भारत में WhatsApp इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स को जल्द अपनी डेट ऑफ बर्थ यानी जन्मतिथि जोड़नी पड़ सकती है. Meta के स्वामित्व वाला इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp एक नए फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जिसके तहत कुछ यूजर्स को ऐप ओपन करने पर अपनी उम्र या जन्मतिथि दर्ज करने का ऑप्शन दिखाई दे रहा है.
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए स्क्रीनशॉट्स में एक नोटिफिकेशन दिखाई दिया, जिसमें लिखा था कि भारत में आने वाले नए कानूनों के तहत यूजर्स से उनकी उम्र पूछी जा रही है. हालांकि, फिलहाल ये फीचर केवल लिमिटेड यूजर्स के लिए टेस्ट किया जा रहा है और सभी के लिए जरूरी नहीं है.
WhatsApp ने दिया जवाब
Meta के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP) जैसे आने वाले कानूनों का पालन करने के लिए एज वेरिफिकेशन करने के ऐसे तरीके टेस्ट कर रही है, जो यूजर्स की प्राइवेसी का भी ध्यान रखें. DPDP एक्ट में बच्चों के पर्सनल डेटा की सुरक्षा को लेकर विशेष प्रावधान हैं. इसके तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करना होगा कि 18 साल से कम उम्र के यूजर्स की पहचान की जा सके. भारत WhatsApp का सबसे बड़ा बाजार है, जहां प्लेटफॉर्म के 60 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं.
क्या जन्मतिथि देना जरूरी होगा?
Meta के अनुसार, यह केवल एक टेस्ट है. यूजर्स बिना अपनी उम्र बताए भी WhatsApp का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं. कंपनी ने साफ किया है कि इस टेस्ट से ऐप के सामान्य इस्तेमाल पर कोई असर नहीं पड़ेगा. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स समझ नहीं पा रहे थे कि उनसे उनकी उम्र वॉट्सऐप क्यों पूछ रहा है, कई लोग डेटा प्रोटेक्शन से भी इसको जोड़ कर देख रहे थे.
Meta का कहना है कि उम्र से जुड़ी जानकारी प्राइवेट रहेगी और इसे अन्य WhatsApp यूजर्स के साथ शेयर नहीं किया जाएगा. कंपनी का दावा है कि उम्र वेरिफिकेशन के दौरान भी यूजर्स की प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाएगा. ये टेस्ट ऐसे समय में सामने आया है जब Meta भारत में कई रेगुलेटरी मामलों को लेकर सरकार की निगरानी में है.
हाल ही में कंपनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक Facebook पोस्ट को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किए जाने पर सरकार से माफी मांगी थी. इसके अलावा Instagram और अन्य प्लेटफॉर्म पर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर भी Meta की जांच हो रही है. इसी बीच, केंद्र सरकार ने WhatsApp से उसके नए यूजरनेम फीचर की लॉन्चिंग टालने को भी कहा है. सरकार को आशंका है कि बिना मोबाइल नंबर शेयर किए चैट करने वाला यह फीचर फर्जी पहचान और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों को बढ़ावा दे सकता है.
आगे क्या होगा?
फिलहाल WhatsApp इस फीचर की लिमिटेड टेस्टिंग कर रहा है. अगर भारत में नए डेटा सुरक्षा नियम पूरी तरह लागू होते हैं, तो भविष्य में उम्र वेरिफिकेशन की प्रक्रिया बड़े स्तर पर लागू की जा सकती है. हालांकि कंपनी ने अभी तक इसकी आधिकारिक लॉन्च तारीख या अनिवार्यता को लेकर कोई घोषणा नहीं की है.
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