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कप्तान सूर्यकुमार यादव को प्लेइंग XI से बाहर रखना चाहती है अगरकर एंड कंपनी, लेकिन सामने हैं 'गंभीर' चुनौती- रिपोर्ट

Gautam Gambhir Last Call on Suryakumar Yadav: रिपोर्ट की मानें तो सूर्यकुमार यादव की खराब फॉर्म को देखते हुए चयनकर्ता सूर्यकुमार यादव को कप्तान के तौर पर नहीं देख रहे हैं, लेकिन आखिरी फैसला उनको नहीं बल्कि गौतम गंभीर को करना होगा.

कप्तान सूर्यकुमार यादव को प्लेइंग XI से बाहर रखना चाहती है अगरकर एंड कंपनी, लेकिन सामने हैं 'गंभीर' चुनौती- रिपोर्ट
Selectors not Want Suryakumar Yadav in Playing XI

Ajit Agarkar and company not Want Suryakumar Yadav in Playing XI : भारतीय क्रिकेट बोर्ड के एक वरिष्ठ सूत्र के अनुसार सूर्यकुमार यादव का भारत की टी20 टीम के कप्तान के तौर पर भविष्य मुख्य रूप से मुख्य कोच गौतम गंभीर ही तय कर सकते हैं क्योंकि राष्ट्रीय चयन समिति पूरी तरह से आश्वस्त नहीं है कि वह सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर टीम में अपनी जगह बना पाएंगे. सूर्यकुमार को गंभीर ने 'स्काय' नाम दिया था. वह पिछले एक साल से अपनी फॉर्म पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

बीसीसीआई के भीतर यह माना जा रहा है कि चयन समिति अब सूर्यकुमार से आगे बढ़ने (उन्हें टीम से हटाने) के पक्ष में है, लेकिन बोर्ड के आला अधिकारी यह भी मानते हैं कि कोच और कप्तान के बीच का तालमेल ड्रेसिंग-रूम के माहौल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. और गंभीर का सूर्यकुमार के साथ सहज महसूस करना, उन्हें इस अंतिम फैसले में एक अहम व्यक्ति बना देगा.

भविष्य की ओर देख रहे चयनकर्ता

लगभग एक साल से, सूर्यकुमार की टीम में जगह पर लगातार सवाल उठते रहे हैं. फिलहाल, यह समझा जाता है कि सभी पांचों चयनकर्ताओं का मोटे तौर पर यही मानना ​​है कि मौजूदा टी20 कप्तान को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर देना चाहिए. टी20 विश्व कप में मिली जीत का जोश ठंडा होने के बाद से ही यह राय जोर पकड़ती जा रही है. पता चला है कि चयनकर्ताओं ने अब भारतीय क्रिकेट के भविष्य को किसी एक टूर्नामेंट की चमक पर ध्यान देने के बजाय, एक व्यापक नजरिए से देखना शुरू कर दिया है.

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ सूत्र ने पीटीआई को बताया,"शुरुआत में चयनकर्ताओं को लगा था कि आईपीएल से सूर्यकुमार को अपनी फॉर्म वापस पाने में मदद मिलेगी, जैसा कि पिछले सत्र में हुआ था जब उन्होंने 700 से अधिक रन बनाए थे. लेकिन हैरानी की बात यह है कि उनके खेल में तकनीकी तौर पर कोई सुधार देखने को नहीं मिला है." उन्होंने कहा,"यहां तक ​​कि सबसे अनुभवहीन तेज गेंदबाज भी सीधी और तेज गेंदें डाल रहे हैं, और उनके पास इसका कोई जवाब नहीं है. चयनकर्ताओं को नहीं लगता कि वह लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में खेल पाएंगे. बात बस इतनी सी है."

गौतम गंभीर लेंगे आखिरी फैसला!

आंकड़े वाकई चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं. सूर्यकुमार 12 पारियों में सिर्फ 210 रन ही बना पाए जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 148 रहा. लेकिन इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि उनका औसत 18 से भी कम रहा. ये आंकड़े आधुनिक टी20 क्रिकेट के सबसे रचनात्मक बल्लेबाजों में से एक के तौर पर उनकी जो छवि है, उसके बिल्कुल विपरीत हैं. सूत्र ने कहा,"अगर कोई सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर सकता, तो वह एक कप्तान कैसे बन सकता है? इसलिए उसे टीम में बनाए रखना मुश्किल है, लेकिन अजीत (अगरकर) और गौतम को एक ही राय पर होना होगा."

और यहीं पर असली पेंच है. गंभीर को सिर्फ नाम का मुख्य कोच बनकर काम करने की आदत नहीं है. जो लोग उनके काम करने के तरीके से परिचित हैं, वे कहते हैं कि जिस भी टीम की कमान उनके हाथ में होती है, उसमें आखिरी फैसला अक्सर उन्हीं का होता है. इससे भी अहम बात यह है कि सूर्यकुमार के साथ उनके रिश्ते हमेशा से ही बहुत अच्छे रहे हैं. इसका मतलब यह है कि अगर गंभीर सूर्यकुमार का साथ देने का फैसला करते हैं और उसे टीम से निकालने के फैसले को वीटो कर देते हैं तो चयन समिति को शायद उस फैसले को टालना पड़े, जो होना तो तय ही है.

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