भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में होना है और उससे पहले भारतीय खिलाड़ी लंकाई परिस्थितियों के साथ सामंजस्य बैठाने के लिए श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के साथ एक वॉमअप मैच खेल रहे हैं. बैटिंग ट्रैक पर हो रहे इस अभ्यास मैच के पहले दिन भारतीय गेंदबाजों का टेस्ट हुआ. लेकिन दूसरे दिन बल्लेबाजों ने निराश किया. सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल खाता नहीं खोल पाए. केएल राहुल 40 रन बनाकर आउट हुए. पंत 2 रन तो ध्रुव जुरेल 1 रन बनाकर लौटे. हालांकि, नंबर-3 पर बैटिंग को आए देवदत्त पडिक्कल टीम इंडिया के लिए संकटमोचक बने. उन्होंने शानदार शतक जड़ा. दूसरे छोर से उन्होंने रवींद्र जडेजा का साथ मिला.
साई सुदर्शन चोटिल हैं, ऐसे में पडिक्कल ने अपने शतक से ना सिर्फ टीम मैनेजमेंट की चिंताओं को दूर किया बल्कि मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उन्होंने प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह भी पक्की कर ली है. न्यूज एजेंसी पीटाआई के अनुसार, साई सुदर्शन चोटिल होकर बाहर हो गए हैं और अभ्यास मैच में शतक जड़ने वाले देवदत्त पडिक्कल ने नंबर-3 पर अपनी जगह पक्की कर ली है.
दूसरे दिन का खेल खत्म होने पर, भारत ने अपनी पहली पारी 90 ओवर में आठ विकेट पर 357 रन बनाकर खत्म की. पडिक्कल के शानदार नाबाद 142 रन और अनुभवी रवींद्र जडेजा के 63 रन (रिटायर्ड आउट) दिन के हाइलाइट्स रहे, जबकि मानव सुथार (41) ने भी अपने पहले विदेशी दौरे पर बल्ले से प्रभावित किया.
पिच पर बैटिंग करना काफी आसान हो गया था, और पडिक्कल ने इसका पूरा फायदा उठाया. पारी के दौरान उन्होंने 18 बाउंड्री लगाकर दिखाया कि वह अब अपनी सही जगह वापस पाने के लिए तैयार हैं. यशस्वी जायसवाल (0) दिन की दूसरी गेंद पर बाएं हाथ के तेज गेंदबाज विश्व फर्नांडो (1/42) की गेंद पर आउट हो गए, जिसके बाद केएल राहुल (40) और पडिक्कल ने दूसरे विकेट के लिए 96 रन जोड़े.
पडिक्कल ने फुलर गेंदों पर कुछ कवर ड्राइव से शुरुआत की और फिर पॉइंट के आगे और पीछे कुछ शानदार कट लगाए. वह खासकर दाएं हाथ के पेसर इशिता विजेसुंदरा पर बहुत ज़्यादा सख़्त थे. मशहूर 'नटराज शॉट' भी पेसरों के खिलाफ़ सामने आया.
पडिक्कल की बैटिंग की खासियत वह एक्स्ट्रा सेकंड था, जो उन्हें पूरी पारी के दौरान मिलता रहा. उनका डिफेंस भी बेहतर हुआ और स्पिनरों के खिलाफ़ उनका फुटवर्क शानदार रहा है. ऑफ-स्पिनर रमेश मेंडिस के पुल शॉट ने रिटायर होने से पहले सिर्फ 121 गेंदों में उनका शतक पूरा किया. तब तक, उन्होंने जडेजा के साथ तीसरे विकेट के लिए 72 रन जोड़ लिए थे. दिन के आखिरी में पडिक्कल फिर बल्लेबाजी को आए. दिन के अंत पर, पडिक्कल 142 रन बनाकर नाबाद थे.
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