आईसीसी (ICC) रेटिंग प्रणाली की शुरुआत 1987 में पारंपरिक आंकड़ों (जैसे औसत) की तुलना में किसी क्रिकेटर के फॉर्म और प्रदर्शन का अधिक सटीक आकलन करने के लिए की गई थी. ऐतिहासिक संदर्भ प्रदान करने के लिए इस प्रणाली को पहले के दौर के खिलाड़ियों पर भी पूरी तरह से लागू किया गया, जिससे यह जाना जा सके टेस्ट इतिहास का सर्वश्रेष्ठ बॉलर कौन है. वजह यह है कि इन शीर्ष 10 बॉलरों का चयन आईसीसी ने उनके करियर में 1000 के पैमाने पर हासिल सर्वश्रेष्ठ रेटिंग प्वाइंट के आधार पर किया. इसके लिए खिलाड़ियों का डाटाबेस तैयार किया गया. ये रेटिंग्स एक ऐसे पैमाने पर मापी जाती हैं जिसका मानक 1,000 प्वाइंट तय किया गया है. वैसे अब तक की सबसे उच्चतम रेटिंग 961 है, जिसे डॉन ब्रैडमैन ने हासिल किया था. वहीं तेज गेंदबाजों में शीर्ष स्थान सिडनी बार्न्स के पास है. उनकी रेटिंग 931 है. अब तक 18 तेज गेंदबाजों ने टेस्ट क्रिकेट में 900 अंकों के आंकड़े को पार किया है. और इस वजह से कई दिग्गज नाम शीर्ष दस में जगह बनाने से चूक गए. केवल आईसीसी रेटिंग के आधार पर, सभी समय के शीर्ष तेज गेंदबाज इस प्रकार हैं:

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10. वकार यूनिस
87 टेस्ट | 373 विकेट | 23.56 औसत | 22 बार 5 विकेट
सर्वश्रेष्ठ रेटिंग: 909
909 अंकों की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग पर बराबरी पर रहने वाले चार तेज गेंदबाजों में से एक, वकार ने पहली बार 1993 में जिम्बाब्वे के खिलाफ रावलपिंडी में एक शानदार टेस्ट (5-88 और 4-50) के बाद यह मुकाम हासिल किया था. उन्होंने दो बार थोड़े समय के लिए नंबर-1 पोजीशन हासिल की. साल 1993 की शुरुआत में और फिर मई 1993 से फरवरी 1994 तक. इसके बाद उनके प्रदर्शन में गिरावट आई और 1995/96 तक वे 900 के आंकड़े से नीचे आ गए. इसके बाद वह इस आकड़े से कभी ऊपर नहीं गए.
10. डेल स्टेन
93 टेस्ट | 439 विकेट | 22.95 औसत | 26 बार 5 विकेट
सर्वश्रेष्ठ रेटिंग: 909
21वीं सदी के महानतम तेज गेंदबाजों में से एक माने जाने वाले स्टेन, टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पांचवें सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं. टेस्ट क्रिकेट में 10 सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में वह इकलौते ऐसे तेज गेंदबाज हैं जिनका स्ट्राइक रेट 50 से कम (42.3) है.
स्टेन ने मार्च 2008 में चटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ अपने 20वें टेस्ट के बाद पहली बार 900 अंकों के आंकड़े को छुआ था. तब उन्होंने 4-66 और 3-35 विकेट लिए थे. इसके बाद वह अप्रैल 2008 में 897 और फरवरी 2010 में 891 अंकों पर पहुंचे, और आखिरकार नवंबर 2011 में दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट (4-55 और 2-23) के बाद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया. हालांकि, उनकी 909 अंकों की पीक रेटिंग इसके तीन साल बाद दिसंबर 2014 में सेंचुरियन में वेस्टइंडीज के खिलाफ 6-34 के प्रदर्शन के बाद आई.
वकार के विपरीत, स्टेन का न केवल 900-क्लब के आसपास लंबा सफर रहा, बल्कि आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष पर भी उनका लंबा दौर रहा. वह जनवरी 2010 से अक्टूबर 2013 तक और फिर फरवरी 2014 से अगस्त 2015 तक निर्विरोध नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज रहे.
10. शॉन पोलॉक
108 टेस्ट | 421 विकेट | 23.11 औसत | 16 बार 5 विकेट
पीक रेटिंग: 909
शान पोलॉक का के करियर का कुछ हिस्सा स्टेन के साथ टकराया था. उन्होंने साल 1995 में अपना टेस्ट पदार्पण किया, लेकिन 1999 में वह अपने असली रंग में आए. मार्च 1999 में 835 अंकों से उठकर वे छह महीने के भीतर 909 अंकों के अपने शिखर पर पहुंच गए. इस दौरान उन्होंने पांच टेस्ट मैचों में 11.51 के औसत से 33 विकेट लिए. अगले ढाई साल तक पोलॉक शीर्ष पर बने रहे और इस दौरान केवल एक महीने के लिए ही उनकी रेटिंग 889 से नीचे गई. अपने करियर के आखिरी ढाई साल में उनकी फॉर्म में थोड़ी गिरावट (उनके ऊंचे मानकों के हिसाब से) आई और वे 800 से नीचे आ गए, लेकिन 2008 में जब उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट खेला, तब भी वे रैंकिंग में नंबर 8 पर थे.

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10. रिचर्ड हेडली
86 टेस्ट | 431 विकेट | 22.29 औसत | 36 बार 5 विकेट
सर्वश्रेष्ठ रेटिंग: 909
न्यूजीलैंड के इस दिग्गज ने मार्च 1984 में पहली बार आईसीसी टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में नंबर 1 स्थान हासिल किया था. तब से लेकर जुलाई 1990 में अपना आखिरी टेस्ट खेलने तक हेडली चार अलग-अलग अवधियों में लगभग 10 महीनों के लिए ही शीर्ष स्थान से बाहर रहे और कभी भी नंबर 2 से नीचे नहीं गिरे.
उनकी 909 की पीक रेटिंग उनके 60वें मैच के बाद आई जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक 1985/86 सीरीज का तीसरा टेस्ट था. उस सीरीज में हेडली ने 12.15 की औसत से 33 विकेट लिए, जो दूसरे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बॉब हॉलैंड से 20 विकेट अधिक थे. ब्रिस्बेन में 15 विकेट लेने के बाद हेडली ने पर्थ में 11 और विकेट जोड़े जिससे न्यूजीलैंड को 2-1 से सीरीज जीतने में मदद मिली. और उन्होंने अपनी करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग हासिल की. यह ऑस्ट्रेलिया में उनकी आखिरी टेस्ट सीरीज रही.
9. मैल्कम मार्शल
81 टेस्ट | 376 विकेट | 20.94 औसत | 22 बार 5 विकेट
सर्वश्रेष्ठ रेटिंग: 910
सभी समय के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में गिने जाने वाले वेस्टइंडीज के इस दिग्गज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1984/85 सीरीज के एडिलेड टेस्ट के बाद पहली बार आईसीसी टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया था. 10/107 के मैच-हॉल ने वेस्टइंडीज को 191 रनों की जीत दिलाई. उस मैच के बाद मार्शल जब तक वह सेवानिवृत्त हुए, वह कभी भी गेंदबाजी रैंकिंग के शीर्ष तीन से बाहर नहीं हुए.
एडिलेड टेस्ट वह मैच भी था जब उन्होंने पहली बार 900 अंकों के आंकड़े को छुआ था. मार्च 1987 से अप्रैल 1988 के बीच कोई टेस्ट न खेलने के कारण उनकी रेटिंग 829 तक गिर गई थी, लेकिन मार्शल ने वापसी की और जुलाई 1988 में इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स टेस्ट की दोनों पारियों में कुल 5-102 विकेट लेकर पांच टेस्ट मैचों के भीतर 910 की अपनी पीक रेटिंग हासिल कर ली.

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8. इयान बॉथम
102 टेस्ट | 383 विकेट | 28.40 और | 27 बार 5 विकेट
पीक रेटिंग: 911
टेस्ट में बॉथम के गेंदबाजी रिकॉर्ड को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है. उनके गेंदबाजी करियर की शुरुआत शानदार रही थी और उन्होंने अपने 11वें टेस्ट में ही नंबर 1 स्थान हासिल कर लिया था. अपने शुरुआती 41 टेस्ट में उन्होंने 21.20 की औसत से 202 विकेट लिए. लेकिन शुरुआती मानकों में लगातार गिरावट के कारण उनके आखिरी 61 टेस्ट में केवल 36.43 की औसत से 181 विकेट ही मिल सके.
जब उन्होंने पहली बार नंबर 1 स्थान हासिल किया (अगस्त 1978), तो बॉथम ने शीर्ष पायदान पर दो साल का ऐसा दौर बिताया जिसमें केवल दो हफ्ते की एक अवधि शामिल थी जब वह नंबर 1 की जगह नंबर 2 पर रहे थे. इसी दौर के दूसरे हिस्से में उन्होंने 1980 में भारत के खिलाफ वानखेड़े टेस्ट के बाद 911 की अपनी पीक रेटिंग हासिल की. तब उन्होंने दोनों पारियों में (और एक शतक भी) 13 विकेट लिए थे. आखिरी बार उनकी रेटिंग 850 से ऊपर उनके 42वें टेस्ट के बाद (1981 के अंत में) थी, जिसके बाद उनका ग्राफ नीचे गिरता चला गया और 1992 में अपने आखिरी टेस्ट के समय यह गिरकर मात्र 372 अंक रह गया.
6. वर्नोन फिलैंडर
64 टेस्ट | 224 विकेट | 22.32 औसत | 13 बार 5 विकेट
सर्वश्रेष्ठ रेटिंग: 912
इस सूची में थोड़ा चौंकाने वाला नाम है वर्नोन फिलैंडर, जिन्होंने स्टेन और मोर्ने मोर्कल के साथ एक घातक तिकड़ी बनाई थी, लेकिन अक्सर उन पर ज्यादा ध्यान नहीं गया. यह दाएं हाथ का तेज गेंदबाज दक्षिण अफ्रीका में सबसे ज्यादा घातक था, जहां उन्होंने 19.08 की औसत से 146 विकेट लिए. देश में 20 से कम के औसत से 100 से अधिक विकेट किसी अन्य गेंदबाज ने नहीं लिए हैं.
फिलैंडर अपने 10वें टेस्ट से लेकर 18वें टेस्ट तक नंबर 2 पर रहे. 19वें टेस्ट (2013 में जोहान्सबर्ग में भारत के खिलाफ) में उन्होंने पहली बार शीर्ष स्थान हासिल किया। एक उच्च स्कोरिंग मैच में, उनकी पहली पारी में 4-61 और दूसरी में 3-68 की गेंदबाजी ने उन्हें 912 रेटिंग अंकों तक पहुंचा दिया. उस समय तक केवल छह अन्य गेंदबाज ही इतनी ऊंचाई तक पहुंच पाए थे. हालांकि फिलैंडर ज्यादा देर तक शीर्ष पर नहीं टिक सके. उनका स्कोर उनके 22वें मैच के बाद 900 से गिरकर 23वें मैच के बाद 864 हो गया, और वह कभी भी 850 से ऊपर नहीं जा सके.
6. कर्टनी एम्ब्रोस
98 टेस्ट | 405 विकेट | 20.99 औसत | 22 बार 5 विकेट
सर्वश्रेष्ठ रेटिंग: 912
एम्ब्रोस के टेस्ट करियर की शुरुआत सबसे अच्छी नहीं रही थी. अपने पहले पांच टेस्ट के बाद उनका औसत 40 था और 18 के बाद 26.87. अपने 19वें टेस्ट में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ एक पारी में 8-45 और 10-127 का मैच-हॉल लिया, जिसने आईसीसी रेटिंग में उनकी चढ़ाई की शुरुआत की. इस टेस्ट के बाद वह 645 से बढ़कर 727 पर पहुंच गए. पहली बार 800 अंकों के आंकड़े को पार करने में उन्हें केवल चार और टेस्ट लगे.
एम्ब्रोस आखिरकार अपने करियर के 39वें मैच में 900-क्लब में प्रवेश कर गए, जो 1993 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट के बाद था. तब उन्होंने 7-25 (7-1 के अपने प्रसिद्ध स्पेल सहित) और 2-54 विकेट लिए. उनकी 912 की पीक रेटिंग एक साल बाद मार्च 1994 में इंग्लैंड के खिलाफ त्रिनिदाद टेस्ट में आई, जहां उन्होंने 5-60 और 6-24 का प्रदर्शन किया, दूसरी पारी के प्रयास से इंग्लैंड की टीम 46 रन पर आउट हो गई और 194 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 147 रनों से हार गई. वह अपने बाकी करियर में लगातार 850 अंकों के आस-पास बने रहे, जो न्यूनतम 813 तक गिरा और 846 पर समाप्त हुआ.

4. पैट कमिंस
71 टेस्ट | 309 विकेट | 22.10 औसत | 14 बार 5 विकेट
सर्वश्रेष्ठ रेटिंग: 914
वर्तमान ऑस्ट्रेलिया टेस्ट कप्तान अब तक के संयुक्त रूप से चौथे सबसे ज्यादा रेटिंग वाले तेज गेंदबाज हैं। 18 साल की उम्र में एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रूप में शुरुआत करने वाले कमिंस का दूसरा टेस्ट उनके पहले टेस्ट के साढ़े पांच साल बाद आया था. उनकी वापसी के बाद उनकी रफ्तार काफी तेज हो गई. साल 2017-18 की एशेज में एससीजी में इंग्लैंड के खिलाफ अपने दसवें टेस्ट से पहले और बाद में उनका आईसीसी टेस्ट गेंदबाजी रेटिंग 447 से उछलकर 565 हो गया. उनके 12वें और 14वें टेस्ट के बीच, उनकी रेटिंग 599 से 800 तक 201 अंकों की आश्चर्यजनक छलांग लगा गई.
कमिंस ने 2019 एशेज के दौरान लॉर्ड्स टेस्ट के बाद पहली बार 900 अंकों के आंकड़े को पार किया, जहां उन्होंने 3-61 और 3-35 विकेट लिए. इस मैच ने उन्हें एम्ब्रोस और फिलैंडर से आगे निकालकर 914 अंकों पर पहुंचा दिया. इस सूची के गेंदबाजों में कमिंस का शीर्ष पर अपेक्षाकृत लंबा दौर रहा, जो 2019 एशेज की शुरुआत से लेकर भारत में 2023 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की शुरुआत तक लगातार साढ़े तीन साल तक नंबर 1 रहे. वर्तमान में तीसरे स्थान पर काबिज कमिंस के पास 2025 वेस्टइंडीज सीरीज के बाद 838 अंक हैं.
4. ग्लेन मैक्ग्रा
124 टेस्ट | 563 विकेट | 21.64 औसत | 29 बार 5 विकेट
सर्वश्रेष्ठ रेटिंग: 914
मैक्ग्रा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने 23वें टेस्ट में पहली बार शीर्ष रैंकिंग हासिल की, जहां उन्होंने 5-50 और 3-41 विकेट लिए. उनकी महानता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आखिरी बार जब वह नंबर 1 रैंक पर रहे थे, वह 10 साल बाद 2006 में उनके 119वें टेस्ट के बाद था. अविश्वसनीय रूप से एक बार जब मैक्ग्रा शीर्ष पांच में प्रवेश कर गए, तो वह इससे कभी बाहर नहीं हुए.
हालांकि, 900 अंकों के आंकड़े को पार करने में उन्हें कुछ समय लगा और वह अपने 60वें टेस्ट के बाद ही वहां पहुंचे, जहां उन्होंने ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ 4-33 और 1-33 विकेट लिए थे. उनकी 914 की पीक रेटिंग एक साल बाद 2001 एशेज में ओवल टेस्ट के बाद आई, जहां उन्होंने 2-67 और 5-43 विकेट लिए. उन्होंने अगली एशेज सीरीज में एक बार फिर 914 का आंकड़ा छुआ, जब उन्होंने पर्थ में 2-30 और 2-34 विकेट लिए. थोड़ी गिरावट के बाद 2005 की एशेज के दौरान उनका एक और आखिरी पीक आया, जिसने उन्हें 905 अंकों तक पहुंचा दिया. उन्होंने तीसरे स्थान पर रहते हुए 828 अंकों के साथ अपने करियर का अंत किया.

3. इमरान खान
88 टेस्ट | 362 विकेट | 22.8 औसत | 23 बार 5 विकेट
सर्वश्रेष्ठ रेटिंग: 922
यह पाकिस्तानी ऑलराउंडर टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे अधिक रेटिंग वाले तेज गेंदबाज हैं. इमरान के करियर का ग्राफ बॉथम के बिल्कुल विपरीत दिशा में गया. उनका गेंदबाजी औसत उनके 27वें टेस्ट के बाद पहली बार 30 से नीचे गया और 43वें टेस्ट के बाद पहली बार 25 से नीचे गया. उन्होंने अपने शुरुआती 30 टेस्ट में 30.01 और अपने आखिरी 58 टेस्ट में 19.28 की औसत से गेंदबाजी की.
परिणामस्वरूप, इमरान ने अपने पदार्पण के पूरे 11 साल बाद पहली बार रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया. तब उन्होंने 1982 में इंग्लैंड के खिलाफ 7-52 और 2-84 विकेट लिए. इसके बाद उन्होंने उसी साल के अंत में भारत के खिलाफ कराची में 3-19 और 8-60 विकेट लेने के बाद पहली बार 900 अंकों को पार किया. उन्होंने उस छह मैचों की सीरीज में शानदार प्रदर्शन जारी रखा और 13.95 की औसत से 40 विकेट लिए. इससे इमरान 922 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गए. उन्होंने 724 अंकों के साथ सातवें नंबर के गेंदबाज के रूप में अपने करियर का अंत किया.
2. जॉर्ज लोहमैन
18 टेस्ट | 112 विकेट | 10.75 औसत | 9 बार 5 विकेट
सर्वश्रेष्ठ रेटिंग: 931
100 से अधिक टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाजों में लोहमैन का गेंदबाजी औसत सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ है. दिलचस्प बात यह है कि इस अंग्रेजी दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने अपने पहले दो मैचों में केवल एक विकेट लिया था. इसका मतलब है कि अपने आखिरी 16 टेस्ट में उन्होंने 10.07 की औसत से 111 विकेट लिए.
साल 1896 में पोर्ट एलिज़ाबेथ में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने 15वें टेस्ट के बाद, जहां उन्होंने 7-38 और 8-7 के अविश्वसनीय आंकड़े दर्ज किए थे. इससे लोहमैन की रेटिंग 822 से बढ़कर 888 हो गई थी. इसके बाद उन्होंने जोहान्सबर्ग में दूसरे टेस्ट में 9-28 और 3-43 के और भी बेहतर प्रदर्शन के साथ इसे आगे बढ़ाया. उस 12-विकेट हॉल ने उन्हें 931 अंकों तक पहुंचा दिया, जो उस समय की सर्वोच्च गेंदबाजी रेटिंग थी. स्वाभाविक रूप से लोहमैन ने अपने नाम 928 अंकों के साथ नंबर 1 पर रहते हुए अपने करियर का समापन किया.

1. सिडनी बार्न्स
27 टेस्ट | 189 विकेट | 16.43 औसत | 24 बार 5 विकेट
पीक रेटिंग: 932
बार्न्स का अंतरराष्ट्रीय करियर 1901 और 1914 के बीच चला, लेकिन उनका प्रथम श्रेणी करियर 23 साल लंबा रहा, जिसमें उन्होंने 17.09 की औसत से 719 विकेट लिए. खेल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक माने जाने वाले बार्न्स के आंकड़े उनके समकालीनों की कहानियों की तरह ही उनकी कहानी बयां करते हैं. टेस्ट में किसी भी अन्य गेंदबाज ने इतने कम औसत से इतने अधिक विकेट नहीं लिए हैं और न ही किसी ने इतनी ऊंची आईसीसी टेस्ट गेंदबाजी रेटिंग हासिल की है.
बार्न्स ने 1912 में द ओवल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 5-28 और 8-29 विकेट लेने के बाद पहली बार 900 अंकों का आंकड़ा छुआ. उसके बाद वह कभी भी 900 से नीचे नहीं गिरे और उनकी पीक रेटिंग दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन में उनके आखिरी टेस्ट के बाद आई. गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए उन्होंने दोनों पारियों में सात-सात विकेट लिए और 14-144 के मैच के आंकड़ों के साथ अपना सफर समाप्त किया.
दुनिया भर के कई लोगों के लिए बार्न्स सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर नहीं आ सकते हैं क्योंकि उन्होंने एक सदी से भी अधिक समय पहले खेला था. इससे अलग-अलग दौर की गुणवत्ता की तुलना करना मुश्किल हो जाता है. लेकिन आईसीसी के ठंडे, कठोर आंकड़ों के आधार पर वह दुनिया के अब तक के सबसे बेहतरीन टेस्ट तेज गेंदबाज हैं.
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