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नया सितारा अमन मोखाड़े- जो सचिन, विराट, रोहित ना कर सके वो यशस्वी के गुरुभाई ने कर दिखाया

अमन ऑल फॉर्मेट खिलाड़ी की तरह तैयार हो रहे हैं. 2025-26 सत्र में उन्होंने 96 के औसत से 3 शतक और 1 अर्द्धशतक के साथ रणजी ट्रॉफ़ी में भी 577 (बेस्ट 183) रन बनाए हैं.

नया सितारा अमन मोखाड़े- जो सचिन, विराट, रोहित ना कर सके वो यशस्वी के गुरुभाई ने कर दिखाया
कोच ज्वाला सिंह के साथ अमन मोखाडे
  • अमन मोखाडे ने विजय हजारे ट्रॉफी में छह मैचों में 634 रन बनाकर सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड स्थापित किया है
  • अमन ने रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली और विजय हजारे ट्रॉफी में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है
  • कोच ज्वाला सिंह के अनुसार अमन की बल्लेबाजी शैली विराट कोहली जैसी है और वे तीनों फॉर्मेट में सक्षम हैं
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'हार्दिक पांड्या में कमाल की एनर्जी है और उनमें कमाल का कैरेक्टर भी है. राजकोट में नये साल के हमारे पहले मैच में हार्दिक भैया ने शतकीय पारी खेली. उसी मैच में मेरी भी अनबीटेन सेंचुरी रही (150 नॉट आउट, 17 चौके, 4 छक्के). मैच के बाद मैंने उनसे उनके कॉन्फ़िडेंस के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वो इसके लिए तैयारी करते हैं. उन्होंने मुझे कॉन्फ़िडेंट रहने के टिप्स भी दिये. मैं विराट कोहली सर और हार्दिक भैया से काफ़ी इन्सपायर्ड रहता हूं.' अमन मोखाडे ने NDTV से ख़ास बातचीत में राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में शानदार शतक लगाने के फ़ौरन बाद बात करते हुए बताया था.

हार्दिक, विराट की तरह डोमिनट करने की ख्वाहिश

इस सीज़न रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली और विजय हज़ारे ट्रॉफी में अमन विदर्भ के रन-मशीन साबित हुए. अमन मोखाडे खुश हैं कि इस बार उन्हें पिछली दफ़ा से कहीं ज़्यादा मौक़े मिले और पिछली बार की भरपाई हो गई. वो कहते हैं कि हर स्तर के गेंदबाज़ों को खेलने से मुझमें ये आत्मविश्वास आया है कि अब मैं हर फॉर्मैट में गेम में डॉमिनेट कर सकता हूं.

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Photo Credit: NDTV

पिछले दो दिनों से इंटरनेट की दुनिया में विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी को लेकर कर्नाटक और टीम इंडिया के हुनरमंद बैटर देवदत्त पडिक्कल का नाम छाया हुआ है. पिछले 32 साल के विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी के इतिहास में पडिक्कल जितने रन किसी ने नहीं बटोरे- ना सचिन ने, ना विराट ने और ना ही रोहित शर्मा ने. लेकिन इसी टूर्नामेंट में मंगलवार को ही 24 साल के अमन रविंद्र मोखाडे ने 6 मैचों में 634 रन बनाकर टीम इंडिया के लिए 2 टेस्ट खेल चुके पडिक्कल को भी पीछे छोड़ दिया.

धुंआधार रिकॉर्ड

साल 1993-94 से खेले जा रहे 50 ओवर के फॉर्मेट वाले विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी में नागपुर के अमन रविंद्र मोखाडे ने 6 मैचों में 3 शतक और 1 अर्द्धशतक के सहारे 634 रन बनाकर रिकॉर्ड कायम किया. देवदत्त पडिक्कल ज़रूर टूर्नामेंट में 600 रन बटोरने वाले पहले खिलाड़ी बने. लेकिन मोखाडे ने मंगलवार को ही उनका रिकॉर्ड तोड़ दिया, ये और बात है कि विदर्भ की टीम उत्तर प्रदेश से अपना पिछला मैच हार गई.

क्रिकेटर मैच रन 100/50 औसत बेस्ट

1. अमन मोखाडे, विदर्भ 6 634 3/1 126.8 150*

2. देवदत्त पडिक्कल, कर्नाटक 6 605 3/1 100.8 147

3. पुखराज मान, हिमाचल प्रदेश 6 558 3/2 93.0 134

4. आर्यन जुयाल, उत्तर प्रदेश 6 436 2/1 72.6 150*

5. ध्रुव चंद जुरेल, उत्तर प्रदेश 6 435 1/4 85.0 160*

नीली जर्सी का ख़्वाब, पढ़ने में भी ज़हीन

हर उभरते खिलाड़ी की तरह नागपुर के अमन मोखाडे का सपना भी टीम इंडिया की जर्सी हासिल करना है. वो बताते हैं कि वो पढ़ने में भी हमेशा से ज़हीन रहे हैं. कहते हैं, 'मुझे दसवीं में 90% नंबर आये थे, प्लस-2 में पीसीएम लेकर 70% नंबर आये और अब मैं सेकेंड ईयर एमकॉम कर रहा हूं. जल्दी ही ये भी हो जाएगा.'

पारस हैं कोच ज्वाला सिंह

यशस्वी जायसवाल के कोच ज्वाला सिंह अमन मखोड के भी कोच हैं. ये पूछे जाने पर कि अमन और यशस्वी में क्चा समानताएं हैं, कोच ज्वाला सिंह कहते हैं, 'दोनों अलग खिलाड़ी हैं. यशस्वी बांये हाथ के बैटर हैं जबकि अमन मखोड दांये हाथ के बैटर हैं. उनकी तुलना करना ही है तो मैं उन्हें विराट कोहली की स्टाइल वाला खिलाड़ी कहना चाहूंगा. तीनों फॉर्मेट में उनका टेम्परामेंट विराट की तरह है. एक फॉर्मेट से दूसरे फॉर्मेट में जाते वक्त वो तेज़ी से रंग बदल लेते हैं. उनकी टेक्नीक सिंपल है और वो क्रिकेटिंग शॉट्स खेलते हैं. ज्यादा रिस्क नहीं लेते. लेकिन मैच के हालात के मुताबिक अपना गियर चेंज कर सकते हैं.'

अमन ऑल फॉर्मेट खिलाड़ी की तरह तैयार हो रहे हैं. 2025-26 सत्र में उन्होंने 96 के औसत से 3 शतक और 1 अर्द्धशतक के साथ रणजी ट्रॉफ़ी में भी 577 (बेस्ट 183) रन बनाए हैं. इस सीज़न अमन ने अपने खाते में 1417 रन जोड़ लए हैं.

ज्वाला बताते हैं, 'अमन मुझसे 3 साल पहले मिले थे, तब मैंने उनपर बहुत फ़ोकस नहीं किया. लेकिन उनमें सीखने की लगन है. वो सीखने के लिए नागपुर से बस पकड़कर मुंबई आ जाते हैं. वो अंडर-19 नहीं खेल पाये. लेकिन उनकी खेल के लिए भूख और उनके सीखने के हुनर की वजह से उनमें एक टॉप का खिलाड़ी बनने की काबिलियत है.'

‘पिक्चर अभी बाक़ी है'

पिछले सीज़न अमन के कोच ज्वाला सिंह ने उन्हें रणजी में टॉप 10 रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों में आने का टारगेट दिया था. वो कहते हैं. 'पिछले सीज़न अमन को ज़्यादा मौक़े भी नहीं मिले. उनमें रन की भूख है. पिछले सीज़न अमन करीब 14 के औसत से 4 मैचों में 107 रन जोड़ सके थे.'

ज्वाला सिंह बताते हैं, 'मेरी नज़र में अमन एक ऑल फॉर्मेट प्लेयर हैं. अमन ने रणजी में इस साल 90 प्लस के औसत और 50 प्लस के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी की है. विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी में (50 ओवर के फॉर्मेट में) 120 के औसत और 100 के स्ट्राइक रेट से और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी (टी-20) में 35 का औसत रखते हुए 157 प्लस का स्ट्राइक रेट मेंटेन किया है. उन्होंने इस सीज़न हर फॉर्मेट में रन बनाये हैं और करीब 1500 रन बना डाले हैं. ये अभी सीज़न बाक़ी है, पिक्चर अभी बाक़ी है.'

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