नई दिल्ली:
‘मिस्टर क्रिकेटर’ माइकल हसी को आईपीएल की अपनी टीम चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और मध्यक्रम के बल्लेबाज सुरेश रैना के साथ बल्लेबाजी करने में आनंद आता है, क्योंकि इन दोनों के तेजी से रन बनाने के कौशल से उन पर से भी दबाव हटता है।
हसी ने चेन्नई की कल रात यहां दिल्ली डेयरडेविल्स पर 86 रन की जीत के दौरान रैना के साथ दूसरे विकेट के लिए 60 और धोनी के साथ तीसरे विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी की थी। इस ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, धोनी जैसे खिलाड़ी के साथ बल्लेबाजी करना अच्छा लगता है, जो कि बेपरवाह अंदाज में बल्लेबाजी करके तेजी से रन बनाता है। उन्होंने कहा, सुरेश रैना दूसरा खिलाड़ी है, जो ऐसा करता है। ये बल्लेबाज आप पर से दबाव हटाते हैं। इससे आप दूसरे छोर से केवल खाली जगहों पर गेंद मारकर रन बटोर सकते हो। इन दोनों के साथ साझेदारी से निश्चिततौर पर मदद मिलती है।
हसी ने नाबाद 65 रन की पारी खेली। जब उनसे पूछा गया कि उनकी रनों की भूख को देखते हुए क्या वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी पर विचार कर सकते हैं, उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, नहीं मैं निश्चिततौर पर अपने फैसले से खुश हूं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की जिंदगी काफी कठिन होती है। आप साल में 10-11 महीने तक बाहर रहते हो। इसलिए मेरा फैसला केवल क्रिकेट से संबधित नहीं था। मेरे छोटे बच्चे हैं और मेरे संन्यास लेने की मुख्य वजह यही थी।
हसी ने मैच के बारे में कहा कि यहां 150 रन का स्कोर अच्छा होता, क्योंकि फिरोजशाह कोटला की पिच पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। चेन्नई ने आखिरी दस ओवरों में 109 रन जोड़कर चार विकेट पर 169 रन बनाए थे। उन्होंने कहा, नई गेंद थोड़ा नीचे रह रही थी। स्थिति का सही आकलन करना मेरी और मुरली विजय की जिम्मेदारी थी। इसके बाद हम कह सकते थे कि अच्छा स्कोर क्या होगा और मेरे हिसाब से 150 रन अच्छा स्कोर होता। बीच में टाइम आउट के दौरान मैंने (कोच) स्टीफन फ्लेमिंग से यह बात कही थी।
धोनी की बड़े शॉट खेलने की क्षमता के कारण हम 20 रन अधिक बनाने में सफल रहे। हसी ने हालांकि कहा कि उनकी टीम को लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। किंग्स इलेवन (पंजाब) के खिलाफ जीत भी काफी अच्छी थी, लेकिन हमारे लिए निरंतरता बनाए रखना जरूरी है। हमें आगे भी कड़ी मेहनत करनी होगी।
हसी ने चेन्नई की कल रात यहां दिल्ली डेयरडेविल्स पर 86 रन की जीत के दौरान रैना के साथ दूसरे विकेट के लिए 60 और धोनी के साथ तीसरे विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी की थी। इस ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, धोनी जैसे खिलाड़ी के साथ बल्लेबाजी करना अच्छा लगता है, जो कि बेपरवाह अंदाज में बल्लेबाजी करके तेजी से रन बनाता है। उन्होंने कहा, सुरेश रैना दूसरा खिलाड़ी है, जो ऐसा करता है। ये बल्लेबाज आप पर से दबाव हटाते हैं। इससे आप दूसरे छोर से केवल खाली जगहों पर गेंद मारकर रन बटोर सकते हो। इन दोनों के साथ साझेदारी से निश्चिततौर पर मदद मिलती है।
हसी ने नाबाद 65 रन की पारी खेली। जब उनसे पूछा गया कि उनकी रनों की भूख को देखते हुए क्या वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी पर विचार कर सकते हैं, उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, नहीं मैं निश्चिततौर पर अपने फैसले से खुश हूं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की जिंदगी काफी कठिन होती है। आप साल में 10-11 महीने तक बाहर रहते हो। इसलिए मेरा फैसला केवल क्रिकेट से संबधित नहीं था। मेरे छोटे बच्चे हैं और मेरे संन्यास लेने की मुख्य वजह यही थी।
हसी ने मैच के बारे में कहा कि यहां 150 रन का स्कोर अच्छा होता, क्योंकि फिरोजशाह कोटला की पिच पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। चेन्नई ने आखिरी दस ओवरों में 109 रन जोड़कर चार विकेट पर 169 रन बनाए थे। उन्होंने कहा, नई गेंद थोड़ा नीचे रह रही थी। स्थिति का सही आकलन करना मेरी और मुरली विजय की जिम्मेदारी थी। इसके बाद हम कह सकते थे कि अच्छा स्कोर क्या होगा और मेरे हिसाब से 150 रन अच्छा स्कोर होता। बीच में टाइम आउट के दौरान मैंने (कोच) स्टीफन फ्लेमिंग से यह बात कही थी।
धोनी की बड़े शॉट खेलने की क्षमता के कारण हम 20 रन अधिक बनाने में सफल रहे। हसी ने हालांकि कहा कि उनकी टीम को लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। किंग्स इलेवन (पंजाब) के खिलाफ जीत भी काफी अच्छी थी, लेकिन हमारे लिए निरंतरता बनाए रखना जरूरी है। हमें आगे भी कड़ी मेहनत करनी होगी।
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