T20 World Cup 2026 के सुपर-8 राउंड में टीम इंडिया का पहला ही मैच क्या खराब गया कि उसके करोड़ों चाहने वालों की मानो सांस ही अटक गई है. गली-गली, चौराहे, ऑफिस से लेकर तमाम जगह फैंस यही चर्चा आपस में कर रहे हैं कि क्या टीम सूर्यकुमार सेमीफाइनल में अब पहुंच भी पाएगी? जाहिर है कि दक्षिण अफ्रीका के हाथों सुपर-8 (Super-8 Round) के पहले ही मैच में 76 रन से मिली हार ने माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी थीं. और अगर इस पर भी कुछ बाकी बचा था, तो वह सोमवार को विंडीज की जिंबाब्वे पर 107 रन की जीत ने पूरी कर दी! विंडीज की मेगा जीत के बाद अब फैंस की चर्चा में एकदम से NRR ने ज्यादा जगह बना ली है! वजह है कि भारत को ग्रुप-1 में खुद को नंबर-2 पायदान पर लाने के लिए सिर्फ और सिर्फ जिंबाब्वे (India vs Zimbabwe) को हराना भर ही काफी नहीं है. उसे न केवल जीत चाहिए, बल्कि विशाल अंतर से जीत चाहिए! चलिए आप जान लीजिए कि जिंबाब्वे के खिलाफ अगले मैच में उसे नंबर-2 पर खुद को लाने के लिए क्या सुपर मिरेकल करना होगा. और उसके सामने व्यावहारिक रास्ता क्या है.
(0.000) NRR के लिए करना होगा यह काम
फिलहाल टीम इंडिया नेट रन-रेट के मामले में -3.800 के साथ खड़ी है. अब जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत को 76 रन से हार मिली थी, तो जिंबाब्वे को वीरवार को इतने ही रनों के अंतर भर से हरान से भारत का नेट रन-रेट यानी बराबरी (0.000) पर आकर खड़ा हो जाएगा, लेकिन इसके बावजूद टीम इंडिया नंबर-3 की टीम बनी रहेगी. और जीत के बावजूद करोड़ों भारतीय फैंस की सेमीफाइनल खेलने से लेकर जुड़ीं चिंताएं और शंकाएं खत्म नहीं होंगी. यहां विंडीज के नेट रन-रेट से आगे निकलने के बारे में तो सोचना ही मूर्खतापूर्ण होगा, लेकिन दक्षिण अफ्रीका (+3.801) से ही आगे निकलने के लिए भारत को 'सुपर मिरेकल' करना होगा.
द. अफ्रीका से आगे निकलना 'सुपर मिरेकल' असंभव जैसा !
और यह चमत्कार करना भी टीम इंडिया के लिए लगभग असंभव जैसी बात होगी. अगर वीरवार को भारत पहले बैटिंग करता है और विंडीज के अंदाज में तूफानी बल्लेबाजी करते हुए मान लेते हैं कि वह उदारण के तौर पर 200 का स्कोर बनाता है, तो दक्षिण अफ्रीका से बेहतर रन-रेट हासिल करने के लिए भारतीय बॉलरों को जिंबाब्वे को 25-30 रनों के भीतर ऑलआउट करना होगा. और इसका साफ-साफ मतलब यह है कि टीम सूर्यकुमार यादव को जिंबाब्वे को 170+ रनों के अंतर से मात देनी होगी. और अगर ऐसा हो जाता है, तो यह किसी सुपर मिरेकल से कम नहीं ही होगा. वहीं, अगर भारत 250 रन बनाता है, तो उसे दक्षिण अफ्रीका से आगे निकलने के लिए करीब 229 रन से मात देनी होगी. और यह लगभग असंभव सी बात है.
+ में आने का यह एक व्यावहारिक प्लान है!
वैसे टीम सूर्यकुमार के पास अंक व्यावहारिक रास्ता यह है कि अगर वह जिंबाब्वे को सौ रन से अंतर से मात दे देती है, तो उसका नेट रन-रेट +1.200 हो जाएगा. और भारती. प्रबंधन इस एप्रोच के साथ अपना प्लान बनाने पर काम कर सकता है या कम से कम इस प्लान पर उसे काम करना ही होगा. वजह यह है कि अगर गंभीर एंड कंपनी सौ रन से अंतर जीत की रणनीति नहीं बनाएगी, तो यहां से रनों की कम होती उल्टी गिनती उसके लिए मुश्किलें बढ़ाने का ही काम करेगी.
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