आयरलैंड के खिलाफ शुक्रवार से दो टी20 मैचों की सीरीज शुरू हो रही है. और मैच की पूर्व संध्या पर हुए टीम के पहले नेट सेशन में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ही पूरे मीडिया के अटेंशन का केंद्र रहे. करोड़ों फैंस सहित मीडिया का भी यही सवाल है कि क्या वैभव अपना डेब्यू मैच खेलेंगे. इसके अलावा प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्यादातर सवाल सूर्यवंशी के इर्द-गिर्द ही सिमटे रहे. और हर मुश्किल सवाल और टीम प्रबंधन की राय के बारे में गौतम के सहायक कोच सितांशु कोटक ने बहुत ही शानदार अंदाज में जवाब दिया.
Vaibhav Suryavanshi during his first practice session with senior Indian team and he had some discussion with coach Gautam Gambhir after session.🇮🇳❤️
— 𝐑𝐮𝐬𝐡𝐢𝐢𝐢⁴⁵ (@rushiii_12) June 25, 2026
Ig India debut is loading for Vaibhav👀 pic.twitter.com/ensYhEGrDf
'गौतम की वैभव को सलाह'
वैभव ने सीनियर टीम के साथ पहली बार नेट अभ्यास किया, आपका इस पर कैसा आंकलन रहा?, पर टीम इंडिया के प्रैक्टिस सेशन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए भारतीय असिस्टेंट कोच सितांशु कोटक ने कहा, 'सीनियर टीम के साथ वैभव का यह पहला नेट सेशन था, लेकिन मैं उसे अंडर-19 टीम में देख चुका हूं. मुझे लगता है कि वह असाधारण टैलेंट है. हम सभी ने देखा कि वैभव आईपीएल में कैसा खेले. और जो भी लड़के बीसीसीआई के सिस्टम यानी अंडर-19, भारत A के लिए खेलकर आते है, वह टीम इंडिया का कल्चर समझते हैं. ऐसा नहीं है कि वैभव के लिए बहुत कुछ अलग है. लेकिन हम जो बात कर रहे थे, गौतम ने भी वही कहा कि उसे लुत्फ उठाना चाहिए. अगर वह कुछ पूछना चाहता है, या साझा करना चाहता है, तो उसे ऐसा करना चाहिए. गौतम वैभव के साथ वही बात कर रहे थे कि आपको अपनी टीम के लिए खेलने जैसा महसूस करना चाहिए.बाकी बैटिंग के पहलू से कहूं, तो वह बहुत ही अच्छा है. उसका समायोजन और इरादे का स्तर बहुत ही अच्छा है.
'जब समय आएगा, तो वैभव खेलेगा'
भारतीय XI क्या होगी, पर बैटिंग कोच ने कहा, 'टीम शाम को तय होगी. देखते हैं. देखिए जैसे वैभव टीम इंडिया में आए, बाकी खिलाड़ी भी वैसे ही हैं. जब समय आएगा, तो वह डेब्यू करेगा. लेकिन ऐसा कहना मुश्किल है कि वैभव कल ही डेब्यू करेगा या अगले मैच में करेगा. वह डेब्यू कर सकता है. जब आज श्रेयस और गौतम टीम के बारे में तय करेंगे, तो उस समय यह साफ हो जाएगा.
इतना टैलेंट, क्या सिर दर्द नहीं होता?
आपके पास इतना टैलेंट है, इससे कैसे डील करते हैं? इस पर सितांशु कोटक ने कहा, 'यह बढ़िया सवाल है.भारत में इतना टैलेंट है कि सेलेक्टरों को भी सिरदर्द है. हालांकि, मुझे इतनी समस्या नहीं है क्योंकि कप्तान और हेड कोच को मिलकर तय करना है.कभी-कभी यह मुश्किल होता है, लेकिन हमें यह भी याद रखना है कि जो खिलाड़ी पहले से ही परफॉर्म कर रहे हैं, उनकी कभी भी अनदेखी नहीं करनी चाहिए.ऐसा मैं सोचता हूं. बीसीसीआई के ढांचे से नए, टैलेंटेड खिलाड़ी आते ही रहेंगे. मुझे लगता है कि यह स्वस्थ मुकाबला है.और जो भी खिलाड़ी आता है, उसे अपने मौके के लिए सही समय का इंतजार करना चाहिए.'
वैभव ने ज्यादा घरेलू क्रिकेट नहीं खेली?
वैभव जैसी प्रतिभा जब आती है. और उन्होंने बहुत ज्यादा घरेलू क्रिकेट नहीं खेली. इस तरह के टैलेंट के लिए क्या आपको अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है? इस सवाल पर सिताशुं कोटक ने कहा, 'मुझे लगता है कि इस स्तर पर कोई खिलाड़ी परफॉर्म करने के बाद जब आता है, तो उसका इंटेंट, निर्णय लेने की क्षमता अच्छा ही रहेगा. बाकी बातों से अलग उसे यह अहसास कराए जाने की जरूरत है कि वह टीम का हिस्सा है. वह स्वतंत्रतापूर्व बर्ताव कर सकता है, जैसा वह बाकी टीमों के साथ करता है. यह काफी है. जहां तक कोचिंग की बात है, तो यह ठीक वैसी ही है, जैसी बाकी खिलाड़ियों को लिए रहती है. जो कुछ भी हमारे ध्यान में आता है, हम बताते हैं. वैभव के लिए भी कुछ अलग से खास नहीं है, लेकिन जिस तरह वह प्रदर्शन कर रहा है, वास्तव में वह एक टैलेंटेड युवा खिलाड़ी है.'
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