
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने खिलाडियों को 'मल्टी-ईयर' कॉन्ट्रैक्ट का प्रस्ताव दिया है.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने टॉप 5 खिलाडियों को विश्व की सबसे बड़ी टी20 प्रतियोगता, आईपीएल से दूर रहने के लिए एक नया पैंतरा आजमाया है. सिडनी के एक प्रतिष्ठित अखबार के मुताबिक़ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के टीम परफॉरमेंस मैनेजर पैट हॉवर्ड ने टेस्ट कप्तान स्टीव स्मिथ, उप-कप्तान डेविड वार्नर और तेज़ गेंदबाज़ जोश हेज़लवुड, मिचेल स्टार्क और पैट कमिंस से व्यक्तिगत रूप से मिलकर एक साल के अनुबंध के बजाय 3 साल के अनुबंध की पेशकश की. लेकिन हॉवर्ड के इस प्रस्ताव में एक शर्त भी शामिल थी जिसके तहत इन खिलाडियों को अगले साल से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होगी.
हालांकि खिलाडियों ने इस पेशकश पर काफी ठंडी प्रतिक्रिया दी है. इसी रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिआई प्लेयर्स इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि उनका मानना है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के इस 'मल्टी-ईयर' कॉन्ट्रैक्ट से कहीं ज़्यादा पैसा उन्हें आईपीएल से हासिल होगा. ये पेशकश भी ऐसे समय पर की गयी है जब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन के बीच खिलाडियों के वेतन को लेकर काफी मतभेद चल रहे हैं. पिछले ही महीने ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन ने बोर्ड द्वारा दिए गए नए वेतन प्रस्ताव को ख़ारिज करते हुए कहा था कि ये प्रस्तावित अनुबंध क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर्स की जीत है और क्रिकेट के लिए नुकसान.

राइजिंग पुणे सुपरजायंट के कप्तान स्टीव स्मिथ और सनराइज़र्स हैदराबाद के कप्तान डेविड वार्नर जैसे टॉप ऑस्ट्रेलियाई खिलाडियों को आईपीएल में खेलने की फीस, जो 1 मिलियन डॉलर्स से भी अधिक है, के अलावा विज्ञापन करने की भी मोटी रकम मिलती है. ऑस्ट्रेलिया के इस अखबार ने अनुमान लगाया है, कि वार्नर अगले 3 साल आईपीएल खेलकर लगभग 10 मिलियन डॉलर्स तक कमा सकते हैं.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि इस कदम की वजह है खिलाडियों को तरोताज़ा रखना. दरअसल ऑस्ट्रेलिया का घरेलू सीजन समाप्त होने के बाद अप्रैल और मई में खिलाडियों की आधिकारिक छुट्टी होती है और इसी दौरान आईपीएल का आयोजन भी होता है. खिलाडियों को थकान और चोट से बचाने के लिए ऑस्ट्रेलिआई क्रिकेट बोर्ड ने ये तरीका ढूंढा है. हालांकि बोर्ड का ये पैंतरा इस बार तो सफल नहीं हुआ लेकिन अगर खिलाडियों के अनुबंध में ख़ासा सुधार किया जाता है तो भविष्य में ये संभव भी हो सकता है. उस परिस्थिति में फायदा किसका होगा ये तो पता नहीं लेकिन आईपीएल, ऑस्ट्रेलिया के खिलाडी और क्रिकेट फैंस सभी का भारी नुकसान ज़रूर होगा.
हालांकि खिलाडियों ने इस पेशकश पर काफी ठंडी प्रतिक्रिया दी है. इसी रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिआई प्लेयर्स इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि उनका मानना है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के इस 'मल्टी-ईयर' कॉन्ट्रैक्ट से कहीं ज़्यादा पैसा उन्हें आईपीएल से हासिल होगा. ये पेशकश भी ऐसे समय पर की गयी है जब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन के बीच खिलाडियों के वेतन को लेकर काफी मतभेद चल रहे हैं. पिछले ही महीने ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन ने बोर्ड द्वारा दिए गए नए वेतन प्रस्ताव को ख़ारिज करते हुए कहा था कि ये प्रस्तावित अनुबंध क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर्स की जीत है और क्रिकेट के लिए नुकसान.

राइजिंग पुणे सुपरजायंट के कप्तान स्टीव स्मिथ और सनराइज़र्स हैदराबाद के कप्तान डेविड वार्नर जैसे टॉप ऑस्ट्रेलियाई खिलाडियों को आईपीएल में खेलने की फीस, जो 1 मिलियन डॉलर्स से भी अधिक है, के अलावा विज्ञापन करने की भी मोटी रकम मिलती है. ऑस्ट्रेलिया के इस अखबार ने अनुमान लगाया है, कि वार्नर अगले 3 साल आईपीएल खेलकर लगभग 10 मिलियन डॉलर्स तक कमा सकते हैं.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि इस कदम की वजह है खिलाडियों को तरोताज़ा रखना. दरअसल ऑस्ट्रेलिया का घरेलू सीजन समाप्त होने के बाद अप्रैल और मई में खिलाडियों की आधिकारिक छुट्टी होती है और इसी दौरान आईपीएल का आयोजन भी होता है. खिलाडियों को थकान और चोट से बचाने के लिए ऑस्ट्रेलिआई क्रिकेट बोर्ड ने ये तरीका ढूंढा है. हालांकि बोर्ड का ये पैंतरा इस बार तो सफल नहीं हुआ लेकिन अगर खिलाडियों के अनुबंध में ख़ासा सुधार किया जाता है तो भविष्य में ये संभव भी हो सकता है. उस परिस्थिति में फायदा किसका होगा ये तो पता नहीं लेकिन आईपीएल, ऑस्ट्रेलिया के खिलाडी और क्रिकेट फैंस सभी का भारी नुकसान ज़रूर होगा.
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