देश के पूर्व टेस्ट ओपनर आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) ने T20I फॉर्मेट के नए कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) की जमकर सराहना की है. उनका मानना है कि श्रेयस का शांत स्वभाव और सकारात्मक सोच अन्य युवा कप्तानों से उन्हें अलग बनाती है. 31 वर्षीय अय्यर को हाल ही में सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) के बाद भारतीय टीम का अगला T20I कप्तान बनाया गया है. मगर बतौर कप्तान उनकी शुरुआत कुछ खास नहीं रही. टीम को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर शिकस्त का सामना करना पड़ा. हालांकि, इसके बाद टीम जिम्बाब्वे दौरे पर वापसी करने में कामयाब रही. यहां टीम 3-0 से जीत हासिल करने में कामयाब रही थी.
श्रेयस अय्यर के खराब शुरुआत के बावजूद आकाश चोपड़ा ने इस बात पर जोर दिया है कि वह हमेशा टीम के प्रदर्शन और सकारात्मक पहलुओं को लेकर खुलकर बात करते रहे हैं. आकाश चोपड़ा ने दूरदर्शन के एक कार्यक्रम 'द ग्रेट इंडियन क्रिकेट शो' में कहा, 'श्रेयस अय्यर के व्यक्तित्व की एक खास बात जो है. वह यह है कि उन्हें आप नकारात्मक बातें करते हुए कभी नहीं सुनेंगे. वे वास्तविकता में विश्वास रखते हैं. उनका मानना है कि मुंह से निकला हर शब्द सच हो सकता है. इसी सोच के कारण आप उन्हें कभी भी नकारात्मक माहौल बनाते हुए या नकारात्मक बातें करते हुए नहीं पाएंगे.'
48 वर्षीय दिग्गज ने अपनी बातों पर जोर देते हुए कहा कि अय्यर की सकारात्मक बातें और मानसिक शांति पर ध्यान केंद्रित करने की कला युवा खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन लाने के लिए मदद करता है.
उन्होंने, 'अगर हम खुद से पुछे कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कब करते हैं? तो हमारा जवाब होगा हम तब सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हैं जब हम सहज महसूस करते हैं. जीवन में दबाव हमेशा होता है, जो कि जीवन का स्वाभाविक हिस्सा है. मगर कप्तान और कोच भी दबाव बढ़ाने लगे और आसपास का माहौल ऐसा बन जाए कि आप अनावश्यक दबाव महसूस करने लगें, तो वह किसी के लिए भी मददगार साबित नहीं होगा. कप्तान वही अच्छा होता है जो बातों को समझे. श्रेयस वैसे ही कप्तान हैं. वह खिलाड़ियों से चर्चा करते हैं और कहते हैं आप जितना बेहतर कर सकते हैं. उतना बेहतर कीजिए. हम नकारात्मक चीजों पर ध्यान नहीं देंगे. हम सकारात्मक बने रहेंगे. यह भी सही है कि हमेशा सकारात्मक सोच से ही सब कुछ अच्छा नहीं होता है. मगर आप जब किसी युवा खिलाड़ी से बात करेंगे तो वह यही बताएगा कि सबसे अच्छा कप्तान वही होता है जो हमेशा डांटता नहीं है और खिलाड़ियों पर बेवजह दबाव नहीं बनाता है.'
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