उन्हें दोनों पैरों की पिंडली में गंभीर समस्या और बाएं अंगूठे में फ्रैक्चर का भी सामना करना पड़ा जिसके बाद आखिरकार इस साल की शुरुआत में महिला प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से उन्होंने वापसी की.
Shreyanka Patil pulls off an absolute stunner! 🤯🔥
— Faruk (@uf2151593) June 14, 2026
One of the most incredible catches you'll ever see, and Smriti Mandhana's priceless reaction at the end says it all! 😲👏🇮🇳#INDvsPAK pic.twitter.com/wacYUPwR7e
श्रेयंका ने ‘जियोस्टार' से कहा, ‘अगर मैं कहूं मैं अवसाद में नहीं थी या मैंने क्रिकेट छोड़ने के बारे में नहीं सोचा, तो यह झूठ होगा. चोट के दौर में शुरुआत में मुझे ऐसा ही महसूस हुआ था. लेकिन मेरे अंदर एक आवाज थी जो कह रही थी, ‘चाहे कुछ भी हो, मुझे यह खेल खेलना पसंद है. मैं यहां सिर्फ इसलिए हूं क्योंकि मुझे इसे खेलना पसंद है.'
उन्होंने कहा, ‘इसलिए मैं उस चीज को नहीं छोड़ सकती थी, जिसे करना मुझे पसंद है. मैंने हिम्मत बनाए रखी. मेरे पापा मेरे से बात करते रहे और मेरे परिवार ने पूरे समय मेरा साथ दिया. मेरे आस-पास का माहौल और मेरा मजबूत सहयोगी ढांचा, मैं हमेशा अच्छे लोगों से घिरी रही. इसी चीज ने मुझे आगे बढ़ने में मदद की.' इस स्पिनर ने कहा, ‘अब मुझे मैदान पर वापस आकर अच्छा लग रहा है और मैं इस एहसास को जाने नहीं दूंगी.'
श्रेयंका को यह चैलेंज पसंद है!
श्रेयंका ने कहा कि उन्हें दबाव भरे ओवरों में गेंदबाजी करने की चुनौती पसंद है. पावर प्ले में क्षेत्ररक्षण प्रतिबंधों के कारण रन बनाने के मौके बनते हैं इसलिए उनका ध्यान रन रोकने और विपक्षी टीम को गलती करने पर मजबूर करने पर होता है. उन्होंने कहा, ‘मुझे हमेशा से पावर-प्ले में गेंदबाजी करना पसंद रहा है, चाहे वह मेरे राज्य की टीम के लिए हो या भारत के लिए. दबाव में गेंदबाजी करना बहुत अच्छा लगता है क्योंकि मुझे यही करना पसंद है और मैंने पहले भी ऐसा सफलतापूर्वक किया है.'
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