भारतीय खिलाड़ियों की फील्डिंग में बीते कुछ समय में जो गिरावट आई है, उसने फैंस के साथ साथ बोर्ड में बैठे लोगों के भी कान खड़े कर दिए थे. नतीजा हुआ टी दिलीप, जो लंबे समय तक भारत के फील्डिंग कोच रहे, उन्हें कार्यकाल विस्तार नहीं मिला और उनकी जगह शुभदीप घोष को मौका दिया गया. शुभदीप ने भी आते ही कमान संभाली. श्रीलंका के खिलाफ अभ्यास मैच से पहले भारत की फील्डिंग ड्रील हुई और इसमें शुभदीप का एक्शन प्लान नजर आया. भारतीय खिलाड़ियों ने चार अलग-अलग ड्रील की. शुभदीप ट्रेनिंग के दौरान अपने साथ बोर्ड लिए हुए दिखे, जिस पर 'कैच द ग्रेनेड' का कोचिंग कंपटीशन भी रहा.
शुभदीप घोष ने चार-चार के ग्रुप बनाए और फील्डिंग सेशन को दो हिस्सों में बांटा, जिसे मिनटों के लिए 'बोर्ड गेम्स' और दूसरे को 'कैच द ग्रेनेड प्रतियोगिता' नाम दिया गया. 'बोर्ड गेम्स' के लिए, घोष ने नियमों को इस प्रकार समझाया,"चार कैच, चार बोर्ड होंगे, इसलिए कैचिंग के चार मिनट. हर बोर्ड में बहुत सारी चुनौतियां होंगी." फिर कैचिंग प्रतियोगिता पर उन्होंने कहा,"तो, वहां दो टीमें होंगी, इसलिए प्रतिस्पर्धा होगी. फिर हम रिफ्लेक्स कैचिंग के लिए जाएंगे. और गेंदबाज ड्रॉप स्टेप कैच के लिए जाएंगे."
पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर के नेतृत्व में टीम इंडिया की फील्डिंग दुनिया की बेहतरीन टीमों में से एक के रूप में विकसित हुई थी. लेकिन बीते कुछ सालों में इसमें बुरी तरह गिरावट आई है. भारतीय खिलाड़ियों ने खूब कैच भी टकपाए हैं और इस मामले में जिम्बाब्वे भी भारत से बेहतर रही है. ऐसे में भारत को वापस विश्व स्तरीय फील्डिंग यूनिट बनाने के लिए, शुभदीप घोष ने नया प्लान बनाया है. रिपोर्ट्स की मानें तो आने वाले दिनों में प्लेइंग इलेवन को चुनते समय फील्डिंग को भी ध्यान में रखा जाएगा. जबकि हर सीरीज से पहले सभी खिलाड़ियों के लिए अलग से फील्डिंग ड्रील होगी.
🚨NEW RULES FOR INDIAN CRICKET TEAM UNDER THE NEW FIELDING COACH🚨
— Vaibhav (@Vaibhav574) August 6, 2026
Subhadeep Ghosh, the former Assam and Railways player, has been appointed as the fielding coach of the Indian Men's Team. He is 57 year old and played only 14 matches in his first class career.
- the new rules… pic.twitter.com/GywQxClJU8
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