भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने 2002 नेटवेस्ट सीरीज फाइनल की यादें साझा करते हुए कहा कि लॉर्ड्स में मिली वह ऐतिहासिक जीत सिर्फ एक क्रिकेट मैच का नतीजा नहीं थी, बल्कि भारतीय क्रिकेट के आत्मविश्वास और नई पहचान की शुरुआत थी. रोहित ने बताया कि उस समय वह महज 15 साल के थे, लेकिन मोहम्मद कैफ और युवराज सिंह की दमदार साझेदारी से मिली जीत और उसके बाद सौरव गांगुली का लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी लहराना आज भी उनके जेहन में ताजा है.
रोहित ने जल्द रिलीज होने वाली फिल्म 'दूसरा' के ट्रेलर की तारीफ करते हुए कहा कि यह फिल्म उस दौर की भावना और उस जीत के असर को बेहतरीन तरीके से पेश करती है. उन्होंने कहा, "जब भारत ने 2002 का नेटवेस्ट फाइनल जीता था, तब मैं 15 साल का था. क्या शानदार पल था. यह सिर्फ एक अविश्वसनीय वापसी नहीं थी, बल्कि भारतीय टीम के आत्मविश्वास का प्रतीक भी थी. 'दूसरा' खूबसूरती से दिखाती है कि वह पल सिर्फ मैच जीतने से कहीं ज्यादा क्यों था."
फिल्म के निर्देशक अभिनय देव का मानना है कि 'दूसरा' केवल क्रिकेट की कहानी नहीं है, बल्कि खुद की पहचान तलाशने और अपनी आवाज बुलंद करने की कहानी भी है. उनके मुताबिक, नेटवेस्ट फाइनल में गांगुली का जर्सी लहराना सिर्फ जश्न नहीं था, बल्कि भारतीय क्रिकेट के बदले हुए तेवर का संदेश था.
23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही यह फिल्म 2002 नेटवेस्ट फाइनल की पृष्ठभूमि पर आधारित है. कहानी तारा नाम की एक युवा लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पारंपरिक सोच और सामाजिक बंधनों के बीच अपनी पहचान बनाने की कोशिश करती है. फिल्म में उस ऐतिहासिक क्रिकेट पल को तारा के निजी संघर्ष और सपनों से जोड़ा गया है.
फिल्म का निर्माण माशा सजदेह और रोहन सजदेह ने किया है, जबकि नीता शाह को-प्रोड्यूसर हैं. प्लाबीता बोरठाकुर, अंकुर विकल, समिधा गुरु, त्विशा सीमा और कृष्णा गोकानी इसमें अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे. मेकर्स को उम्मीद है कि यह फिल्म दर्शकों को 2002 की यादों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें अपने सपनों के लिए खड़े होने की प्रेरणा भी देगी.
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