
राहुल दविड़ की फाइल फोटो
नई दिल्ली:
राजस्थान रॉयल्स के मेंटार राहुल द्रविड़ का मानना है टीम पर बैन लगने से नए खिलाड़ियों को खासकर सबसे ज़्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। टीम अधिकारियों की गलती की सज़ा खिलाड़ियों को भुगतनी पड़ रही है जो बेहद दुखद है।
उन्होंने कहा कि ये बेहद निराशाजनक है कि कभी-कभी एक दो लोगों की हरकतों का ख़ामियाज़ा कई लोगों को उठाना पड़ता है। इस तरह की स्थिति में सबसे ज़्यादा नुकसान पिरामिड में सबसे नीचे के लोगों को उठाना पड़ता है। आमतौर पर टॉप खिलाड़ियां और कोच को किसी ने किसी टीम में जगह मिल जाएगी लेकिन युवा और नए खिलाड़ियों को मुश्किल होगी।
इसी मंगलवार को चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स को 2 साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस आरएम लोधा समिती ने चेन्नई सुपरकिंग्स के टीम प्रिंसिपल गुरुनाथ मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के सह मालिक राजकुंद्रा पर सट्टेबाज़ी के कारण आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। विड़ का कहना है कि ये जनता को तय करना है कि ये क्रिकेट पर धब्बा है या नहीं।
"मुझे लगता है कि ये लोगों को तय करना है कि ये धब्बा है या नहीं। मैं अपने आप को बचाने की कोशिश नहीं कर रहा। लोगों को तय करना है कि टीम मालिक और शेयरधारकों की हरकतों को कोच और मेंटार से जोड़ा जाए या नहीं। मैं ये ही कह सकता हूं कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का हमें सम्मान करना चाहिए।"
विड़ का कहना है कि खिलाड़ी निजी जीवन में क्या करते हैं इस पर नज़र रखना मुश्किल है। अगर उन्हें पता चल जाता तो तुरंत कार्यवाई करते। भविष्य में सतर्क रहने की ज़रूरत है। "सज़ा के बावज़ूद कई लोगा दुबारा ऐसी हरकत कर सकते हैं। भविष्य में हमें सावधान रहने की ज़रुरत है।"
द्रविड़ इंडिया-ए के कोच हैं। इंडिया-ए और ऑस्ट्रेलिया के बीच अनऑफ़िसियल टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेली जानी है। पहला मैच 22 जुलाई को चेन्नई में खेला जाएगा।
उन्होंने कहा कि ये बेहद निराशाजनक है कि कभी-कभी एक दो लोगों की हरकतों का ख़ामियाज़ा कई लोगों को उठाना पड़ता है। इस तरह की स्थिति में सबसे ज़्यादा नुकसान पिरामिड में सबसे नीचे के लोगों को उठाना पड़ता है। आमतौर पर टॉप खिलाड़ियां और कोच को किसी ने किसी टीम में जगह मिल जाएगी लेकिन युवा और नए खिलाड़ियों को मुश्किल होगी।
इसी मंगलवार को चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स को 2 साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस आरएम लोधा समिती ने चेन्नई सुपरकिंग्स के टीम प्रिंसिपल गुरुनाथ मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के सह मालिक राजकुंद्रा पर सट्टेबाज़ी के कारण आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। विड़ का कहना है कि ये जनता को तय करना है कि ये क्रिकेट पर धब्बा है या नहीं।
"मुझे लगता है कि ये लोगों को तय करना है कि ये धब्बा है या नहीं। मैं अपने आप को बचाने की कोशिश नहीं कर रहा। लोगों को तय करना है कि टीम मालिक और शेयरधारकों की हरकतों को कोच और मेंटार से जोड़ा जाए या नहीं। मैं ये ही कह सकता हूं कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का हमें सम्मान करना चाहिए।"
विड़ का कहना है कि खिलाड़ी निजी जीवन में क्या करते हैं इस पर नज़र रखना मुश्किल है। अगर उन्हें पता चल जाता तो तुरंत कार्यवाई करते। भविष्य में सतर्क रहने की ज़रूरत है। "सज़ा के बावज़ूद कई लोगा दुबारा ऐसी हरकत कर सकते हैं। भविष्य में हमें सावधान रहने की ज़रुरत है।"
द्रविड़ इंडिया-ए के कोच हैं। इंडिया-ए और ऑस्ट्रेलिया के बीच अनऑफ़िसियल टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेली जानी है। पहला मैच 22 जुलाई को चेन्नई में खेला जाएगा।
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