अर्जुन राजपूत (85 गेंद में 107 रन) के शानदार शतक पर हमजा जहूर का नाबाद सैकड़ा भारी पड़ा जिससे पाकिस्तान ने एसीसी अंडर-19 वनडे एशिया कप के ग्रुप-ए मुकाबले में रविवार क भारत को तीन विकेट से हराया. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 208 रन बनाए थे. जवाब में पाकिस्तान ने पांच विकेट 61 रन पर गंवा दिए थे, लेकिन हमजा जहूर ने हसनैन डार (38) के साथ छठे विकेट के लिए 107 रन की अहम साझेदारी कर टीम को जीत दिला दी. हमजा ने 108 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए और टीम को 11 गेंद शेष रहते लक्ष्य तक पहुंचा दिया. इस जीत के साथ पाकिस्तान दो मैचों में चार अंक लेकर ग्रुप-ए की अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया. भारत दो अंक के साथ दूसरे स्थान पर है.
भारत के बाएं हाथ के स्पिनर मनाल चौहान ने 13वें और 15वें ओवर में लगातार झटके देकर पाकिस्तान को पांच विकेट पर 61 रन के स्कोर पर मुश्किल में डाल दिया. उन्होंने अब्दुल कादिर को जिस गेंद पर बोल्ड किया, वह काबिलेतारीफ थी. गेंद बल्लेबाज के बल्ले का बाहरी किनारा के करीब से निकलते हुए ऑफ स्टंप पर जा लगी.
ऐसे समय में हमजा जहूर और हसनैन डार (38) ने मोर्चा संभाला। दोनों ने धैर्य के साथ भारतीय गेंदबाजों का सामना किया. इस साझेदारी में हमजा सबसे प्रभावशाली रहे. उन्होंने लंबे हाथों का फायदा उठाते हुए आकर्षक शॉट लगाए. भारतीय तेज गेंदबाजों के खिलाफ उन्होंने आसानी से स्वीप शॉट खेले और मौका मिलने पर आगे बढ़कर भी प्रहार किया.
तेज गेंदबाज ईशान सूद की गेंद पर आगे निकलकर मिडविकेट के ऊपर लगाया गया उनका छक्का दर्शनीय था. स्पिनरों मनाल चौहान, यशवीर गौड़ और अर्जुन राजपूत के खिलाफ भी उन्होंने थर्ड मैन की दिशा में शानदार शॉट लगाकर चौके बटोरे.
डार के 168 रन के कुल स्कोर पर आउट होने के बाद पाकिस्तान को जीत के लिए 41 रन और बनाने थे. हमजा एक छोर पर डटे रहे और टीम को जीत दिलाकर ही लौटे. उन्होंने काव्य पटेल की गेंद पर कवर ड्राइव से चौका लगाकर जीत का रन बनाया. इसी शॉट के साथ उनका शतक भी पूरा हुआ.
मैच के बाद हमजा ने कहा, 'मैं अंत तक क्रीज पर टिके रहना चाहता था. मुझे भरोसा था कि मैं अपने देश को मैच जिता सकता हूं.' पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ ने भी हमजा की तारीफ करते हुए कहा, 'हमजा के प्रदर्शन से मुझे हैरानी नहीं हुई, क्योंकि मैं उनकी क्षमता जानता हूं.'
पहले बल्लेबाजी का फैसला करने के बाद भारत की शुरुआत बेहद खराब रही टीम ने 42 रन तक चार विकेट गंवा दिये. कप्तान लक्ष्य रायचंदानी (शून्य), आर्यवीर सहवाग (22), वीके विनीत (आठ) और यशवर्धन चौहान (एक) जल्दी-जल्दी अपना विकेट गंवा बैठे.
ऐसे मुश्किल समय में राजपूत ने मोर्चा संभालते हुए पाकिस्तानी गेंदबाजों पर जवाबी हमला बोला. उन्होंने अपनी आक्रामक पारी में 11 चौके और पांच छक्के जड़े. उनकी इस पारी की वजह से टीम 200 से अधिक का स्कोर खड़ा करने में सफल रही.
राजपूत ने भारतीय टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के बेटे विकेटकीपर बल्लेबाज अन्वय द्रविड़ (10) के साथ पांचवें विकेट के लिए 44 रन जोड़े. उन्होंने इसके बाद मनाल चौहान (11) के साथ छठे विकेट के लिए 64 रन की साझेदारी की. इन दोनों साझेदारियों में राजपूत का योगदान अधिक रनों का रहा.
उनकी शानदार पारी का अंत 36वें ओवर में हुआ. उनके आउट होते समय टीम का स्कोर सात विकेट पर 170 रन था. यशवीर गौड़ (04) और मोहित उल्वा (07) भी बल्ले से कुछ खास नहीं कर सके और टीम का स्कोर नौ विकेट पर 195 रन हो गया.
पारी के अंतिम चरण में काव्य प्रसाद पटेल (23) और आखिरी बल्लेबाज ईशान सूद (नाबाद 2) ने उपयोगी योगदान देते हुए टीम को 208 रन तक पहुंचाया.
पाकिस्तान की ओर से दाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज अली रजा ने 37 रन देकर तीन और रिजवानुल्लाह ने 24 रन देकर तीन विकेट झटके. दोनों ने शुरुआती झटके देकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी.
इसके बाद बाएं हाथ के स्पिनर निकाब शफीक ने 42 रन देकर तीन विकेट हासिल कर भारत की मुश्किलें और बढ़ा दीं. बाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज मोहम्मद सयाम ने भी 27 रन देकर एक विकेट लिया.
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