आयरलैंड दौरे से इंग्लैंड के अभी तक फिलहाल छोटे से सफर में जैसा माहौल बन गया है, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) एक तरफ, बाकी टीम इंडिया एक तरफ. टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में विजय आगाज की तैयारी में जुटी है, लेकिन इससे ज्यादा चर्चे वैभव सूर्यवंशी को उनका डेब्यू कराने या न कराने को लेकर हो रहा है. अब दिग्गज कपिल देव ने सूर्यवंशी को लेकर बहुत ही अहम बातें कही हैं. जहां दुनिया के तमाम फैंस वैभव को लगातार मौका देने और गंभीर एंड कंपनी को पानी पी-पीकर कोस रहे है, तो वहीं कपिल देव ने इन चाहने वालों से वैभव पर ज्यादा दबाव न बनाने की बात कही है.
'वैभव की हर बात समझने की उम्र नहीं'
कपिल ने स्पोर्ट्स तक के साथ बातचीत में कहा, 'मैंने वैभव को ज्यादा खेलते नहीं देखा है. वह एक बहुत ही बड़ी प्रतिभा है और इसमें किसी को भी कोई संदेह नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि हम उसके बारे में ज्यादा ही बड़ी बातें कर रहे हैं. इस समय वैभव को समय दिए जाने की जरूरत है. उसे लेकर ज्यादा हाइप न बनाई जाए. वह इस समय बहुत ही कम उम्र का है और उसकी हर बात समझने की उम्र नहीं है.' वहीं, कपिल देव ने वैभव को असधारण योग्यता का स्वामी बताते हुए उनकी तुलना सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के साथ कर दी है. हालांकि, कपिल यह कहने से भी नहीं चूके कि टेस्ट क्रिकेट में सूर्यवंशी को अभी काफी कुछ साबित करना है. और क्या वैभव टेस्ट में पांच ओवर मेडन निकाल पाएंगे.
बाकी दोनों फॉर्मेटों में साबित करना होगा
कपिल बोले, 'अगर आप काबिलियत की बात करें, तो वह सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जितना ही अच्छा है. ऐसी काबिलियत उसमें दिखाई पड़ती है, लेकिन ऐसा सिर्फ टी20 में ही है. खेल के बाकी दो फॉर्मेटों में उसे साबित करना होगा. लेकिन कपिल ने वैभव के टेम्प्रामेंट (मिजाज) पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वह टेस्ट में 5 ओवर मेडन निकाल पाएंग. ' वहीं, कपिल ने इस सुपरकिड का समर्थन करते हुए कहा कि अगर प्रबंधन को उनमें भरोसा है, तो सूर्यवंशी का डेब्यू करा देना चाहिए. सचिन के शुरुआती दिनों से तुलना करते हुए कपिल ने कहा कि उम्र से ज्यादा खिलाड़ी विशेष की योग्यता ज्यादा मायने रखती है.
'उम्र नहीं, काबिलियत देखें'
कपिल ने कहा, 'वह बहुत ही शानदार खिलाड़ी. इस उम्र में ऐसा असर छोड़ते हुए आप 1 प्रतिशत खिलाड़ियों को भी नहीं पाएंगे. हम सचिन तेंदुलकर की बात कर सकते हैं. जब तेंदुलकर ने भारत के लिए आगाज किया, तो वह काफी छोटे थे. हम यह कहते रहे कि क्या उन्हें मौका देना काफी जल्दबाजी थी, लेकिन अगर आप इतिहास पर नजर दौड़ाओगे, तो आपके भीतर थोड़ा डर पैदा होगा कि आप देरी कर सकते हैं. अगर वैभव तैयार है, तो उसकी उम्र नहीं, बल्कि उसकी काबिलियत का मूल्यांकन करें.'
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