भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने रविवार को कहा कि पिछली सात पारियों में अर्धशतक नहीं बना पाने के बावजूद उन पर किसी तरह का 'दबाव' नहीं था और इस कठिन दौर में उनका हौसला बढ़ाने के लिए उन्होंने मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल का आभार जताया. जुरेल ने पहले टेस्ट के दूसरे दिन 68 गेंद में 51 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली जिसकी बदौलत भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहली पारी में स्टंप तक नौ विकेट पर 460 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया.
ध्रुव जुरेल के आंकड़े कर रहे हैरान
बता दें, यह एक स्पेशलिस्ट बल्लेबाज़ के तौर पर जुरेल का पांचवां टेस्ट मैच है. इससे पहले खेले गए चार मैचों की सात पारियों में उन्होंने 8.57 की औसत से कुल 60 रन बनाए थे, जिसमें उनका सर्वाधिक स्कोर 19 रन था. इसके उलट, जिन छह टेस्ट मैचों में उन्होंने विकेटकीपर की भूमिका निभाई है, उनमें उन्होंने 59.71 की औसत से कुल 418 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक और एक शतक शामिल है.
लगातार फ्लॉप फिर भी नहीं था दबाव
दिन का खेल समाप्त होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में जुरेल ने कहा,"सच कहूं तो मुझ पर कोई दबाव नहीं था. मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है. मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान यही है कि मैं देश के लिए खेल रहा हूं." उन्होंने कहा,"जब भी मैं कप्तान या मुख्य कोच से बात करता हूं, वे हमेशा बताते हैं कि मुझे क्या करना है और मैच की स्थिति क्या है. उसी हिसाब से खेलने के लिए कहते हैं. बल्लेबाजी करने से पहले मैं किसी व्यक्तिगत उपलब्धि के बारे में नहीं सोचता. मैं सिर्फ मैदान पर जाकर वही करने की कोशिश करता हूं, जिसकी टीम को जरूरत होती है."
अनुभव का मिला फायदा
जुरेल ने बताया कि टेस्ट सीरीज से पहले वह इसी मैदान पर भारत ए के लिए खेल चुके थे और उस अनुभव का उन्हें काफी फायदा मिला. उन्होंने कहा,"हम यहां 10 दिन पहले आ गए थे. हमने कोलंबो में अभ्यास किया और उससे पहले भारत ए के लिए खेले. यहां हमने चार-पांच अभ्यास सत्र भी किए. ऐसी पिचों पर जितना ज्यादा बल्लेबाजी करें, उतने ही बेहतर होते हैं." उन्होंने कहा,"इससे मेरी बल्लेबाजी में सुधार हुआ, यहां के माहौल और परिस्थितियों को समझने में मदद मिली. यह अनुभव वास्तव में काफी उपयोगी रहा."
इस 25 साल के बल्लेबाज ने कहा कि बारिश और गीली आउटफील्ड के कारण दो सत्र गंवाने के बाद टीम की योजना ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की थी, लेकिन लापरवाही से नहीं. उन्होंने कहा,"हमारी योजना ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की थी. ऐसा नहीं था कि पहली ही गेंद से बेखौफ होकर बड़े शॉट खेलने लगें." जुरेल ने कहा,"हम समझदारी से क्रिकेट खेलना चाहते थे, निचले क्रम में अच्छी साझेदारियां बनाना चाहते थे और जितने अधिक रन हो सकें, उतने बनाने की कोशिश कर रहे थे."
गेंदबाजों को करना होगा काम
उनका मानना है कि पिच अब भी बल्लेबाजी के लिए अच्छी है और तीसरे दिन भारतीय गेंदबाजों को लंबा स्पेल डालना पड़ सकता है. उन्होंने कहा,"मुझे लगता है कि हमें भी श्रीलंका के गेंदबाजों की तरह लंबे स्पेल डालने होंगे और लगातार सही लाइन-लेंथ बनाए रखनी होगी. इसमें कोई बड़ी रणनीति नहीं है. हमें सिर्फ अच्छी जगह गेंद डालनी है और चीजों को सरल रखना है." जुरेल ने कह,"अगर हमें मैच जीतना है तो पूरे जज्बे के साथ खेलना होगा और विपक्षी टीम के सभी 20 विकेट लेने होंगे."
जुरेल ने अपने साथी बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल की 167 रन की शानदार पारी की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा,"उन्होंने पहले भारत ए के लिए रन बनाए और अब यहां भी शानदार बल्लेबाजी की. उन्हें जब भी मौका मिलता है, वे रन बनाते हैं. एक साथी क्रिकेटर के तौर पर यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि वह भारत के लिए इतना अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं."
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