पूरे क्रिकेट जगत की नजरें नई सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibahv Sooyryavanshi) पर लगी हुई हैं, तो इसी चर्चा के बीच इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो. रूट अपनी 'मंजिल' की ओर दबे पांव चल रहे हैं. पिछले दो साल में रनों बनाने के मामले में गिरावट के बावजूद जो. रूट (Joe Root) ने हालिया प्रदर्शन के दम पर जारी आईसीसी टेस्ट रैंकिंग (ICC Test Ranking) में नंबर-1 बल्लेबाज की पायदान हासिल कर ली. रूट ने खेली जा रही सीरीज में अभी तक 2 टेस्ट में सिर्फ 33.00 के औसत से 132 रन ही बनाए हैं. पहले टेस्ट में नाकाम रहे रूट ने दूसरे टेस्ट में दोनों पारियों में 46 और 77 का स्कोर किया, तो नतीजा यह रहा कि इसने रूट को एक बार फिर से नंबर एक बल्लेबाज बना दिया. इसी के साथ ही रूट ने फिर से आईसीसी की पिच पर सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए गार्ड ले लिया है! जी हां, एक बार जो. रूट और उनके चाहने वालों की नजरें सचिन के 51 टेस्ट शतकों के रिकॉर्ड के टूटने पर जा टिकी हैं.
जनवरी में आया था आखिरी शतक
जो. रूट ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरी पारी में 77 रन और फिर से नंबर-1 बल्लेबाज के मिले तमगे से सचिन के मेगा रिकॉर्ड पर फिर से निशाना साध दिया है. वैसे रूट का आखिरी और 41वां शतक दूसरे टेस्ट की आखिरी पारी को मिलाकर कुच 5 पारियां पहले जनवरी के महीने में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आया था. तब पूर्व कप्तान ने 160 रन की पारी खेली थी. शतक के बाद कुछ पारियों में चूके रूट को एक बार फिर से इस अर्द्धशतक ने भरोसा दिया होगा कि यहां से् वह अपना वह सपना पूरा कर सकते हैं, जिसकी उम्मीद उनके दोस्तों, परिवार के साथ ही इंग्लैंड के तमाम क्रिकेटप्रेमी कर रहे हैं.
साथी खिलाड़ी हैरी ब्रूक को दी मात
लंदन में इंग्लैंड को 253 रनों से मिली करारी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रूट ने 46 और 77 रनों की पारियां खेलीं. उनकी ये पारियां इस दाएं हाथ के बल्लेबाज को दो स्थानों का फायदा दिलाने और उनके साथी खिलाड़ी हैरी ब्रूक तथा ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड को पीछे छोड़ते हुए उनके शानदार करियर में 12वीं बार शीर्ष स्थान हासिल कराने के लिए पर्याप्त साबित हुईं. हाल के दिनों में रूट और ब्रूक दोनों ने ही नंबर 1 स्थान का आनंद लिया है, जिसमें यॉर्कशायर की इस जोड़ी ने पिछले 18 महीनों में कुल छह बार शीर्ष स्थान आपस में बदला है.
पहली बार नंबर-1 (अगस्त 2015)
जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में शानदार 130 रनों की पारी खेली थी। इस दमदार प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने अपने करियर में पहली बार नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज का ताज पहना.
दूसरी बार नंबर-1 (अगस्त 2015)
उसी महीने रैंकिंग की लुका-छिपी में स्टीव स्मिथ के हाथों एक बार स्थान गंवाने के बाद, रूट ने फिर से शानदार खेल दिखाकर नंबर-1 स्थान तुरंत वापस पा लिया था.
तीसरी बार नंबर-1 (अक्टूबर 2015)
साल 2015 के अंत में पाकिस्तान के खिलाफ यूएई (UAE) में खेली गई सीरीज के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उन्होंने तीसरी बार शीर्ष स्थान हासिल किया
चौथी बार नंबर-1 (दिसंबर 2015)
यह दक्षिण अफ्रीका के दौरे की शुरुआत का समय था, जब एबी डिविलियर्स और स्टीव स्मिथ के साथ चल रही त्रिकोणीय जंग में रूट साल के अंत में चौथी बार नंबर-1 बने
पांचवीं बार नंबर-1 (अगस्त 2021)
रूट को पांचवीं बार नंबर एक बल्लेबाज बनने का सौभाग्य करीब छह साल के अंतराल बाद मिला. साल 2021 जो रूट के करियर का सबसे बेहतरीन साल था. उन्होंने श्रीलंका में दो दोहरे शतक और फिर भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज में लगातार 3 शतक जड़े. इस बेमिसाल फॉर्म के दम पर वे लगभग 6 साल बाद दोबारा दुनिया के नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बने।
छठी बार नंबर-1 (दिसंबर 2021)
रूट ने जो रन बनाने का सिलसिला 2021 में शुरू किया था, वह और आगे बढ़ा. इसी साल के अंत में खेली गई ऐतिहासिक एशेज सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में शानदार बल्लेबाजी के चलते उन्होंने साल का अंत दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाज के रूप में (छठी बार नंबर-1 बनकर) किया.
सातवीं बार नंबर-1 (जून 2022)
जो. रूट को साल 2021 में मिली शानदार फॉर्म अगले साल भी जारी र ही. और जो. रूट न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में चौथी पारी में नाबाद मैच जिताऊ शतक लगाने के बाद मार्नस लाबुशेन को पीछे छोड़कर वह सातवीं बार शीर्ष पर पहुंचे.
आठवीं बार नंबर-1 (जून 2023)
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू एशेज सीरीज के पहले ही टेस्ट (एजबेस्टन) में शानदार नाबाद शतक लगाने के बाद लाबुशेन को दोबारा पछाड़कर वह 8वीं बार नंबर-1 बने.
नौवीं बार नंबर-1 (2025 का मध्य)
एक साल करीब सूखा गुजरा, तो नंबर-1 की पायदान न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान केन विलियसन ने छीन ली और वह लंबे समय तक दुनिया के नबर-1 बल्लेबाज बने रहे. लेकिन रूट ने फिर से वापसी की. रूट ने लगातार शानदार प्रदर्शन कर विलियमसन को पछाड़ा और 9वीं बार दुनिया की नंबर-1 गद्दी संभाली
दसवीं बार नंबर-1 (2025 का अंत)
हैरी ब्रूक द्वारा कुछ समय के लिए नंबर-1 स्थान लेने के बाद रूट ने एक और सफल टेस्ट सीरीज के बूते ब्रूक को पीछे छोड़ा और 10वीं बार शीर्ष पर लौटे, लेकिन यहां से उनका मुकाबला अपनी देश के हैरी से लगातार होता रहा.
ग्यारहवीं बार नंबर-1 (मई-जून 2026 के शुरुआत में)
अपनी निरंतरता के दम पर साल 2026 की शुरुआत में ही रूट ने ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड और हैरी ब्रूक के साथ जारी कड़ी त्रिकोणीय जंग में एक बार फिर बाजी मारी और 11वीं बार नंबर-1 बने.
बारहवीं बार नंबर-1 (24 जून 2026 - ताजा रैंकिंग)
जून 2026 में हैरी ब्रूक मात्र दो हफ्तों के लिए नंबर-1 बने थे, लेकिन द ओवल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में रूट ने विपरीत परिस्थितियों में 46 और 77 रनों की बेहद जुझारू पारियां खेलीं. इसी प्रदर्शन के दम पर उन्होंने हैरी ब्रूक और ट्रैविस हेड को एक साथ पीछे छोड़ते हुए अपने पूरे ऐतिहासिक करियर में 12वीं बार नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया.
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