
प्रतीकात्मक तस्वीर
तिरूवनंतपुरम:
स्कूली बच्चों को राहत देते हुए केरल के राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे बरसात के मौसम में बच्चों को जूते-मोजे पहनने के लिए बाध्य ना करें। दरअसल एक अभिभावक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गीले जूते-मोजे पहनने पर बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो जाती है। इसी के आधार पर आयोग की अध्यक्ष शोभा कोशी और सदस्य के नजीर ने यह निर्देश दिया।
इस मामले में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस संबंध में स्कूलों को सूचित करें। उनसे 10 दिनों के भीतर क्रियान्वयन रिपोर्ट देने को भी कहा गया है। यह निर्देश ऐसे वक्त में आया है जब केरल में दक्षिण-पश्चिमी मानसून अपने पूरे शबाब पर है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
इस मामले में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस संबंध में स्कूलों को सूचित करें। उनसे 10 दिनों के भीतर क्रियान्वयन रिपोर्ट देने को भी कहा गया है। यह निर्देश ऐसे वक्त में आया है जब केरल में दक्षिण-पश्चिमी मानसून अपने पूरे शबाब पर है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
स्कूली बच्चे, मानसून, बारिश, केरल बाल अधिकार संरक्षण आयोग, दक्षिण-पश्चिमी मानसून, केरल, School Children, Monsoon, Kerala Child Protection Rights Commission, South-West Monsoon, Kerala