- बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और क्रिकेट बोर्ड ने तैश में भारत में टी20 वर्ल्ड कप न खेलने का विवादित फैसला लिया
- ICC ने बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया और उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया
- बोर्ड के निदेशक इश्तिआक सादेक ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने तैश में आकर भारत में टी20 वर्ल्ड कप क्रिकेट नहीं खेलने का फ़ैसला किया. और, ये फ़ैसला बांग्लादेश के पूरे क्रिकेट सिस्टम पर अब बहुत महंगा पड़ने वाला है. ICC ने अब बांग्लादेश को आधिकारिक तौर पर टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया है. उसके ख़िलाफ अब आईसीसी दूसरे कठिन फ़ैसले लेगा, सो अलग. वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड ने बांग्लादेश की जगह ले ली है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों में भी फूट पड़ने लगी है. ताज़ा मामला उनके एक बड़े अधिकारी के इस्तीफे के साथ सामने आया है.
वर्ल्ड कप से बाहर होने का होने लगा असर, आने लगे इस्तीफे
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के निदेशक इश्तिआक सादेक ने क्रिकेट बोर्ड से इस्तीफ़ा देकर ये संकेत दे दिए हैं कि आनेवाले दिनों में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड किस दिशा में जाएता दिखेगा. इश्तिआक़ BCB के गेम डेवलपमेंट कमिटी के चेयरमैन हैं, जो बांग्लादेश में क्रिकेट के विकास के लिए काम करता है. उन्होंने, हालांकि, इस फ़ैसले के पीछे पारिवारिक वजहें बताई हैं. मगर ये भी सही है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के वर्ल्ड कप से बाहर रहने के आख़िरी फ़ैसले में वो बोर्ड प्रेसीडेंट अमीनुल इस्लाम बुलबुल के साथ दिखे थे.
इश्तिआक़ सादेक़ ने इस्तीफ़ा देते हुए कहा, “ये सही है कि मैं इस्तीफ़ा दे रहा हूं. मैं समझता हूं कि पारिवारिक वजहों से मैं इतनी बड़ी कम्यूनिटी के गेम डेवलपमेंट के लिए वक्त नहीं दे सकता हूं. इस वजह से गेम के विकास को मैं तेज़ रफ़्तार से नहीं बढ़ा सकता. इसलिए खेद के साथ लगता है कि मैं अपने पद के साथ न्याय नहीं कर पाऊंगा. इसलिए मैं अपने पद से इस्तीफ़ा दे रहा हूं.”
तैश में मुस्ताफ़िज़ुर के मुद्दे को बना दिया देश का मुद्दा
मुस्ताफ़िज़ुर रहमान के आईपीएल से निकाले जाने के बाद 4 जनवरी को जब से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत में वर्ल्ड कप नहीं लेने का फ़ैसला किया, क्रिकेट बोर्ड और मौजूदा और पूर्व खिलाड़ियों के बीच खाई बढ़ने लगी. ये साफ था कि खिलाड़ी वर्ल्ड कप खेलना चाहते थे.
'इंडियन एजेंट' कहने पर फ़ाइनैंस डायरेक्टर का इस्तीफ़ा
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के ही फ़ाइनैंस कमिटी के डायरेक्टर और चेयरमैन नजमुल इस्लाम ने अपने ही पूर्व कप्तान तमीम इक़बाल को ‘इंडियन एजेंट' तक कह डाला. फिर खिलाड़ी और पूर्व खिलाड़ी उन्हें बोर्ड से बाहर निकाले जाने को लेकर अड़ गए. बांग्लादेश प्रीमियर लीग के मैचों से पहले खिलाड़ियों ने हड़ताल कर डाला. जनता सड़क पर आकर तोड़फोड़ करने लगी. आख़िरकार नजमुल इस्लाम को बोर्ड से इस्तीफ़ा देना पड़ा. तब जाकर बांग्लादेश प्रीमियर लीग के मैच फिर से शुरू हुए.
खेल मंत्रालय भी भड़काने में शामिल
बांग्लादेश खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ़ नज़रुल भी लगातार भड़काऊ बयान देकर मामले को खराब करते रहे. बांग्लादेश के वर्ल्ड कप से बाहर रहने का फडैसला भी उन्होंने बोर्ड से अलग अपनी सरकार का फ़ैसला बताया.
पाकिस्तान ने भी बिगाड़ा खेल
रही-सही कसर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कर दी. बांग्लादेश को उकसाकर मसले को आईसीसी में वोटिंग तक ले गए. बांग्लादेश के ख़िलाफ़ 16 में से 14 वोट पड़े.
दूरगामी होंगे परिणाम
इन सबका ख़ामियाज़ा बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को लंबे समय तक भगुतना पड़ सकता है. इस्तीफ़ों का दौर शुरू हुआ है. खिलाड़ी कभी भी बाहर आकर बयानबाज़ी कर सकते हैं. बांग्लादेश के क्रिकेट फ़ैन्स भी इस खेल को जुनून की हद तक पसंद करते हैं. इसका असर अब वहां की आम ज़िन्दगी से लेकर चुनाव तक भी पड़ सकता है. क्रिकेट बोर्ड और मैदान खेल के मैदान पर असर पड़ने की शुरुआत हो गई है.
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