जब बात भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और बांग्लादेश बोर्ड के बीच तुलना की आती है, तो आर्थिक पहलू से यह कहना गलत नहीं ही होगा कि यह एक तरह से हाथी बनाम चूहे जैसे मामला है! हाल ही में बीसीसीआई द्वारा मुस्तिफजुर रहमान को केकेआर द्वारा रिलीज किए जाने के बाद बांग्लादेश अकड़ दिखा रहा है. हाल ही, में उसने इस साल खेले जाने वाले आईपीएल के संस्करण का अपने देश में सीधे प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया है. बांग्लादेश सरकार ने अकड़ में यह फैसला ले तो लिया, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इसकी बहुत ही भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. मेगा टूर्नामेंट से हर साल कई हजार करोड़ रुपये कमाने वाले भारतीय बोर्ड पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन बीसीबी को भारी नुकसान वहन करना होगा. चलिए जानिए कि अलग-अलग स्रोत के हिसाब से प्राप्त जानकारी के अनुसार बांग्लादेश को किस-किस क्षेत्र में और कुल मिलाकर कितना नुकसान झेलना होगा.
1. टीवी+ओटीटी राइट्स का नुकसान
बांग्लादेश में आईपीएल का सीधा प्रसारण सब-लाइसेंस मॉडल पर होता है. भारतीय आधिकारिक प्रसाकर बांग्लादेशी ब्रॉडकास्टर को अधिकार बेचता है. और टीवी और डिजिटल को मिलाकर हर सीजन में इसकी कीमत करीब 80-120 करोड़ रुपये रहती है. लेकिन अब अपनी ही सरकार के प्रतिबंध के फैसले के बाद बांग्लादेशी ब्रॉडकास्टर विज्ञापन नहीं बेच पाएगा, तो सब्सक्रिप्शन से भी कमाई नहीं होगी. ऐसे में आधिकारिक प्रसारक कानूनी विकल्प का भी इस्तेमाल कर सकता है. कुल मिलाकर इससे बांग्लादेशी प्रसारकों को 80-120 करोड़ रुपये का नुकसान होगा.
2. विज्ञापन जगत को भारी नुकसान
टूर्नामेंट के दौरान बांग्लादेश की मोबाइनल, बेटिंग एप्प (VPN के जरिए गैरकानूनी), सॉफ्ट ड्रिंक्स, टेलीकॉम की कंपनियां भारी तादाद में विज्ञापन देते हैं, लेकिन प्रतिबंध के बाद विज्ञापन कंपनियों की कमाई पर भी खासा असर पड़ने जा रहा है. और इन्हें करी 150-200 करोड़ रुपये का नुकसान वहन करना पड़ सकता है.
3. केबल ऑपरेटरों और DTH कंपनियों को नुकसान
प्रतिबंध जारी रहने पर आईपीएल सीजन बांग्लादेश के अस्थायी सब्स्क्रिप्शन, चैनल पैक अबग्रेड और ग्रामीण कैबल मालिकों की कमाई पर भी असर डालेगा. और इन्हें करीब 40-60 करोड़ रुपये का नुकसान होने जा रहा है.
4. डिजिटल और टेलीकॉम को नुकसान
बांग्लादेश के लिए आईपीएल एक बहुत ही बड़ा टूर्नामेंट है और इस देश के फैंस मैच देखने के लिए डाटा का बहुत ही ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. पूरे बांग्लादेश में 'आईपीएल पैकों' की जोरदार बिक्री होती है. प्रतिबंध के बाद गैरकानूनी तरीके से स्ट्रीमिंग होगी, तो कोई कमाई नहीं होगी. इसे करीब 25-24 करोड़ रुपये का नुकसान होगा.
5. खेल इकॉनमी और रोजगार
आईपीएल आता है, तो बांग्लादेश के कई लोगों को अपने देश में रोजगार मिलता है. प्रतिबंध प्रोड्क्शन से जुड़े लोग, खेल पत्रकार,पेनलिस्ट्स, विज्ञापन एजेंसी और इवेंट मार्केटिंग कंपनियों को नुकसान होगा. इससे अल्पकालिक छंटनी होगी और कॉन्ट्रैक्ट्स रिन्यू नहीं होंगे. इससे कुल मिलाकर 20-230 करोड़ रुपये का नुकसान बांग्लादेश को होगा. इस तरह सभी विषयों को जोड़ लगाने पर बांग्लादेश को भारतीय मुद्रा में करीब 315 से लेकर 450 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ सकता है.
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