Rishabh Pant V/S Dhruv Jurel: छ दिन पहले ही लखनऊ सुपर जॉयंट्स को छोड़कर दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा बने ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को भले ही इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में दूसरा ठिकाना मिल गया हो, लेकिन टीम इंडिया की जर्सी उनके लिए कहीं ज्यादा मुश्किल हो चली है. पंत टी20 और वनडे में पहले ही अपनी जगह गंवा चुके हैं, तो वहीं अब ध्रुव जुरेल (Dhruve Jurel) पिछले कई महीनों से पंत की टेस्ट कैप भी छीनने में जुटे हैं. और इस कोशिश में ध्रुव जुरेल ने एक और कदम आगे बढ़ा दिया या कहें कि उत्तर प्रदेश के इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने अजीत अगरकर एंड कंपनी सहित पंत पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है. श्रीलंका की धरती पर मेजबान A और भारत A (SL A vs IND A) के बीच खेले जा रहे चार दिनी अनऑफिशियल टेस्ट मैच में कप्तानी कर रहे जुरेल ने नाबाद 141 रन की पारी खेली. और यह पारी निश्चित तौर पर पंत पर बड़ा दबाव डालने का काम करेगी. यह सही है कि हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय प्रबंधन ने जहां पंत को बतौर विकेटकीपर के रूप में खिलाया, तो ध्रुव जुरेल बतौर बल्लेबाज खेले. अफगानिस्तान के खिलाफ तो यह फॉर्मूला काम कर गया, लेकिन भविष्य में टीम का संतुलन ऊपर ले जाने के लिए किसी एक ही विकेटकीपर को XI में जगह देने की बात आएगी, तो हालात उस प्वाइंट पर लगभग जा पहुंचे हैं, जहां प्रबंधन दोनों को तौलते हुए किसी एक को खिलाने के बारे में जरूर सोचेगा.

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टी20 और वनडे दोनों में जगह गंवा बैठे पंत
एक वक्त वह भी था, जब पंत को BCCI सभी फॉर्मेटों में कप्तान बनाने की ओर देख रहा था, लेकिन अब हालात एकदम जुदा हैं. पंत ने भारत के लिए आखिरी टी20 मैच 28 जुलाई, 2024 को खेला था, तो इस साल अफगानिस्तान के खिलाफ घोषित हुई वनडे टीम में उनके ऊपर विकेटकीपिंग के लिए केएल राहुल को वरीयता दी गई. वैसे पंत ने अपना आखिरी वनडे भी 2024 में 7 अगस्त को श्रीलंका के खिलाफ खेला था.
पिछले 1 साल में ध्रुव जुरेल V/S ऋषभ पंत
वैसे आज (27/6) से पिछले साल इसी तारीख तक ध्रुव जुरेल और पंत के प्रदर्शन की तुलना करें, तो दोनों के बीच ज्यादा अंतर नहीं है. इस समयावधि में पंत ने खेले 6 टेस्ट मैचों की 10 पारियों में 35.7 के औसत से 357 रन बनाए. इसमें 4 अर्द्धशतक शामिल रहे, तो वहीं इसी अवधि में ध्रुव जुरेल ने 6 टेस्ट की 10 ही पारियों में 30.66 के औसत, 1 शतक और 1 अर्द्धशतक से 276 रन बनाए हैं. दोनों का प्रदर्शन आस-पास का ही है, लेकिन पिछले एक साल में ध्रुव जुरेल ने अपने खेल का स्तर खासा ऊंचा किया है. टेस्ट क्रिकेट में ध्रुव बहुत पहले ही अपना मिजाज, क्षमता पहले ही साबित कर चुके थे, लेकिन पिछले एक साल में न केवल ध्रुव ने टी20 में अपना स्तर ऊंचा किया, बल्कि जब भी इस विकेटकीपर को भारत A के लिए खेलने का मौका मिला, तो जुरेल ने प्रासंगिकता पूरी तरह बनाए रखी. ठीक हाल ही में श्रीलंका A के खिलाफ नाबाद 141 रन की तरह. ध्रुव इस तरह के प्रदर्शन से लगातार चयन समिति को रिमाइंडर भेजते रहे और यही वजह है कि वह भारत A की कप्तानी कर रहे हैं.

खासा मुकाबला चलेगा जुरेल के साथ पंत का
यह सही है कि ऋषभ ने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ 81 रन की पारी खेली. यह भी सही है कि पंत ने विदेशी जमीं पर अच्छा प्रदर्शन किया है. लेकिन अब जिस मोड़ पर पंत खड़े हैं, यहां से उनका ध्रुव जुरेल के साथ अच्छा-खासा मुकाबला चलेगा. श्रीलंका दौरे में 2 टेस्ट मैचों की XI में दोनों को जगह मिलेगी, लेकिन न्यूजीलैंड में साल के आखिरी में खेले जाने वाले दो टेस्ट में कीवी धरती पर ध्रुव की सीधे बल्ले से तकनीक तुलनात्मक रूप से पंत पर भारी है. और जब अगले साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया 5 टेस्ट खेलने भारत के दौरे पर आएगी, तो भारतीय XI के नए समीकरण बन चुके होंगे. कुल मिलाकर बात यह है कि ध्रुव के साथ पंत का मुकाबला बराबर चल रहा है. और अगर कोई यह कह रहा है कि पंत पर दबाव नहीं है, तो यह एकदम गलत होगा. गाबा के पंत और एक्सीडेंट के बाद ऋषभ में कुछ नहीं, खेल के लिहाज से काफी कुछ बदल चुका है.
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