भारत के पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे T20I में ईशान किशन के उपलब्ध होने पर वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI से बाहर करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं. उनका तर्क है कि इस युवा खिलाड़ी को केवल चोटिल खिलाड़ियों के रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि अगर सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में नियमित मौके मिलने की संभावना नहीं है, तो उनके लिए घरेलू क्रिकेट- खासकर फर्स्ट-क्लास क्रिकेट - में वापस जाना बेहतर होगा. इससे उन्हें मैच का जरूरी अनुभव मिलेगा और वे क्रीज पर ज्यादा समय बिता सकेंगे.
ईशान किशन के चोटिल होने के कारण बाहर होने के बाद, सूर्यवंशी को न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे और तीसरे T20I में खेलने का मौका मिला था. इन दो मैचों में उन्होंने 4 और 45 रन बनाए, जिसके बाद चौथे मैच के लिए उन्हें प्लेइंग XI से हटा दिया गया.
अपने यूट्यूब चैनल पर चोपड़ा ने कहा, 'पिछले मैच में अभिषेक ने 100 रन बनाए और वैभव अपनी 50 पूरी करने से चूक गए, लेकिन उनकी बल्लेबाजी बहुत अच्छी रही. इसके बाद सवाल यह उठा कि अगर ईशान फिट हैं, तो किसे बाहर किया जाएगा? अगर आप तार्किक रूप से सोचें, तो इसका जवाब वैभव सूर्यवंशी है, क्योंकि उन्होंने चोटिल किशन की जगह ली थी. लेकिन यह एक 'डेड रबर' (जिसका सीरीज के नतीजे पर कोई असर न पड़े) मैच था.'
उन्होंने आगे कहा, 'वैभव सूर्यवंशी को बाहर करने का फैसला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है. क्या आप वैभव सूर्यवंशी को तभी खिलाएंगे जब कोई खिलाड़ी चोटिल हो या उपलब्ध न हो? अगर ऐसा है, तो आप उन्हें घर भेज सकते हैं. आप उनसे कह सकते हैं कि वे जाकर फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेलें. बेशक, भारतीय ड्रेसिंग रूम में रहकर वे बहुत कुछ सीख सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा लंबे समय तक चलता है, तो उन्हें मैदान पर जाकर बल्लेबाजी करने का मौका मिलना चाहिए.'
चोपड़ा ने टीम मैनेजमेंट से सूर्यवंशी को लेकर अपनी योजनाओं और दीर्घकालिक विजन को स्पष्ट करने की मांग की. उन्होंने इस युवा खिलाड़ी को बाहर किए जाने और टीम में उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टता की कमी पर निराशा जताई. 'टीम को सामने आकर बताना चाहिए कि उनका रोडमैप और फिलॉसफी क्या है. हो सकता है कि उन्होंने इस बारे में पहले ही सोच लिया हो और कोई प्लान भी बना लिया हो, लेकिन उन्होंने किसी को बताया नहीं है. इसलिए, हमें नहीं पता कि वे वैभव सूर्यवंशी के साथ क्या करने वाले हैं. उनका न होना थोड़ा निराशाजनक था," चोपड़ा ने कहा. किशन की वापसी निराशाजनक रही. वे बिना खाता खोले (डक पर) आउट हो गए. भारत 260 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा कर रहा था, लेकिन अंत में 172/9 के स्कोर पर ही सिमट गया.
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