BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने सोमवार को उन खबरों का खंडन किया जिनमें दावा किया गया था कि भारत और श्रीलंका के बीच पहला ODI मैच, जो मूल रूप से 13 दिसंबर को राष्ट्रीय राजधानी में खेला जाना था, उसे अहमदाबाद शिफ्ट कर दिया गया है. यह स्पष्टीकरण अरुण जेटली स्टेडियम की अनुपलब्धता की खबरों के बीच आया है, जहां दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (DDCA) अभी बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे में सुधार का काम कर रहा है. इसमें आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम लगाना और पिच व आउटफील्ड को फिर से तैयार करना शामिल है.
सैकिया ने सोमवार को एक बयान में कहा, "दिल्ली में होने वाले भारत-श्रीलंका ODI मैच को अहमदाबाद शिफ्ट किए जाने की खबरें सही नहीं हैं. BCCI ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है."
"हम मीडिया के साथियों से अनुरोध करते हैं कि वे शेड्यूल से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए BCCI की आधिकारिक सूचनाओं का ही संदर्भ लें. साथ ही, यह दोहराना जरूरी है कि द्विपक्षीय मैच मुख्य रूप से एक मानक नीति का पालन करते हुए आवंटित किए जाते हैं."
IANS ने पहले 25 सितंबर को रिपोर्ट दी थी कि स्टेडियम में ड्रेनेज सिस्टम में बड़े बदलाव के कारण रणजी ट्रॉफी 2026/27 के एलीट ग्रुप C में दिल्ली के घरेलू मैचों को पालम स्थित एयर फोर्स ग्राउंड में शिफ्ट कर दिया गया था. दिलचस्प बात यह है कि अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पहले से ही 19 दिसंबर को भारत-श्रीलंका के बीच तीसरा ODI मैच होना तय है, जबकि दूसरा मैच 16 दिसंबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा.
दो बार की चैंपियन भारत के लिए ये ODI मैच बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनसे वे 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले पुरुष ODI वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम कॉम्बिनेशन को बेहतर बना सकते हैं और उसे अंतिम रूप दे सकते हैं.
भारत के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली, जो घरेलू मैदान पर 2011 का वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे, ने पहले ब्रॉडकास्टर JioStar से कहा था कि 2027 का मेगा इवेंट वर्ल्ड कप में भारत के लिए उनकी आखिरी उपस्थिति होगी.
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