भारत के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने बीसीसीआई को बताया है कि वह अपना मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद, इस पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं हैं. सूत्रों के मुताबिक, अगरकर और बीसीसीआई के बीच बातचीत हो चुकी है और भारत के पूर्व ऑलराउंडर ने इस अहम पद से हटने की अपनी इच्छा ज़ाहिर कर दी है. हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इससे पहले, शुक्रवार को एजीएम के बाद मीडिया से बात करते हुए दैवजीत सैकिया ने कहा था कि अगरकर के भविष्य पर फैसला करने के लिए 15 दिन का समय है और यह क्रिकेट में काफी होता है.
अगरकर ने जुलाई 2023 में भारत के मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला था और भारतीय क्रिकेट के लिए बदलाव के इस दौर में कई अहम फैसलों में अहम भूमिका निभाई. उनकी अगुवाई में, चयन समिति ने अलग-अलग फॉर्मेट में टीम में बदलावों को संभाला और खिलाड़ियों की नई पीढ़ी को समर्थन देकर टीम का भविष्य संवारने में अहम भूमिका निभाई. रोहित-विराट का टी20 और टेस्ट फॉर्मेस से संन्यास, शुभमन गिल को टीम इंडिया का टेस्ट और वनडे फॉर्मेट का कप्तान बनाना, अगरकर के कार्यकाल में ही हुआ.
नियमों के तहत, अगरकर को एक साल का कार्यकाल विस्तार मिल सकता था, लेकिन एनडीटीवी ने पहले ही बताया था कि अगरकर कार्यकाल विस्तार नहीं चाहते हैं. हाल की घटनाओं ने शायद उनके जाने की प्रक्रिया को तेज़ कर दिया है. इनमें पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर अगरकर की अगुवाई वाली सेलेक्शन कमिटी की आपत्तियों से बीसीसीआई का असहमत होना शामिल है. अगरकर हाल ही में हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक में शामिल नहीं हुए थे.
अगरकर की कमिटी ने इस साल एक साहसी फैसला लेते हुए टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बावजूद सूर्यकुमार यादव से कप्तानी लेकर श्रेयस अय्यर को सौंपी. हालांकि अगरकर का मौजूदा कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म होने वाला है. सूत्रों का कहना है कि 47 वर्षीय अगरकर आगे काम जारी रखने के इच्छुक नहीं हैं और उन्होंने बोर्ड को अपना रुख बता दिया है.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड चाहता है कि अगरकर को 2027 वर्ल्ड कप तक बने रहना चाहिए. लेकिन वह पूर्व भारतीय स्टार राजी नहीं होता है तो उनकी जगह लेने के लिए सबसे आगे भारत के पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल का नाम है.
अगर बीसीसीआई वेस्ट जोन से किसी को लाता है तो अगरकर की जगह मौजूदा सेलेक्टर प्रज्ञान ओझा भी दावेदार हो सकते हैं. बीसीसीआई के संविधान के अनुसार, सेलेक्शन कमिटी में सबसे ज़्यादा टेस्ट मैच खेलने वाला खिलाड़ी ही चेयरमैन बनता है. पटेल ने 25 टेस्ट खेले हैं, जबकि ओझा ने 24 टेस्ट खेले हैं.
यह भी पढ़ें: INDW vs JPNW: भारतीय महिला टीम एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में पहुंची, जापान को 8 विकेट से हराया
यह भी पढ़ें: मैराज अहमद खान: सहवाग के साथ खेला क्रिकेट, रियो ओलंपिक में रचा इतिहास, अब नजरें एशियन गेम्स में गोल्ड पर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं