गॉल में श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की टेस्ट सीरीज से शुभमन गिल एंड कंपनी के लिए काफी अहम है. इस सीरीज से यह तय होगा कि भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की रेस में बनी रहेगी या नहीं. पिछले साल घर पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार ने भारत के फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को करारा झटका दिया था. टीम इंडिया 48.15 प्रतिशत अंकों के साथ फिलहाल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है. टीम इंडिया ने 9 टेस्ट खेले हैं. इस दौरान उसे 4 में जीत मिली है जबकि 4 में हार का सामना करना पड़ा है. श्रीलंका के खिलाफ आगादी दोनों मैच को जोड़ दें तो टीम इंडिया इस चक्र में कुल 9 मैच और खेलेगी. श्रीलंका के बाद उसे न्यूजीलैंड का दौरा करना है और अगले साल पांच मैचों की सीरीज में घर पर ऑस्ट्रेलियाई टीम की मजेबानी करनी है.
एक भी हार से बढ़ेगी मुश्किल
भारतीय टीम को 60% अंकों तक पहुंचने के लिए अपने बचे हुए नौ टेस्ट मैचों छह जीत और दो ड्रॉ (80 पॉइंट्स), या सात जीत (84) चाहिए होंगे. एक टेस्ट जीतने पर टीम इंडिया को 12 अंक मिलेंगे और 7 जीत उसे 84 अंकों तक लेकर जाएगी. जबकि ड्रॉ के लिए उसे 4 अंक मिलेंगे.
पिछले च्रक में दक्षिण अफ्रीका ने 69.44 प्रतिशत अंकों के साथ और ऑस्ट्रेलिया ने 67.54% प्रतिशत अंक लेकर फाइनल में जगह बनाई थी. अगर भारत ने बचे मुकाबलों में सात जीते और दो में उसे हार मिली तो उसके 62.96% अंक होंगे, जबकि आठ जीत और एक हार से 68.52% प्रतिशत अंक होंगे (यह मानते हुए कि भारत के स्लो ओवर रेट के लिए अंक नहीं कटेंगे.) 8 जीत भारत को फाइनल का टिकट दिला सकती है. लेकिन क्या यह काफी होंगे?
8 जीत भी नहीं होंगी काफी
फिलहाल तालिका में ऑस्ट्रेलिया टॉप पर है. उसने 8 मैचों खेले हैं और उसके 87.50 अंक हैं. जबकि दूसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका है. अफ्रीकी टीम के 75.00 अंक हैं और न्यूजीलैंड के 72.22 प्रतिशक अंक हैं. ऑस्ट्रेलियाई टीम को अब कुल 14 मैच और खेलने हैं. जिसमें बांग्लादेश और न्यूजीलैंड का सामना वह घर पर करेगी, जबकि दक्षिण अफ्रीका और भारत का दौरा करेगी. ऑस्ट्रेलिया की कोशिश भारत के खिलाफ सीरीज़ की शुरुआत से पहले क्वालिफिकेशन हासिल करने की होगी.
60% स्कोर के साथ खत्म करने के लिए, उन्हें 75 और पॉइंट्स चाहिए, जिसके लिए उन्हें छह जीत और एक ड्रॉ चाहिए. बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ छह मैच जीतकर वह ऐसा कर सकती है. अगर ऑस्ट्रेलिया अपने बचे 14 में से 8 मैच जीतती है तो वह 68.18% प्रतिशत अंकों के साथ खत्म करेगी. ऐसे मे ऑस्ट्रेलिया भारत के खिलाफ 0-5 से हारकर भी फाइनल तक पहुंच सकती है.
बात अगर दक्षिण अफ्रीका की करें तो उसे अब ऑस्ट्रेलिया के अलावा, बांग्लादेश, इंग्लैंड और श्रीलंका के खिलाफ कुल मिलाकर 10 टेस्ट खेलने हैं. दक्षिण अफ्रीका अब सिर्फ श्रीलंका के दौरा करेगी, बाकी मैच उसे घर पर ही खेलने हैं. अगर दक्षिण अफ्रीका ने अपने बचे मुकाबलों में से 7 में जीत दर्ज की तो उसके 71.43 प्रतिशत अंक होंगे. अक्टूबर में अगर वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 मैचों की सीरीज में 0-3 से हार भी जाती है और उसके बाद अपने सभी मैच जीतती है तो भी उसका फाइनल का टिकट पक्का होगा. ऐसे में टीम इंडिया अगर अपने 9 में से 8 मैच जीत भी जाए तो भी उसका फाइनल का टिकट कंफर्म नहीं हो पाएगा.
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