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'मैं तेज गेंदों से नहीं डरता', वैभव ने 4 साल पहले इंटरव्यू को शानदार आंकड़ों से साबित किया, वायरल हो रहा वीडियो

Vaibhav Sooryavanshi V/S Pacer bowlers: वैभव दिग्गज पेसरों को ऐसे पीट रहे हैं मानो वे क्लब स्तरीय बॉलर हों..बहरहाल इसके संकेत उन्होंने 11 साल की उम्र में ही दे दिए थे.सूर्यवंशी का इंटरव्यू वायरल हो रहा है. और उनकी बातों पर पेसरों के खिलाफ आंकड़ों ने मुहर लगा दी है

'मैं तेज गेंदों से नहीं डरता', वैभव ने 4 साल पहले इंटरव्यू को शानदार आंकड़ों से साबित किया, वायरल हो रहा वीडियो
Vaibhav Sooryavanshi V/S Pacer bowlers:

Vaibhav Sooryavanshi V/S Pacer bowlers: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में बुधवार को सुनामी पारी से हैदराबाद के होश उड़ाने के बाद वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) का नाम बच्चे-बच्चे की जुबां पर है. क्रिकेट के दिग्गज सूर्यवंशी की तारीफ में कसीदे काढ़ रहे हैं, तो उनकी गूंज क्रिकेट के दायरे से बाहर बॉलीवुड, कॉर्पोरेट जगत, राजनीतिक गलियारे तक जा पहुंची है. और जाए भी क्यों न? जो कुछ भी अभी तक के छोटे से सफर में वैभव ने बल्ले से दिखाया है, वह उनकी उम्र को देखते हुए किसी चमत्कार से कम नहीं ही है. और अब जब उनकी प्रसिद्धि की गूंज का स्तर मैच  दर मैच नया आयाम ले रहा है, तो उनके पुराने किस्से, तस्वीरें और वीडियो भी वायरल हो रहे हैं. वैभव का साल 2022 एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. और सिर्फ 11 साल की उम्र में वैभव के जवाब बताने के लिए काफी है कि वैभव के पैर पालने में काफी पहले ही दिखाई पड़ गए थे. वैभव ने चार साल पहले जो  बात इंटरव्यू में कही, उस पर उन्होंने आईपीएल में अपने दूसरे ही  सीजन में जबर्दस्त अंदाज में मुहर लगा दी. आंकड़े साफ-साफ बोल रहे हैं पेसरों के खिलाफ वैभव की काबिलियत का स्तर क्या है.

'मैं पेस बॉलरों से नहीं डरता' 

चार साल पहले 11 साल की उम्र में बलिया में टूर्नामेंट खेलने आए वैभव से इंटरव्यू में रिपोर्टर ने दो बार जोर देते हुए सवाल पूछा, आपको इतनी छोटी उम्र में तेज गेंदबाजों से डर नहीं लगता? आपको गेंद लगने का डर नहीं लगता? इस सवाल पर मासूम सी मुस्कान के साथ वैभव कहते हैं 'नहीं.' रिपोर्ट पूछता है क्यों? इ इस पर वैभव कहते हैं 'ऐसे ही.' जबाव से हैरान होकर रिपोर्ट फिर सवाल करता है कि डर नहीं लगता कि उम्र कम कम है, चोट तो नहीं लग जाएगी? इस पर वैभव नहीं में जवाब देते हैं. और समय गुजरने के साथ इन चार सालों में वैभव ने पेस बॉलरों के सामने इस बात को अपने आंकड़ों से शानदार अंदाज में साबित किया है. 

पेसरों के खिलाफ पहला प्रमाण 

इस साल के संस्कर में वैभव ने पेसरों के खिलाफ शुरुआती 6 ओवरों में बल्ले से आग लगा दी है. पैट कमिंस हों या फिर जसप्रीत बुमराह या फिर कोई और, सभी ने वैभव की तपिश को महसूस किया है. और इलिमिनेटर मैच तक वैभव ने पावर-प्ले मतलब 1-6 ओवरों में ही 490 रन बनाए हैं. यह एक सीजन में पावर-प्ले का रिकॉर्ड है, जो पेसरों के खिलाफ ही आया है. 

पेसरों के खिलाफ करीब 60 प्रतिशत रन

वैभव ने अभी तक बनाए गए 680 रनों में से 401 रन सिर्फ पेसरों के खिलाफ बनाए हैं, जो कुल रनों का करीब 68.82 प्रतिशत बैठता है. इन रनों के लिए वैभव ने 170 गेंदों का सामना किया. वह 9 बार आउट हुए और उनका औसत 44.55 का रहा, तो उनका स्ट्राइक-रेट पेसरों के खिलाफ 235.90 का है. निश्चित तौर पर ये आंकड़े किसी को भी निरुत्तर करने के लिए काफी हैं. 

पेसरों के खिलाफ छक्कों का अर्द्धशतक

वैभव ने अभी तक यानी इलिमिनेटर राउंड तक अपनी पारी में 65 छक्के जड़े हैं. इनमें से 51 छक्के पेसरों के खिलाफ आए हैं. और इनमें भी 37 छक्के सिर्फ पावर-प्ले में तब आए, जब गेंद एकदम नई होती है और ज्यादा स्विंग और सीम होती है. सूर्यवंशी के करीब 78 प्रतिशत छक्के सिर्फ पेसरों के खिलाफ आए हैं. कुल मिलाकर चार साल पहले इंटरव्यू में कही बात को वैभव ने उतनी ही सहजता और सरलता से साबित किया, जिस अंदाज में उन्होंने इंटरव्यू में कहा था. 

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