
कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण और लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से जहां कई लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा तो वहीं युवाओं को नौकरी (Jobs) मिलने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में अब ग्रेजुएट छात्र चाय बेचते नजर आ रहे हैं. यही नहीं, अमेरिका से लौटे लोग भी अब खाने की दुकानें खोल रहे हैं.
BSCIT में ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद विकी पालकर ने कई जगहों पर काम ढूंढा लेकिन कहीं बात नहीं बनी. इसके बाद उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर मुंबई के तिलक नगर स्टेशन के पास चाय की एक छोटी सी दुकान खोली. इस दुकान में उनका साथ निसर्ग जाधव दे रहे हैं, जो खुद BMM से ग्रेजुएशन कर रहे हैं.
यही हाल होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर चुके राम चौधरी का है. मार्च महीने तक राम अमेरिका के एक क्रूज़ में काम करते थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद सब कुछ बंद है. उन्होंने भारत में भी कई बड़े-बड़े होटलों में काम ढूंढने की कोशिश की, लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला. आखिरकार उन्होंने फ्रैंकी और सैंडविच की एक दुकान खोल ली.
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लॉकडाउन और कोरोना का असर आम आदमी की जेब पर पड़ता नज़र आ रहा है.. CMIE के रिपोर्ट के अनुसार लॉकडाउन से पहले तक 30 से 35 फीसदी लोगों ने माना था कि पिछले साल की तुलना में उनकी कमाई में बढ़ोतरी हुई है. लॉकडाउन के बाद अब केवल 5.4 फीसदी लोगों की कमाई में बढ़ोतरी हुई है. वहीं 49.8 फीसदी लोगों के वेतन में कटौती होने की बात सामने आई है. 44.7 फीसदी लोगों के वेतन में कोई बदलाव नहीं हुआ. लॉकडाउन से पहले यह आंकड़ा 39 फीसदी था.
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